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विश्राम के समय ह्रदय की दर :
विश्राम के समय की ह्रदय दर (हृदय दर विश्राम) किसी व्यक्ति के विश्राम करने के समय मापी गई ह्रदय दर है – जब वह जागृत अवस्था में लेटा हुआ हो और उसके जरा पहले उसने शारीरिक श्रम न किया हो. वयस्कों की विश्राम की स्थिति में आदर्श ह्रदय दर 60-80 धड़कन प्रति मिनट होती है[2], 60 धड़कन प्रति मिनट से कम होने पर उसे कमस्पंदनता और 100 धड़कन प्रति मिनट से अधिक की दर होने पर हृद्क्षिप्रता कहते हैं. यह ध्यान में रखना चाहिये कि एथलीटों की ह्रदय दर विश्राम के समय अक्सर प्रति मिनट 60 से कम होती है. साइकिल चालक लांस आर्मस्ट्रांग की विश्राम के समय ह्रदय दर 32 प्रति मिनट थी और नियमित व्यायाम करने वाले लोगों में दर 50 प्रति मिनट से कम होना असाधारण नहीं है. अन्य साइकिल चालकों जैसे मिग्येल इंदुरैन[3] और अल्बर्टो काँटाडोर[कृपया उद्धरण जोड़ें] की विश्रामीय ह्रदय दर 20 से 30 के बीच पाई गई है और अमेरिकन मैराथान प्रत्याशी रयान हाल की ह्रदयगति दर 29 थी.
संगीत टेम्पो पद विश्रामीय ह्रदय दर के संबंधित स्तरों को प्रस्तुत करते हैं, अडैगियो (विश्राम की स्थिति में) 66-77 धड़कन प्रति मिनट, मानव की विश्रामीय ह्रदय दर के समान होती है, जबकि लेंटो और लार्गो (धीमा) 40-60 धड़कन प्रति मिनट होते हैं, जो यह दर्शाता है कि ये टेम्पाई सामान्य मानवी ह्रदय दर की तुलना में धीमे होते हैं. इसी तरह, अधिक तेज टेम्पाई श्रम के ऊंचे स्तरों से संबंध रखते हैं, जैसे अंदंते (चलते समय -76-108 धड़कनें प्रति मिनट) और उसके समान.
हृदय दरमैक्स (HRmax) का मापन
हृदय-दरमैक्स किसी व्यक्ति के लिये अधिकतम सुरक्षित ह्रदयगति दर है. हृदय दरमैक्स को मापने का सबसे सटीक तरीका हृदय की दबाव परीक्षा के जरिये होता है. ऐसी परीक्षा में, व्यक्ति के कसरत करने के साथ-साथ ईकेजी से निगरानी की जाती है. परीक्षा के समय, कसरत की गहनता को समय-समय पर बढ़ाया जाता है (यदि ट्रेडमिल का प्रयोग किया जा रहा हो तो गति या ट्रेडमिल की ढलान को बढ़ा कर) और तब तक चालू रखा जाता है जब तक कि ईकेजी में ह्रदय की कार्यशीलता से संबंधित कुछ विशेष परिवर्तन न होने लगें और इस बिंदु पर व्यक्ति को रूकने के लिये कहा जाता है. ऐसी परीक्षा आम तौर पर 10 से 20 मिनटों की होती है.
अधिकतम व्यायाम परीक्षा करने के लिये महंगे उपकरण की आवश्यकता पड़ सकती है. व्यायाम के विधान की शुरूआत कर रहे लोगों को उच्च ह्रदय दर से संबंधित जोखमों के कारण सामान्यतः ऐसी परीक्षा केवल चिकित्सकीय देखरेख में ही करने की सलाह दी जाती है. सामान्य उद्देश्यों के लिये, इसके स्थान पर लोग अपनी व्यक्तिगत अधिकतम ह्रदयगति दर का अनुमान करने के लिये एक सूत्र का इस्तेमाल करते हैं.
ऐचआरमैक्स का सूत्र
फॉक्स और हैस्केल फॉर्म्युला, व्यापक रूप से इस्तेमाल किया गया.
