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शल्य प्रसव परिच्छेद (अमेरिका: सीज़ेरियन सेक्शन), जिसे सी-सेक्शन (C-section), सीज़ेरियन सेक्शन (Caesarian section), सीज़ेरियन सेक्शन (Cesarian section), सीज़र (Caesar), इत्यादि भी कहते हैं, एक ऐसी शल्यक्रिया है, जिसमें एक या एक से अधिक शिशुओं के जन्म के लिए या कभी-कभी मृत भ्रूण को बाहर निकालने के लिए मां के पेट (लैप्रोटोमी) और गर्भाशय में (हिस्टेरोटॉमी) एक या एक से अधिक चीरे लगाए जाते हैं। सीज़ेरियन सेक्शन प्रक्रिया के प्रयोग द्वारा देर से की जाने वाले गर्भपात को हिस्टेरोटॉमी गर्भपात कहते हैं तथा यह विरले ही प्रयोग में लाया जाता है।

सीज़ेरियन सेक्शन (शल्य प्रसव परिच्छेद) का प्रयोग प्रायः योनिमार्ग द्वारा शिशु जन्म की प्रक्रिया में मां या शिशु की जान या स्वास्थ के खतरे में पड़ने पर किया जाता है, हालांकि इन दिनों प्राकृतिक विधि से शिशु जन्म होने की स्थिति में भी मांग किए जाने पर इसका प्रयोग किया जा रहा है

आमतौर पर क्षेत्र को सुन्न करने के लिए रोगी को क्षेत्रीय संज्ञाहरण (रीढ़ की हड्डी या एपिड्यूरल एनेस्थीसिया) दिया जाता है। डॉक्टर गर्भवती महिला के पेट के निचले हिस्से में चीरा लगाते हैं। इसे बिकिनी कट भी कहा जाता है। आमतौर पर, यह चीरा क्षैतिज होता है। लेकिन गंभीर मामलों में, यह लंबवत भी हो सकता है।

पेट में चीरे लगाने के बाद जब गर्भाशय दिखाई देने लगता है तो डॉक्टर गर्भाशय पर चीरा लगाकर बच्चे को बाहर निकालते हैं।
गर्भनाल को दोनों सिरों को जकड़ कर बीच से काट दिया जाता है। इसके बाद बच्चे को नर्स के हवाले कर दिया जाता है ताकि वह बच्चे को ठीक से साफ कर सके। तब माँ बच्चे को पकड़ सकती है।
बाद में, अपरा को बाहर निकाल लिया जाता है।
पेट के चीरे से भ्रूण के जन्म तक की अवधि आमतौर पर 5 मिनट की होती है।
पूरी प्रक्रिया में आमतौर पर ४५ – ६० मिनट लगते हैं।
सर्जरी के बाद, चीरा टांके लगाकर बंद कर दिया जाता है।

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