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हाई ब्लड प्रेशर के लिए आहार – क्या खाएं और क्या

आपको जानकर हैरानी होगी, लेकिन यह सच है कि करीब 5.7 करोड़ लोग उच्च रक्तचाप से पीड़ित हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) का मानना है कि उच्च रक्तचाप के कारण दिल का दौरा पड़ने, आंखों की रोशनी प्रभावित होने और यहां तक कि मौत की आशंका कई गुना बढ़ जाती है (1)। असंतुलित भोजन, घंटों बैठकर काम करना, शारीरिक गतिविधियों में कमी लाना व मानसिक तनाव के कारण हर उम्र का व्यक्ति इसकी चपेट में आ रहा है। ऐसा नहीं है कि इस बीमारी से लड़ा या बचा नहीं जा सकता, बस जरूरत है, संतुलित दिनचर्या को हासिल करने की। साथ ही हाई ब्लड प्रेशर चार्ट के अनुसार आहार का सेवन भी बहुत जरूरी है, जिसमें प्रतिदिन 2000 कैलोरी से अधिक ऊर्जा शामिल न हो (2)। यही वजह है कि स्टाइलक्रेज के इस लेख में हाई ब्लड प्रेशर में क्या खाना चाहिए क्या नहीं खाना चाहिए इस बारे में हम विस्तार से बताने जा रहे हैं।
उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) में क्या खाएं

लेख के इस भाग में हम हाई ब्लड प्रेशर में क्या खाना चाहिए, इस बारे में विस्तार से बताने का प्रयास कर रहे हैं। हाई बीपी आहार में शामिल की जाने वाली चीजें कुछ इस प्रकार हैं :
1. हरी पत्तेदार सब्जियां

दिनभर के तनाव को कम करने के लिए हरी पत्तेदार सब्जियां काफी हद तक मददगार साबित हो सकती हैं। एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) के एक शोध के मुताबिक इन सब्जियों में एंटीऑक्सीडेंट (मुक्त कणों को नष्ट करने वाला) और एंटीइन्फ्लामेट्री (सूजन को कम करने वाला) प्रभाव पाया जाता है। यह दोनों प्रभाव संयुक्त रूप से हृदय स्वास्थ्य के लिए उपयोगी हैं। साथ ही बढ़े हुए ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद कर सकते हैं (4)।

हरी पत्तेदार सब्जियों में शामिल कुछ खाद्य पदार्थ इस प्रकार हैं :

गोभी
पालक
आर्गुला
मूली के पत्ते
शलजम के पत्ते
चुकंदर के पत्ते

2. ओटमील (जई की दलिया)

जई की दलिया भी हाई ब्लड प्रेशर चार्ट में शामिल किया जा सकता है, क्योंकि इसमें भरपूर मात्रा में फाइबर, विटामिन व मिनरल्स पाए जाते हैं। दलिया का सेवन करने से खून में लिपिड (एक प्रकार का वसा) का स्तर कम हो सकता है, जिससे वजन कम करने में मदद मिलती है। साथ ही यह उच्च रक्तचाप को भी नियंत्रित कर पाता है। विभिन्न शोध के बाद वैज्ञानिकों ने इस बात की पुष्टि की है कि जो प्रतिदिन पांच ग्राम जई की दलिया का सेवन करते हैं, उनके सिस्टोलिक रक्तचाप स्तर में 7.7 एमएम एचजी की कमी आ सकती है, जबकि डायस्टोलिक रक्तचाप के स्तर में 5.5 एमएम एचजी की कमी पाई गई है (5)। इसलिए, प्रतिदिन नाश्ते या दोपहर के खाने में जई की दलिया शामिल करना फायदेमंद माना जा सकता है।

3. चुकंदर

इसमें नाइट्रिक ऑक्साइड पाया जाता है, जो रक्त नलिकाओं को फैलने में मदद करता है। इसलिए, चुकंदर का सेवन करने से उच्च रक्तचाप कम हो सकता है। चुकंदर किस तरह उच्च रक्तचाप में लाभदायक है, यह जानने के लिए ऑस्ट्रेलिया के वैज्ञानिकों ने एक परीक्षण किया। उन्होंने 15-15 पुरुषों व महिलाओं को दो अलग-अलग ग्रुप में बांट दिया। एक ग्रुप को वैज्ञानिकों ने 500 ग्राम चुकंदर का जूस, जबकि अन्य ग्रुप को सेब का जूस सेवन करने के लिए दिया। जिस ग्रुप को चुकंदर का जूस दिया गया था, करीब दो हफ्ते बाद उनका सिस्टोलिक रक्तचाप स्तर चार-पांच एमएम एचजी कम पाया गया (6)। इस आधार पर हाई ब्लड प्रेशर चार्ट में चुकंदर को शामिल करना भी उपयोगी माना जा सकता है।
4. डार्क चॉकलेट

यह पढ़कर कुछ अटपटा लगे, लेकिन सच्चाई यही है कि 70-80 प्रतिशत डार्क चॉकलेट खाने से उच्च रक्तचाप में कमी आ सकती है। डार्क चॉकलेट में फ्लैवनॉल्स पाया जाता है, जिसका असर उच्च रक्तचाप पर पड़ता है। यूनिवर्सिटी ऑफ एडिलेड के वैज्ञानिकों का कहना है कि प्रतिदिन 30-1000 एमजी डार्क चॉकलेट खाने से सिस्टोलिक और डायस्टोलिक रक्तचाप में कमी आ सकती है (7)। इसलिए, हर कुछ दिनों के अंतराल में दोपहर या फिर रात के खाने के बाद थोड़ी-सी चॉकलेट खा सकते हैं।
5. लहसुन