आयु पर आधारित, व्यक्तिगत अधिकतम ह्रदय दरों का अनुमान करने के लिये विभिन्न सूत्रों का प्रयोग किया जाता है, लेकिन विभिन्न व्यक्तियों के बीच अधिकतम ह्रदय दरें काफी भिन्न होती हैं.[4] 20 वर्ष के ओलिम्पिक नाविकों जैसी एकमात्र विशिष्ट खिलाड़ी टीम में भी अधिकतम ह्रदय दरें 160 से 220 तक हो सकती हैं.[4] यह भिन्नता 60 से 90 वर्ष तक की उम्र जितनी बड़ी होती है जो नीचे दिये गए रेखीय समीकरण जितनी होती है और इन औसत आंकड़ों में चर्म भिन्नता की ओर इंगित करती है.
आदर्श व्यतिक्रम के संकेत के बिना पाया जाने वाला सबसे आम सूत्र है:
हृदय-दरमैक्स = 220 - उम्र
इस सूत्र का श्रेय विभिन्न स्रोतों को दिया जाता है, लेकिन काफी हद तक यह समझा जाता है कि इसका विकास 1970 में डा.विलियम हैस्केल और डा. सैम्युअल फाक्स ने किया था.[4] इस सूत्र के इतिहास की पूछताछ से पता चलता है कि यह मूल शोध से विकसित नहीं हुआ था बल्कि प्रकाशित शोध या अप्रकाशित वैज्ञानिक संग्रहों वाले लगभग 11 संदर्भों से प्राप्त जानकारी पर आधारित अवलोकन का परिणाम है.[5] पोलार इलेक्ट्रो द्वारा अपने ह्रदय दर के मानिटरों में प्रयोग करने के बाद यह सूत्र बड़े पैमाने पर प्रयोग में आने लगा,[4] जिनकी डा.हैस्केल ने यह कहते हुए "हंसी उड़ाई" थी[4] कि इसे "कभी भी लोगों के प्रशिक्षण के शासन के लिये परम मार्गदर्शक नहीं समझा गया था."[4]
सबसे आम (और याद रखने व गणना में आसान) होने पर भी, यह सूत्र सम्मानित स्वास्थ्य और दुरूस्ती पेशेवरों द्वारा हृदय-दरमैक्स का अच्छा सूचक नहीं माना जाता है. इस सूत्र के बड़े पैमाने पर प्रकाशित होने के बावजूद, दो दशकों से चले आ रहे शोध से इसकी बड़ी अंतर्निहित त्रुटि सामने आई है (एसएक्सवाई=7—11 धड़कनें प्रति मिनट). परिणाम स्वरूप, हृदय-दरमैक्स=220—आयु द्वारा गणना किये गए अनुमान में न तो सटीकता और न ही व्यायाम के शरीरक्रिया विज्ञान और संबंधित क्षेत्रों में प्रयोग के लिये वैज्ञानिक औचित्य है.[5]
2002 में किये गए हृदय-दरमैक्स के 43 विभिन्न सूत्रों (उपर्लिखित सूत्र सहित) के एक अध्ययन[5] में निम्न निष्कर्ष निकाला गया:
1) वर्तमान में कोई भी "स्वीकार्य" सूत्र उपलब्ध नहीं है, (उन्होंने "स्वीकार्य" पद का प्रयोग V O 2 m a x {displaystyle V_{mathrm {O} _{2}max}} और व्यायाम प्रशिक्षण की हृदय दर श्रेणियों की सिफारिश, दोनों के अनुमान के लिये स्वीकार्य होने के लिये किया)
2) सबसे कम आपत्तिजनल माना जाने वाला सूत्र था:
हृदय-दरमैक्स = 205.8 − (0.685 × आयु)
इस सूत्र में एक आदर्श व्यतिक्रम पाया गया, जो कि बड़ा (6.4 धड़कन प्रति मिनट) होने पर भी व्यायाम प्रशिक्षण की हृदय दर की श्रेणियों की सिफारिश के लिये स्वीकार्य माना गया.
