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एड़ी की हड्डी का बढ़ना - Adi Ki Haddi Ka Badhna Ka Ilaj in Hindi

हमारे पैर में कुल 26 हड्डियां होती है जिसमे सबसे बड़ी एड़ी की हड्डी (कैलकेनियस) होती है. इंसान की एड़ी की हड्डी को स्वाभाविक रूप से पुरे शरीर का वजन उठाने और संतुलन बनाए रखने के लिए किया जाता है. जब हम चलते है या दौड़ते है तो शरीर पर पड़ने वाले वजन को एड़ी के माध्यम से ही झेला जाता है. हमारे शरीर में एड़ी का कार्य बहुत ही महत्वपूर्ण है, यदि किसी कारणवश एड़ी में कोई चोट या कोई समस्या उत्पन्न हो जाती है तो इसका प्रभाव आपके पूरे शारीरक गतिविधि पर पड़ सकता है.

ऐसी ही एक समस्या है एड़ी की हड्डी का बढ़ना जिसमे एड़ी और पंजे के बीच के हिस्से में कैल्शियम जमा हो जाता है जिसके कारण एड़ी में हड्डी जैसा उभार आ जाता है. एड़ी की हड्डी बढ़ने से एड़ी में दर्द,सूजन और जलन जैसे लक्षण हो सकते है. इस समस्या का निदान करने के लिए डॉक्टर एक्स-रे और शरीरिक परिक्षण की मदद लेते है.


एड़ी के हड्डी बढ़ने के लक्षण - Adi Ki Haddi Badhne ke Lakshan in Hindi

आमतौर पर एड़ी की हड्डी बढ़ने के कोई लक्षण नहीं होता है. इसके कुछ सामान्य लक्षण है जो निम्नलिखित है:

सुबह उठने पर आपके एड़ी में तेज दर्द होता है.
एड़ी के आगे के हिस्से में सूजन और जलन होता है.
एड़ी में गर्मी का अनुभव हो सकता है.
एड़ी के निचले हिस्से में हड्डी जैसा उभार दिखता है.

एड़ी में हड्डी बढ़ने का कारण - Adi Ki Haddi Badhne Ke Karan in Hindi

एड़ी की हड्डी बनने का मुख्य कारण प्लैंटर फेशिया होता है, जो एड़ी और पंजे के बीच के हिस्से को सहारा देने वाला फैटी टिश्यू होता है. प्लैंटर फेशिया के ऊपर अधिक दबाब या चोट लगने के कारण एड़ी की हड्डी बढ़ता है.

प्लैंटर फेशिया में और चोट लगने से बॉडी प्रभावित क्षेत्र को ठीक करने के लिए कैल्शियम एकत्रित करने लग जाता है, जब कैल्शियम जरुरत से अधिक एकत्रित हो जाता है तो एड़ी में हड्डी जैसा उभार बन जाता है.
एड़ी की हड्डी बढ़ने से बचाव - Adi Ki Haddi Badhne Se Bachav

एड़ी की हड्डी बढ़ने से बचने के लिए पैरों पर पड़ने वाले दबाब को कभी नजरअंदाज ना करें और अपने पैरों को आराम दें.

एड़ी में होने वाले किसी भी प्रकार के दर्द को नजरअंदाज न करें. दर्द होने पर किसी भी भारी गतिविधि में शामिल ना हो जैसे एक्सरसाइज करना या दौड़ना या फिर जूत्ते पहने रखने से एड़ी की हड्डी बढ़ने की समस्या उत्पन्न हो सकती है.
अगर किसी शारीरक गतिविधि से दर्द उत्पन्न होता है तो उस प्रभावित क्षेत्र पर इचे लगाएं और अपने पैरों को राहत पहुंचाए.
हमेशा सही नाप वाले जूत्ते ही पहने.
एड़ी और पंजे पर ज्यादा दबाब वाले जूत्ते न पहनें.

एड़ी के हड्डी बढ़ने का इलाज - Adi Ki Haddi Badhne Ka Ilaj in Hindi

एड़ी के हड्डी बढ़ने का निम्नलिखित उपचार है:
नॉन सर्जिकल ट्रीटमेंट

मौजे- जूत्ते के अन्दर विशेष रूप से बनाए गए मौजों का इस्तेमाल करें, जो एड़ी के दबाब को कम करता है.
जब आप नंगे पैर चलते है तो आपके प्लैंटर फेशिया पर अधिक दबाब पड़ता है, इसलिए नंगे पैर न चलने की कोशिश करें.
हमेशा उचित नाप और आरामदायक जूत्ते पहनें, यह आपके पैर से दबाब और दर्द को कम करता है.
कोर्टीसोन के टीके से प्रभावित क्षेत्र में सूजन और दर्द कम होता है. अगर दवा से कोई असर नहीं होता है तो टीका एक प्रभावी उपाय हो सकता है.
दर्द से निदान पाने के लिए आइस भी एक प्रभावी उपचार साबित हो सकता है. यह दर्द और सूजन से राहत प्रदान करता है.
दर्द होने पर प्रयाप्त आराम भी प्रभावित क्षेत्र पर दर्द और सूजन को कम करता है.
दर्द से छुटकारा पाने के लिए पिंडली की मांसपेशियों को स्ट्रेच करने वाले एक्सरसाइज से दर्द में कमी आती है.

सर्जिकल ट्रीटमेंट

अगर ऊपर दिए गए उपचार से एड़ी की हड्डी बढ़ने का कोई निदान नहीं होता है तो आपको सर्जरी करवाना पद सकता है.

सर्जरी में दो तरीके अपनाए जाते है.

प्लैंटर फेशिया को निकाल कर एड़ी की बढ़ी हुई हड्डियों का इलाज किया जा सकता है.
सर्जरी के द्वारा बढ़ी हुई हड्डियों का निकाल कर भी निदान किया जा सकता है.

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