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हर्पीस वेरिसेला जोस्टर वायरस के कारण होती है। चूंकि यह एक संक्रामक बीमारी है इसलिए इसमें अत्यधिक सावधानी बरतना काफी जरूरी होता है। वैसे तो यह बीमारी 40 की उम्र के बाद किसी भी व्यक्ति को और कभी भी हो सकती है, लेकिन माना जाता है कि इसका वायरस उस व्यक्ति को सबसे ज्यादा प्रभावित करता है जिसे पहले चिकन पॉक्स हो चुका है।
कारण-
माना जाता है कि ये वही वायरस है जो कि चिकनपॉक्स के लिए जिम्मेदार है। एक बार संक्रमण फैलाने के बाद ये वायरस निष्क्रिय रहता है। समय के साथ घटती हुई रोग प्रतिरोधक क्षमता की वजह से वायरस दोबारा एक्टिव हो जाएगा और शिंगल्स हो सकते है। इस प्रक्रिया में सदियों का समय लग सकता है।
जो लोग चिकनपॉक्स का टीका नहीं लगवाते है उन्हें शिंगल्स से प्रभावित व्यक्ति से संक्रमण हो सकता है।
हर्पीस जोस्टर होने का खतरा किन कारणों से बढ़ सकता है? (What can increase the risk of herpes zoster?)
अगर आपको चिकनपॉक्स हुआ हो।
अगर आपकी उम्र 50 साल से ज्यादा है।
अगर आप HIV या फिर और किसी ऐसे संक्रमण से पीड़ित है जिससे कि आपका इम्यून सिस्टम कमजोर हो गया हो।
अगर आप तनाव से पीड़ित हैं।
अगर आपको कैंसर है या फिर आपने कभी कैंसर का इलाज करवाया है।
अगर आपने कभी इम्यून सिस्टम को प्रभावित करने वाली दवाएं खाई हैं , जैसे कि किसी ऑर्गन ट्रांसप्लांट के बाद स्टेरॉइड्स लेना।
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