अकसर उद्धृत किये जाने वाले सूत्र निम्न प्रकार हैं -
हृदय-दरमैक्स = 206.3 − (0.711 × आयु)
(अक्सर मिसौरी विश्वविद्यालय के लोंडेरी और मोशबर्गर को इसका श्रेय दिया जाता है)
हृदय-दरमैक्स = 217 − (0.85 ×आयु)
(अक्सर इंडियाना विश्वविद्यालय के मिलर व अन्य के नाम से उद्धृत)
हृदय-दरमैक्स = 208 − (0.7 × आयु)
(पारम्परिक सूत्र में एक और "मरोड़" को तनाका विधि के नाम से जाना जाता है. हजारों लोगों पर किये गए एक अध्ययन पर आधारित एक नए सूत्र का विकास किया गया, जिसे अधिक सटीक माना जाता है.)[6]
2007 में, ओकलैंड विश्वविद्यालय के शोधकों ने 25 वर्षों की अवधि में हर वर्ष रिकार्ड की गई 132 व्यक्तियों की अधिकतम ह्रदय दरों का विश्लेषण किया और एक रेखीय समीकरण उत्पन्न किया जो तनाका के सूत्र –हृदय-दरमैक्स = 206.9 − (0.67 × आयु)—और एक अरेखीय समीकरण—हृदय-दरमैक्स = 191.5 − (0.007 × आयु2) के बहुत समान था. इस रेखीय समीकरण का आश्वस्तता अंतराल ±5–8 धड़कन प्रति मिनट था और अरेखीय समीकरण की अधिक चुस्त श्रेणी ±2–5 धड़कन प्रति मिनट थी. एक तीसरे अरेखीय समीकरण का विकास भी किया गया—हृदय-दरमैक्स = 163 + (1.16 × आयु) − (0.018 × आयु2).[7]
ये आंकड़े अधिकतर औसत हैं और काफी हद तक व्यक्तिगत शरीर क्रिया विज्ञान और चुस्ती पर निर्भर करते हैं. उदाहरण के लिये, किसी सहनशीलता धावक की दरें व्यायाम के लिये आवश्यक ह्रदय के बढ़े हुए आकार के कारण सामान्य रूप से कम रहेंगी, जबकि किसी थोड़ी दूर दौड़ने वाले (स्प्रिंटर) की दरें बेहतर प्रतिवादन समय और कम अवधि आदि के कारण अधिक होंगी-प्रत्येक की अनुमानित ह्रदय दरें 180 (= 220−आयु) हो सकती हैं, किंतु इन दोनों व्यक्तियों की वास्तविक अधिकतम हृदय दरों में 20 धड़कनों का अंतर (उदा.170-190) हो सकता है.
आगे, यह नोट करें कि समान आयु, समान अभ्यास, समान खेल, समान टीम के व्यक्तियों की वास्तविक अधिकतम हृदय दरों में 60 ध.प्र.मि का अंतर (160 से 220) हो सकता है[4] –यह श्रेणी अत्यंत बड़ी है और कुछ लोगों का कहना है कि, "एथलीटों की तुलना करते समय हृदयगति दर संभवतः सबसे कम महत्व वाला अस्थिर आंकड़ा है."[4]
2010 में नार्थवेस्टर्न विश्वविद्यालय में किये गए शोध में स्त्रियों के लिये अधिकतम हृदयगति दर के सूत्र में संशोधन किया गया. मार्था गुलाटी और अन्य के अनुसार यह निम्न प्रकार है -
हृदय-दरमैक्स = 206 − (0.88 × आयु)[8][9]
लुंड, स्वीडन में किये गए एक अध्ययन में उल्लेखित आंकड़े (बाइसिकिल अर्गोमेट्री के समय प्राप्त) दिये गए हैं, पुरूषों के लिये-
हृदय-दरमैक्स = 203.7 / (1 + ईएक्सपी (0.033 x (आयु - 104.3)))[10]
और स्त्रियों के लिये -
हृदय-दरमैक्स = 190.2/(1 + ईएक्सपी (0.0453 * (आयु - 107.5)))
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