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हीट स्ट्रोक के उपचार
गर्मी का मौसम साल का सबसे कठीन मौसम होता है। हलाकि हर कोई आपने आपको इसके लिए तैयार करता लेकिन साल में यही वो समय जब सभी छुट्टीयों को भी इंजाय करना चाहते हैं। लेकीन यह गर्मी तमाम तरह की स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर भी आती है। सबसे प्रमुख हीट स्ट्रोक (लू लगना) होता है।
हीट स्ट्रोक क्या है ?
हीट स्ट्रोक अत्यधिक तापमान में लंबे समय तक रहने के कारण होता है और इसे तत्काल इलाज की जरूरत होती है। आमतौर पर डिहाइड्रेशन तथा शरीर के तापमान नियंत्रण प्रणाली की विफलता के कारण होता है। शरीर का तापमान अगर 104 फारेनहाइट से अधिक होता है तो इसे हीट स्ट्रोक का लक्षण माना जाता है। हीट स्ट्रोक के कारण सेन्ट्रल नर्व सिस्टम में भी काम्पलिकेशन देखने को मिलता है।
हीट स्ट्रोक से बचाव के उपाय:
एक्सरसाइज करने से पहले और बाद पानी जरूर पीयें। फल के जूस और पानी मिलाकर कम से कम 8 ग्लास तरल पदार्थ प्रतिदिन लें।
ठंडे पानी से स्नान करें और शावर लें तथा पर्याप्त मात्रा में आराम करें।
हल्का व तरल पौष्टिक भोजन खाएं। खाने में ककड़ी, तरबूज, नारियल, बेल को शामिल करें। पानी भी खूब पीयें।
हल्के रंग के और ढीले सूती कपड़े पहनें।
ज्यादा देर तक बाहर रहने पर शरीर और कपड़ों पर पानी का छिडकाव करें।
छाता या टोपी का उपयोग करके दोपहर 11 बजे से 3 बजे के बीच धूप में बाहर निकलने से बचें।
शराब, मीठे पेय और बहुत अधिक कैफीन लेने से बचें - ये डिहाइड्रेशन का कारण बनते हैं।
दिन में जब अत्यधिक गर्मी का समय हो तो किसी भी प्रकार की एक्सरसाइज से बचें।
बिना वेंटिलेशन वाली गाड़ी में बच्चों या बड़े बुजुर्गों को कभी न छोड़ें।
बच्चों और वृद्ध डिहाइड्रेशन के शिकार न हो इसका ध्यान रखें।
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