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बगैर स्टंट और बाईपास सर्जरी के खुल सकता है हार्ट का ब्लॉकेज, बाबा रामदेव ने बताए 4 उपाय

दिल की सेहत का दिल से ध्यान रखना जरूरी है वरना दिल के रोगों का खतरा बढ़ सकता है। खराब खान-पान और तनाव का असर हमारे दिल पर भी पड़ता है। दिल की सेहत का ध्यान रखने के लिए डाइट का ध्यान रखना जरूरी है। खराब डाइट हमें दिल का मरीज बना सकती है। दिल की बीमारियों में सबसे बड़ी बीमारी दिल का दौरा पड़ना है जिसे हार्ट अटैक कहते हैं। दिल की बीमारी को दूर करने के लिए बाईपास सर्जरी का भी सहारा लिया जाता है।

डॉक्टर दिल के दौरे को टालने या फिर दिल का दौरा पड़ने पर मरीज की जान बचाने के लिए एक समय ऑपरेशन का सहारा लेते हैं। हालांकि अब बैलून एंजियोप्लास्टी और विभिन्न तरह के स्टेंट्स के विकास के कारण हृदय धमनियों में हुए ब्लॉकेज को हटाने के लिए डॉक्टर बाईपास सर्जरी नहीं करते।

हार्ट बाईपास सर्जरी तब की जाती है जब कोरोनरी धमनियां किसी वजह से अवरुद्ध या संकरी हो जाती हैं। बाईपास सर्जरी दिल में रक्त व ऑक्सीजन के प्रवाह को ठीक करने के लिए की जाती है। दिल को सेहतमंद रखने के लिए मेडिकल थेरेपी बेहद असरदार है। मेडिकल थेरेपी में दवाएं और जीवनशैली में बदलाव, डाइट और व्यायाम शामिल हैं।

आप भी दिल के मरीज़ है तो अपने लाइफस्टाइल में बदलाव करें और बाबा राम देव के बताए गए टिप्स को अपनाएं। हार्ट में यदि ब्लॉकेज है, तो अब आपको बाईपास सर्जरी या इनवेसिव एंजियोप्लास्टी की जरूरत नहीं है। बाबा राम देव के मुताबिक बगैर स्टंट और बाईपास सर्जरी के भी नैचुरल तरीके से हार्ट के ब्लॉकेज को खोला जा सकता है।

अनुलोम-विलोम प्रणायाम करें: बाबा राम देव के मुताबिक दिल को सेहतमंद रखने के लिए आप हार्ट को नैचुरल तरीके से प्रोटेक्ट कीजिए। ब्लॉकेज को खोलने के लिए आप अनुलोम-विलोम प्रणायाम करें। हार्ट ब्लॉकेज को ठीक करने के साथ ही ये शरीर में कोलेस्ट्रॉल लेवल को कंट्रोल करने में भी असरदार है। इस योग को नियमित रूप से करने से ब्लॉक नाड़ी खुलती है। साथ ही शरीर में उर्जा का प्रवाह सही ढंग से होता है।

कपालभांती प्रणायाम कीजिए: ​कपालभाति प्राणायम को डायरेक्ट नहीं करते हैं। पहले अनुलोम विलोम का अभ्यास होने के बाद ही इसे करते हैं। कपालभांती को सही तरीके से करने से हार्ट में ब्लॉकेज नहीं बनते। कपालभांति प्रणायाम करने से कोलेस्ट्रॉल के बढ़ने का खतरा नहीं होता। ये प्रणायाम फेफड़ों और दिल की सेहत के लिए उपयोगी है।

लौकी से करें हार्ट ब्लॉकेज का इलाज: दिल के रोगों को दूर करने के लिए आप लौकी के जूस का सेवन करें। हार्ट ब्लॉकेज दूर करने के लिए लौकी की सब्जी और लौकी का जूस बेहद फायदेमंद होता है। लौकी के जूस में तुलसी की पत्तियां या फिर पोदीना मिलाकर पिएं। इसके स्वाद को बदलने के लिए आप सेंधा नमक मिला सकते हैं। आप हफ्ते में 5 दिन लौकी के जूस का सेवन करें ब्लैकेज दूर होगी।

अर्जुन की छाल का सेवन करें: औषधीय गुणों से भरपूर अर्जुन की छाल और उसका जूस कोलेस्‍ट्रॉल तथा मोटापे जैसी बीमारी को दूर करने के लिए किया जाता है। अर्जुन की छाल दिल के मरीजों पर टॉनिक की तरह काम करती है। इसमें हीलिंग गुण होते हैं जो दिल के लिए बेहतर माने जाते हैं।

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