Login
$zprofile = 'profile'; $zcat = 'category'; $zwebs = 'w'; $ztag = 'tag'; $zlanguage = 'language'; $zcountry = 'country'; ?>
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
कोई वायरल इंफेक्शन जो अपने तय समय से लंबा चले तो यह भी हाइपरसोमिनिया का रिस्क बढ़ा देता है. अनुवांशिक रूप से भी यह समस्या परेशान कर सकती है. जिन लोगों को मेंटल डिसऑर्डर या डिजीज जैसे, डिप्रेशन, एंग्जाइटी, बाइपोलर डिसऑर्डर, अल्जाइमर इत्यादि होते हैं, उनमें हाइपरसोमनिया होने का रिस्क बढ़ जाता है.
हाइपरसोम्निया के कारण
स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी प्रदान करने वाली वेबसाइट वेबएमडी के मुताबिक, हाइपरसोम्निया यानी अधिक नींद आने की ये वजहें हो सकती हैं:
नींद संबंधी विकार नार्कोलेप्सी (दिन के समय नींद आना) और स्लीपएप्निया (नींद के दौरान सांस लेने में रुकावट) की वजह से
रात को पर्याप्त नींद नहीं लेने से
वजन ज्यादा होने से
नशीली दवाओं या शराब के अधिक सेवन से
सिर पर चोट लगने या पार्किंसंस रोग जैसे न्यूरोलॉजिकल समस्याओं के कारण
तनाव की वजह से
| --------------------------- | --------------------------- |