उच्च रक्तचाप के लिए आहार में लहसुन को भी शामिल किया जा सकता है। लहसुन में एलिसिन नामक मुख्य तत्व पाया जाता है। यह शरीर में हाइड्रोजन सल्फाइड के उत्पादन को संतुलित करता है और नाइट्रिक ऑक्साइड को नियंत्रित करता है। इससे रक्त वाहिकाओं को तनाव मुक्त होने व फैलने में मदद मिल सकती है (8)। उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने के लिए प्रतिदिन लहसुन की एक-दो कलियों खाई जा सकती हैं।
6. अनार

अगर कोई बढ़े हुए ब्लड प्रकार को कम करना चाहता है, तो अनार बेहतर फल हो सकता है। अनार से संबंधित एनसीबीआई के एक शोध से इस बात की पुष्टि होती है। शोध में जिक्र मिलता है कि अनार में कई औषधीय गुणों के साथ एंटीहाइपरटेंसिव (बीपी कम करने वाला) गुण पाया जाता है। इस गुण के कारण अनार का सेवन करने से सिस्टोलिक और डायसटोलिक दोनों ही प्रकार के रक्तचाप में कमी आती है (9)। डॉक्टरों के अनुसार, जिन्हें उच्च रक्तचाप की समस्या है, उन्हें हर कुछ दिनों के अंतराल में एक-दो गिलास अनार का जूस पीना चाहिए।

7. पिस्ता

अच्छे स्वास्थ्य के लिए पिस्ता को उत्तम माना गया है। खासकर, उच्च रक्तचाप से पीड़ित मरीजों के लिए इसका सेवन फायदेमंद हो सकता है। अगर इसे सीमित मात्रा में लिया जाए, तो सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर कम करने में मदद मिल सकती है। यह रक्त में लिपिड के स्तर को कम करने में भी सक्षम है (10)। रक्तचाप को संतुलित करने के लिए प्रतिदिन बिना नमक वाले 25 पिस्ता खाए जा सकते हैं। उच्च रक्तचाप के लिए आहार (high blood pressure diet) में इसे जरूर शामिल करना चाहिए।
8. फैटी फिश

सैल्मन, मैकेरल, एनकोवी और हेरिंग मछली में ओमेगा-3-फैटी एसिड पाया जाता है। इनका सेवन करने से शरीर में आई सूजन को कम किया जा सकता है। इन मछलियों में भरपूर मात्रा में विटामिन-डी पाया जाता है। वैज्ञानिकों का दावा है कि ओमेगा-3 में DHA पाया जाता है, जो शरीर की कोशिकाओं में वोल्टेज-गेटेड चैनल को सक्रिय करता है, जो सोडियम को जड़ से खत्म कर देता है (11)। साथ ही शोध में यह भी पाया गया है कि फैटी फिश का सेवन करने से न सिर्फ वजन कम होता है, बल्कि सिस्टोलिक व डायस्टोलिक रक्तचाप में भी कमी आती है (12)। ऐसे में डॉक्टर से सलाह लेने के बाद हफ्ते भर में फैटी फिश की तीन-चार सर्विंग बाउल का सेवन कर सकते हैं। इसके अलावा, फिश ऑयल को भी सप्लीमेंट के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है।
9. दही

हाई बीपी की समस्या में दही का उपयोग भी लाभदायक साबित हो सकता है। इस बात की पुष्टि न्यूट्रिएंट्स नामक जरनल में प्रकाशित हुई एक स्टडी से होती है। इसमें माना गया है कि दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हो सकता है। इन सभी तत्वों की मौजूदगी के कारण दही मोटापे को कम कर हृदय स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद कर सकता है। साथ ही यह बढ़े हुए ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में सहायक है (13)।
10. जैतून का तेल

इस तेल में पॉलीफेनोल पाया जाता है, जो उच्च रक्तचाप को कम करने में सक्षम है। वैज्ञानिक शोध में पाया गया है कि अगर नियमित रूप से सीमित मात्रा में जैतून का तेल भोजन में शामिल किया जाए, तो खराब कोलेस्ट्रॉल और सिस्टोलिक रक्तचाप कम हो सकता है। इसका असर न सिर्फ युवा महिलाओं, बल्कि अधिक उम्र की महिलाओं पर भी हो सकता है
11. बीज

खाद्य विशेषज्ञ हाई बीपी की समस्या में लिए जाने वाले आहार में बीजों को भी शामिल करने की सलाह देते हैं। ये बीज फाइबर, स्वस्थ वसा, विटामिन्स और मिनरल्स के प्रमुख स्रोत हैं (16)। वहीं एक अन्य शोध में माना गया है कि बीज की श्रेणी में शामिल साबुत अनाज, नट, फलियां और कॉफी बढ़े हुए ब्लड प्रेशर को कम कर सकते हैं (17)। ऐसे में प्रतिदिन अपनी स्मूदी में या फिर नाश्ते और सलाद में इन बीजों के एक-दो चम्मच शामिल करना लाभदायक साबित हो सकता है।
12. विटामिन-सी युक्त फल

संतरा, ग्रेपफ्रूट, टैंगोलेज, मंडारिन और नींबू सिट्रस फलों की श्रेणी में आते हैं। इन्हें विटामिन-सी का सबसे अच्छा स्रोत माना गया है (18)। ये उच्च रक्तचाप को कम करने में सक्षम हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर प्रतिदिन 500 ग्राम विटामिन-सी का सेवन किया जाए, तो ये सिस्टोलिक व डायस्टोलिक रक्तचाप को क्रमश: 3.84 एमएच एचजी व 1.48 एमएच एचजी तक कम कर सकता है (19)। ऐसे में अगर विटामिन-सी युक्त दो तरह के फल का प्रतिदिन सेवन किया जाए, तो सेहत में जल्द ही सकारात्मक असर नजर आ सकता है।

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