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हार्ट अटैक और पैनिक अटैक में क्‍या अंतर है? एक्‍सपर्ट से जानिए दोनों के कारण, लक्षण और बचाव

हार्ट अटैक और पैनिक अटैक में क्‍या अंतर है? जानिए दोनों के कारण, लक्षण और बचाव
Heart Attack Vs Panic Attack: अचानक सीने में तेज दर्द का उठना हार्ट अटैक का संकेत हो सकता है, हालांकि इसी प्रकार का दर्द पैनिक अटैक में भी हो सकता है। जानिए हार्ट अटैक और पैनिक अटैक में अंतर क्या है, दोनों के कारण, लक्षण और उपचार क्या हैं?

हार्ट अटैक और पैनिक अटैक (Heart Attack Vs Panic Attack In Hindi) के बीच अंतर करना थोड़ा मुश्किल है क्योंकि दोनों के लक्षण लगभग एक जैसे हैं। अत्यधिक तनाव और चिंता पैनिक अटैक के प्रमुख कारण हैं, जिससे दिल का दौरा भी पड़ सकता है। दोनों के बीच के अंतर को को समझना जीवनदायी हो सकता है और आपको बेहतर तरीके से समस्या से निपटने में मदद कर सकता है। तो आइए जानते हैं दिल का दौरा और पैनिक अटैक के बीच अंतर, कारण, लक्षण और उपचार क्‍या है।
दिल का दौरा या हार्ट अटैक क्या है (Heart Attack In Hindi)

दिल का दौरा (Heart Attack) तब होता है जब हृदय तक ब्‍लड और ऑक्सीजन पहुंचाने वाली कोरोनरी धमनी अवरुद्ध या बाधित हो जाती है। यह हृदय की मांसपेशियों को रक्त और ऑक्सीजन के प्रवाह को रोकता है। कुछ दिल के दौरे तुरंत होते हैं और घातक हो सकते हैं, जबकि अन्य छोटी समस्‍याएं हैं जो जीवनशैली और आहार में परिवर्तन करने के संकेत के रूप में होते हैं। हार्ट अटैक आने पर कुछ लक्षण दिखाई दे सकते हैं जैसे- सीने में बेचैनी, छाती में भारीपन, खट्टी डकार, सांस फूलना, मतली या ठंडा पसीना आना, चक्कर आना, ऊपरी शरीर में दर्द, विशेष रूप से एक या दोनों बाहों में, गर्दन, पीठ, जबड़े या पेट में दर्द हो सकता है।

हालांकि, छाती या बांह में दर्द दिल के दौरे का एक सामान्य संकेत है, जोकि अक्‍सर पता नहीं चल पाते हैं। महिलाओं को सीने में दर्द का अनुभव होने की अधिक संभावना नहीं होती। यह थकान या शरीर के ऊपरी हिस्‍से की परेशानी जैसे अन्य लक्षण दिखा सकते हैं।


डायबिटीज, उच्च कोलेस्ट्रॉल, तनाव और उच्च रक्तचाप की समस्या से पीड़ित लोगों को दिल का दौरा पड़ने का खतरा अधिक होता है। इसके अलावा, धूम्रपान, खराब आदतें और शारीरिक गतिविधियों की कमी भी जोखिम को बढ़ाती है।
पैनिक अटैक क्या होता है (Panic Attack In Hindi)

अत्यधिक तनाव, चिंता और डर, जो कुछ ही मिनटों के भीतर अपने चरम पर पहुंच जाते हैं, पैनिक अटैक के कारण हो सकते हैं। यदि कोई व्यक्ति किसी तनावपूर्ण घटना के कारण पैनिक अटैक आ सकता है। हालांकि, कुछ मामलों में, पैनिक अटैक के कोई स्पष्ट संकेत नहीं देखे जाते हैं। पैनिक अटैक के सबसे आम लक्षण हैं:

छाती में दर्द
तेज हार्ट बीट
पसीना आना
मरने का डर
सिर चकराना
जी मिचलाना
ठंड लगना
शरीर में झनझनाहट

पैनिक अटैक को ब्रीदिंग एक्‍सरसाइज, हल्के व्यायाम और ध्यान द्वारा नियंत्रित किया जा सकता है। पैनिक अटैक से पीड़ित लोगों के लिए निर्धारित अवसादरोधी और अन्य दवाएं तीव्रता को कम कर सकती हैं।


हार्ट अटैक और पैनिक अटैक में अंतर - (Difference Between Heart Attack And Panic Attack In Hindi)

इन दोनों स्थितियों के कुछ लक्षण खतरनाक रूप से समान हैं, एशियन हार्ट इंस्टीट्यूट, मुंबई के वरिष्ठ इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ तिलक सुवर्णा के अनुसार, कुछ ऐसे तरीके हैं जिनसे कोई भी इस अंतर को समझ सकता है जैसे:

कोई दिल की बीमारी की कोई हिस्ट्री है या स्मोकिंग, डायबिटीज, हाइपरटेंशन, हाई कोलेस्ट्रॉल जैसेकारक हैं, चेस्ट पेन और पूरी तरह से सांस ना आना जैसे लक्षणों को इग्नोर नहीं करना चाहिए। ये दिल संबंधी बीमारी का खतरा हो सकते हैं
यदि रेस्ट के समय लक्षण मौजूद हैं और चलने जैसे किसी शारीरिक एक्टिविटी से नहीं बढ़ते, तो वो दिल से संबंधित नहीं हैं।
यदि लक्षण चलने से बढ़ जाते हैं और फिर रुकने कम हो जाते हैं, तो वे दिल या एनजाइना होने की संभावना रखते हैं।
सीने में दर्द, जो पिन-पॉइंट या चुभन की प्रकृति है, गहरी सांस लेने पर या दबाने पर या शरीर के हिलने-डुलने पर बढ़ जाता है, यह मस्कुलो-स्केलेटल पेन हो सकता है।
यदि संदेह है, तो ईसीजी करवाने में कोई बुराई नहीं। इस तरह से हार्ट अटैक से बचा जा सकता है।

हालांकि, दोनों स्थितियों के लक्षण समान हैं, मगर दोनों के परिणाम एक-दूसरे से पूरी तरह से अलग हैं। पैनिक अटैक में व्यक्ति को थोड़ी घुटन महसूस हो सकती है, लेकिन दिल का दौरा जीवन के लिए एक गंभीर खतरा है। दिल का दौरा और पैनिक अटैक के सामान्य लक्षण हैं।
डॉक्‍टर के पास कब जाएं

यदि आप अपनी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर शंका में हैं, तो किसी भी दुर्घटना से बचने के लिए तत्काल चिकित्सक से मिलना चाहिए। यदि आप अचानक सीने में दर्द का अनुभव कर रहे हैं जोकि 2 से 3 मिनट से ज्‍यादा समय तक है और दर्द बाकी अंगों तक फैल रहा है तो आपको तुरंत अस्‍पताल जाना चाहिए। हार्ट अटैक के मामले में किसी भी तरह की देरी जानलेवा हो सकती है। यदि आप पैनिक अटैक के दौर से बार-बार गुजरते हैं, तो सही उपचार लें, लक्षणों को नियंत्रित करने के लिए आपको कुछ दवा दी जा सकती है।

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