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1. शारीरिक स्वास्थ्य क्या हैं – Swasthya
शारीरिक Swasthya यानी कि व्यक्ति के शरीर में किसी भी तरह का कोई बीमारी न हो जैसे कि उस व्यक्ति को सही तरह से हर बात सुनाई देना चलने फिरने में कोई परेशानी न हो कोई भी चीज देखने में उसकी आंखों से कोई परेशानी न हो उसके शरीर का हर एक अंग सही तरह से काम कर रहे हो वह व्यक्ति अपना काम पूरी तरह से करने में खुद सक्षम हो तो वह व्यक्ति शारीरिक रूप से स्वस्थ कहलायेगा.
2. मानसिक स्वास्थ्य क्या हैं
मानसिक स्वास्थ्य यहीं हैं कि किसी भी व्यक्ति के दिमाग में किसी भी तरह का कोई टेंशन या किसी भी बात को लेकर परेशानी नहीं हो. वह व्यक्ति किसी भी तरह का फैसला लेने में मानसिक रुप से हमेशा तैयार रहें अगर किसी भी तरह का कोई परेशानी आ जाए तो तनाव में न पड़ जाए.
किसी भी व्यक्ति से मिलने जुड़ने पर दूसरे व्यक्ति का दिल जीत लें या अपना छाप उसके ऊपर छोड़ देना इस तरह का अगर किसी व्यक्ति में कोई खूबी हो तो व्यक्ति मानसिक रूप से एकदम सही व्यक्ति कहा जाएगा.
3. सामाजिक स्वास्थ्य क्या हैं
सामाजिक Swasthya का मतलब क्या होता हैं कि कोई भी व्यक्ति अपने समाज में आस-पड़ोस अपने दोस्तों रिश्तेदारों के साथ किस तरह से पेश आता हैं अपने समाज के लोगों के साथ किस तरह का उसका बिहेवियर हैं. अगर अपना सामाजिक स्वास्थ्य बनाए रखना हैं तो उसके लिए अपने आस-पड़ोस समाज के लोगों के साथ हमेशा खुशहाली से जीवन जीना चाहिए.
रिश्तेदारों से आस-पड़ोस के लोगों के साथ मिलजुल कर उससे जान पहचान बनाना चाहिए समाज में अगर किसी भी तरह का लोगों का मदद करना हैं कल्याण करना हैं वह कार्य भी करना जरूरी हैं तभी किसी व्यक्ति का सामाजिक स्वास्थ्य सही रहेगा और वह व्यक्ति भी अंदर से हमेशा खुशी महसूस करता रहेगा.
4. बौद्धिक स्वास्थ्य क्या हैं
बौद्धिक Swasthya का मतलब कि किसी व्यक्ति में किसी भी तरह का भय क्रोध किसी से भी जलन चिंता अपराध बोध का प्रतिक्रिया नहीं हो यह नहीं की कोई व्यक्ति अगर आगे बढ़ रहा हैं खुश हैं उसके पास पैसा ज्यादा आ गया तो दूसरा व्यक्ति उसको देखकर जलने लगे.
तो इससे उस व्यक्ति का बौद्धिक स्वास्थ्य सही नहीं रह पाएगा. किसी भी तरह का कोई निर्णय लेना हो तो खुले दिमाग से खुले विचारों से लेना चाहिए किसी का भी आलोचना नहीं करना चाहिए किसी भी परिस्थिति में अगर किसी काम के लिए समझौता करना पड़े तो उसके लिए भी व्यक्ति हमेशा तैयार रहें.
5. अध्यात्मिक स्वास्थ्य क्या हैं
अगर किसी व्यक्ति के पास शारीरिक Swasthya मानसिक स्वास्थ्य सामाजिक स्वास्थ्य बौद्धिक Swasthya रहेगा तब भी वह व्यक्ति पूरी तरह से खुश नहीं रह सकता क्योंकि उसके पास अध्यात्मिक शांति और अध्यात्मिक स्वास्थ्य रहने से भी ही पूरी तरह से स्वास्थ्य कहलाएगा. अध्यात्मिक स्वास्थ्य को अगर परिभाषित किया जाए तो यही कहा जाएगा.
किसी भी व्यक्ति को दूसरे के वस्तुओं से मोह माया नहीं रहना चाहिए जो चीज हमारे पास नहीं हैं और वह दूसरे व्यक्ति के सुख और उसके सौंदर्य को देखकर मोह में पड़ जाता हैं.
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