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स्किन एलर्जी के कारण, लक्षण और निवारण

किसी भी व्यक्ति की सुंदरता में त्वचा एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यदि त्वचा स्वस्थ है तो ऐसे में व्यक्ति की सुंदरता में चार चाँद लग जाते हैं। वहीं यदि बात करें त्वचा के अस्वस्थ होने की तो ऐसे में व्यक्ति भी मुरझाया नज़र आता है। 

जब त्वचा पर दाने, मुँहांसे व एलर्जी हो जाती है तो ऐसे में त्वचा की सुंदरता में गिरावट आने लगती है। इसी के साथ साथ ये एलर्जी हमारे स्वास्थ्य के लिए भी नुक़सानदेह होती है। आज के अपने इस लेख में हम स्किन एलर्जी पर एक विशेष चर्चा करेंगे। तो आइए अपने इस विषय की शुरुआत करें।

हमारी त्वचा पर होने वाला इरिटेशन या किसी भी तरह का संक्रमण जिसके कारण त्वचा पर खुजली, लाल चकत्ते या तनाव उत्पन्न हो उसे स्किन एलर्जी के नाम से जाना जाता है। स्किन एलर्जी का अर्थ ये होता है कि किसी विशेष चीज़ के प्रति हमारी त्वचा संवेदनशील है।

एक प्रकार से यह प्रतिरक्षा तंत्र की ओर से दी गई एक प्रतिक्रिया होती है जो ये दर्शाती है कि किसी भी विशेष चीज़ के प्रति हमारी त्वचा को नुक़सान हो सकता है।

 
स्किन एलर्जी के प्रकार
स्किन एलर्जी अलग अलग तरह की होती है। यह लोगों में निम्नलिखित प्रकारों में देखी जा सकती है-

1.) फंगल इंफेक्शन
फंगल इन्फेक्शन एक प्रकार की स्किन एलर्जी है जो फंगस के द्वारा होती है। इसे मायोकोसिस भी कहते हैं। फंगल इंफेक्शन चेहरे, हाथों की त्वचा या शरीर के किसी भी भाग में हो सकती है।

इस एलर्जी में त्वचा पर एक प्रकार का खुरदरापन बनने लगता है। 
इसी के साथ साथ यदि एलर्जी चेहरे पर है तो ऐसे में आइब्रो के बाल भी झड़ सकते हैं। फंगल इंफेक्शन का इलाज करवाना ज़रूरी है अन्यथा ये शरीर के ऊतकों, हड्डियों और अंगों को प्रभावित करने लगती है।

2.) लिचेन प्लानस
यह भी एक प्रकार का स्किन इंफेक्शन या स्किन एलर्जी है जो 30 साल से अधिक के व्यक्तियों में देखने को मिलती है।

इस स्किन एलर्जी में व्यक्ति की त्वचा पर कुछ चमकीले धब्बे निकल आते हैं। ये एक प्रकार के लाल दाने के रूप में शरीर में दिखाई देते हैं। यह स्किन एलर्जी शरीर के किसी भी भाग पर हो सकती है लेकिन कलाई, पैर के निचले भाग, पीठ, गर्दन इत्यादि में इस एलर्जी के होने की ज़्यादा संभावना बनी रहती है।

बात करें यदि इस एलर्जी के कारण की तो यह दरअसल जेनेटिक या वंशानुगत होती है। परिवार के इतिहास में यदि कभी किसी को इस प्रकार की कोई स्किन डिजीज रही है तो ऐसे में आने वाली पीढ़ी में भी इस समस्या के होने की संभावना बनी रहती है। 

3.) एक्ज़िमा 
एक्ज़िमा को एक बहुत ही कॉमन एलर्जी के रूप में माना जाता है। दरअसल यह एलर्जी कभी न कभी इंसानों में देखी जाती है। इस प्रकार की स्किन एलर्जी में त्वचा में सूजन आ जाती है और त्वचा पर एक लाल पपड़ी भी बन जाती है। 

एक प्रकार से त्वचा के ऊपर एक अन्य मृत त्वचा आ जाती है। इसी के साथ साथ इस स्किन एलर्जी में त्वचा में काफ़ी खुजली भी होती है। यह बड़े लोगों तथा बच्चों दोनों में ही हो सकती है लेकिन ये एलर्जी एक इंसान से दूसरे इंसान में नहीं फैलती है।

 4.) पित्ती
आपने पित्ती उछलने के बारे में तो सुना ही होगा। यह एक प्रकार की स्किन एलर्जी है जिसमें त्वचा पर बड़े बड़े लाल चकते उभर आते हैं। त्वचा पर बनें इन लाल चकत्तों में असहनीय खुजली होती है। खुजलाने पर यह एलर्जी और तेज़ी से बढ़ने लगती है। पित्ती उछालने की स्थिति में घरेलू इलाज के तौर पर गेरू के पाउडर का इस्तेमाल किया जाता है। इसी के साथ साथ कच्चे दूध के द्वारा भी इस एलर्जी का इलाज किया जाता है। ये एक प्रकार के पुराने तरीक़े हैं जो एलर्जी के इलाज में प्रयुक्त होते चले आ रहे हैं। इसी के साथ साथ यह एलर्जी कुछ दिनों में अपने आप भी ठीक हो जाती है।

