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सीधे सोने से सबसे ज्यादा फायदा शरीर में रीढ़ की हड्डी को मिलता है. गर्दन से लेकर कमर तक की हड्डी को रिलेक्स मिलता है. आड़े-तिरछे सोने से कमर का दर्द बढ़ सकता है. अगर कोई इंसान कमर दर्द, गर्दन दर्द या रीढ़ की हड्डी में होने वाले दर्द से परेशान है तो, पीठ के बल सोना उसके लिए फायदेमंद हो सकता है.
पीठ के बल सोने के फायदे – Benefits of Sleeping On Your Back in Hindi
यदि बात करें सीधा सोने के फायदे की, तो इस विषय पर कई अध्ययन किए जा चुके हैं, जिनमें सेहत के लिए पीठ के बल सोने के फायदे कई सारे पाए गए हैं। लेख में नीचे हम उन्हीं फायदों के बारे में जानेंगे।
1. कमर दर्द को कम करे
सोने की अव्यवस्थित और गलत मुद्रा अक्सर शरीर में दर्द का कारण बन सकती है, जिसमें सबसे प्रमुख है कमर का दर्द (1)। एक शोध के अनुसार, सही मुद्रा में सोने से कमर दर्द की समस्या में कुछ हद तक आराम मिल सकता है। इसके लिए पीठ के बल सोते समय घुटनों के नीचे तकिया रखने की सलाह दी गई है। साथ ही यह भी बताया गया है कि पेट के बल सोने से कमर पर खिंचाव पड़ सकता है, जिससे कमर दर्द पहले से ज्यादा हो सकता है (2)। इस आधार पर यह कहना गलत नहीं होगा कि पीठ के बल लेटने के फायदे में कमर दर्द से राहत पाना भी शामिल है।
2. गर्दन के दर्द में लाभदायक
गर्दन के दर्द के लिए भी पीठ के बल लेटने के फायदे देखे जा सकते हैं। एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफार्मेशन) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक रिसर्च में साफतौर से यह बताया गया है कि पीठ के बल सोते समय यदि तकिये को गर्दन और पैरों के नीचे रखा जाता है, तो यह गर्दन के मस्कुलोस्केलेटल यानी मांसपेशियां, जोड़ों व हड्डियों में होने वाले दर्द से बचाव कर सकता है (3)। हालांकि, शोध में इस बात का भी जिक्र मिलता है कि पीठ के बल सोने के साथ ही सोते समय सोने का तरीका भी सही होना जरूरी है।
3. सिर दर्द में आराम मिले
सही अवस्था में सोने से न सिर्फ कमर और गर्दन दर्द, बल्कि सिर दर्द में भी आराम मिल सकता है। एक रिसर्च के अनुसार अव्यवस्थित और अपर्याप्त नींद सिरदर्द का कारण बन सकती है। वहीं, नींद की गुणवत्ता में सुधार और पर्याप्त नीद से सिरदर्द को कम किया जा सकता है (4)।
इसके अलावा, एक एक अन्य रिसर्च में बताया गया है कि सिर के नीचे तकिया रखकर पीठ के बल सोया जाए, तो इससे सोने में आराम मिलने के साथ सिर दर्द की समस्या में काफी हद तक राहत मिल सकती है (5)।
4. झुर्रियों की समस्या से बचाव
गलत तरीके से सोने से हमारी त्वचा पर भी नकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकते हैं। एनसीबीआई पर उपलब्ध एक शोध में बताया गया है कि नींद के दौरान गलत अवस्था में सोने से झुर्रियों की समस्या हो सकती है। ऐसा त्वचा पर सिकुड़न पड़ने का कारण होता है (6)।
जानकारों की मानें, तो पेट के बल या करवट लेकर सोते समय त्वचा चादर व तकिये से घिसती है। वहीं, इनमें कीटाणू भी हो सकते हैं, जो त्वचा पर बुरा असर दर्शा सकते हैं। यही वजह है कि त्वचा के लिए पीठ के बल सोना सबसे बेहतर माना जाता है। हालांकि, इस विषय पर अधिक शोध की जरूरत है।
5. कंधे में दर्द में फायदेमंद
कई लोगों को सोकर उठने पर कंधे को हिलाने में परेशानी होती है। कंधे के दर्द से परेशान लोगों के लिए पीठ के बल सोना लाभदायक हो सकता है। दरअसल, कुछ लोग दाएं या बाएं कंधे के बल सोते हैं। इससे पूरी रात एक ही तरफ के कंधे पर भार पड़ सकता है, जो कंधे में दर्द का कारण बन सकता है (7)। ऐसे लोगों को सोने की मुद्रा बदलने की सलाह दी जाती है, जिसमें पीठ के बल सोना अच्छा माना जाता है।
पीठ के बल सोने के नुकसान – Side Effects of Sleeping On Your Back in Hindi
निम्न बिन्दुओं के माध्यम से पीठ के बल सोने के नुकसान जान सकते हैं (8)।
पीठ के बल सोने पर सांस लेने में तकलीफ के साथ ही गंभीर हाइपोक्सिमिया यानी शरीर में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है।
यह हृदय की समस्या का कारण भी बन सकता है।
अधिक वजन वाले व्यक्ति, जिन्हें गंभीर श्वसन की समस्या है, उन्हें डॉक्टर पीठ के बल लेटने से मना करते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि इससे उनकी सांस रुकने के कारण जान का जोखिम तक हो सकता है।
जिन्हें सोते समय खर्राटे लेने की आदत है, पीठ के बल सोने से उनकी समस्या बढ़ सकती है (9)।
एक रिसर्च के मुताबिक कभी-कभी पीठ के बल सोने पर यह कमर और पीठ के दर्द का कारण भी बन सकता है (10)।
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