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कुछ हफ्तों से कुछ महीनों तक

यदि हड्डी टूटने पर आपको प्लास्टर चढ़ाया गया है तो इसकी अवधि टूटी हुई हड्डी की स्थिति और प्रकार के हिसाब से होती है। उदाहरण के लिए कलाई या लोअर आर्म के हिस्से में हुए फ्रेक्चर को ठीक होने में 4-6 हफ़्तों का समय लग सकता है। जबकि पैरों के हिस्से में हुए बड़े फ्रेक्चर को पूरी तरह ठीक होने में 5-6 महीने का समय भी लग सकता है। वहीं रिब्स यानी पसलियों को जुड़ने में भी समय लगता है लेकिन इनके लिए प्लास्टर का उपयोग नहीं किया जा सकता बल्कि एक बेल्ट के द्वारा सिर्फ सपोर्ट दिया जा सकता है। ये इसी तरह से अपने आप जुड़ती हैं। यदि फ्रेक्चर वाली जगह पर सपोर्ट के लिए कोई तार, प्लेट या स्क्रू लगाया गया है या सर्जरी की गई है तो हीलिंग का समय और भी बढ़ सकता है।

इस पर निर्भर करता है ठीक होना

हड्डियों के जुड़ने की प्रक्रिया कई बातों पर निर्भर करती है। इसमें मरीज की उम्र से लेकर उसकी शारीरिक अवस्था तक शामिल हो सकती है। शारीरिक अवस्था से तात्पर्य इस बात से है कि मरीज का शरीर भीतर से कितना फिट है। यदि मरीज पहले से किसी बीमारी या समस्या से ग्रसित है तो फ्रेक्चर को हील करने के साथ ही उस समस्या को नियंत्रण में रखना भी जरूरी होता है, क्योंकि इसके बिना शरीर की हीलिंग प्रोसेस धीमी हो सकती है। साथ ही यदि कोई खुला घाव है तो संक्रमण का खतरा भी बढ़ सकता है। यह भी एक तथ्य है कि वयस्कों की तुलना में बच्चों की हड्डियां जल्दी जुड़ती हैं।इसलिए बड़ों को अधिक सतर्कता रखने की जरूरत होती है।

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