 
स्किन एलर्जी के कारण
स्किन एलर्जी दरअसल किसी विशेष चीज़ के प्रति त्वचा की संवेदनशीलता पर होने वाला प्रभाव है। आसान शब्दों में कहें तो किसी विशेष चीज़ के प्रति यदि हमारी त्वचा संवेदनशील है तो ऐसे में त्वचा पर उस चीज़ के प्रभाव से दानें, मुँहासे या लाल चकत्ते निकल सकते हैं। स्किन एलर्जी के कुछ अन्य भी कारण हैं। तो आइए देखते हैं कि वे क्या हैं-

 

1.) परफ्यूम से ऐलर्जी
कुछ लोगों को परफ्यूम से एलर्जी होती है। ऐसे लोग जब परफ्यूम का इस्तेमाल करते हैं तो उनकी त्वचा पर लाल चकत्ते हो जाते हैं।

2.) मेटल तथा जेवरों से एलर्जी 
कुछ लोगों की त्वचा धातु तथा जेवरों के प्रति संवेदनशील होती है। ऐसे लोग यदि धातु से बनी कोई जेवर पहनते हैं तो उन्हें त्वचा पर काफ़ी खुजली हो सकती है। गर्मियों में यह जेवर जब पसीने के साथ संपर्क में आते हैं तो ऐसे में त्वचा पर एलर्जी हो जाती है।

3.) सिंथेटिक कपड़ों से
कुछ लोगों को सिंथेटिक कपड़ों से भी एलर्जी होती है। कुछ लोगों को जॉर्जट के कपड़े पहनने पर भी काफ़ी परेशानी उठाना पड़ता है। त्वचा सिंथेटिक कपड़ों की प्रति भी संवेदनशीलता दिखाती है। ऐसे में भी एलर्जी हो जाती है।

4.) कॉस्मेटिक से एलर्जी 
विभिन्न प्रकार के सौंदर्य उत्पाद जैसे फ़ाउंडेशन, काजल या मस्कारा से भी लोगों को एलर्जी हो सकती है।

5.) एंटीसेप्टिक से एलर्जी
वैक्सीन को सुरक्षित रखने वाले एंटीसेप्टिक थिमेरोसॉल से भी स्किन एलर्जी हो सकती है।

6.) जानवरों की खाल से
कुछ लोगों को जानवरों के फ़र या खाल से भी एलर्जी होती है। ऐसे लोगों को कुत्ता, बिल्ली इत्यादि को छूने से त्वचा पर जलन या खुजली होती है।

इसके अलावा एलर्जी के कुछ अन्य सामान्य कारणों में से खाद्य पदार्थ, साबुन, इत्र, हेयरडाई, साबुन, नेल पेंट, सनस्क्रीन इत्यादि भी शामिल हैं जिनसे लोगों को त्वचा की एलर्जी की समस्या हो सकती है।

 
एलर्जी होने के सामान्य लक्षण

 

त्वचा में एलर्जी होने के कुछ सामान्य लक्षण निम्नलिखित हैं-

1.) त्वचा पर जलन या खुजली होना 

2.) त्वचा पर लाल चकत्ते दिखाई देना 

3.) त्वचा में सूजन आ जाना 

4.) डेड सेल या त्वचा के ऊपर अन्य खाल का आ जाना

5.) त्वचा पर दाने निकलना

6.) त्वचा का लाल हो जाना

 
स्किन एलर्जी का निदान

 

स्किन एलर्जी का परीक्षण करके ये पता लगाया जाता है कि व्यक्ति को कौन सी स्किन एलर्जी है। आइए हम एक एक करके स्किन एलर्जी और उनके निदान पर एक विशेष चर्चा करते हैं-

 

1.) एक्जिमा 

जब परीक्षण में एक्जिमा नामक स्किन एलर्जी की पुष्टि होती है तो ऐसे में डॉक्टर कुछ विशिष्ट प्रकार की ओरल टैब्लेट्स मरीज़ को खाने के लिए कहते हैं। इसी के साथ साथ त्वचा पर लगाने के लिए कुछ मेडिकल क्रीम्स की भी सलाह दी जाती है।

 

2.) फंगल इन्फेक्शन

फंगल इंफेक्शन का मुख्य कारण फ़ंगस तथा रिंग वार्म होते हैं। इसी के अनुसार फंगल इंफेक्शन के निदान के लिए एंटी फंगल ट्रीटमेंट दिया जाता है। इस स्किन इंफेक्शन के निदान के लिए क्रीम भी दी जाती है। यदि फंगल इन्फेक्शन का स्तर बढ़ रहा है तो ऐसे में खाने के लिए कुछ टैब्लेट्स भी दी जाती हैं।

 

3.) किसी विशिष्ट कीड़े के काटने पर

यदि किसी व्यक्ति को किसी विशिष्ट कीड़े ने काट लिया है और उसे त्वचा पर खुजली व जलन हो रही है तो ऐसे में फ़र्स्ट एड के तौर पर घाव को भरने की सलाह दी जाती है। 

इसी के साथ साथ फ़र्स्ट एड के तुरंत बाद डॉक्टर से परामर्श लेना ज़रूरी है।

 
निष्कर्ष

एलर्जी चाहे जिस भी प्रकार की हो उसे अनदेखा नहीं करना चाहिए। त्वचा पर किसी भी तरह का घाव या संक्रमण होने पर सदैव डॉक्टर के पास जाकर चेकअप कराना चाहिए। यदि कोई दाना या लाल चकत्ता बहुत दिनों से ठीक नहीं हो रहा है तो ऐसे में डॉक्टर के पास जाना और ज़रूरी हो जाता है। 

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