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Syphilis: सिफलिस क्या है? जानें इसके कारण, लक्षण और उपाय
सिफलिस क्या है? (What is syphilis)
सिफलिस एक यौन संचारित रोग (एसटीडी) है, जो बैक्टीरिया के कारण होता है। यह त्वचा, मुंह, यौन अंगों और नर्वस सिस्टम को संक्रमित कर सकता है। अगर इस बीमारी का पता जल्दी लग जाता है, तो इसका का इलाज करना आसान है और इससे कोई स्थायी नुकसान नहीं होता है। लेकिन, इलाज न करने पर, सिफलिस दिमाग, नर्वस सिस्टम और हार्ट सहित अन्य अंगों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।
सिफलिस कितना आम है? (How common is syphilis?)
आंकड़ों के अनुसार, 2010 के बाद से महिलाओं के बीच सिफलिस की दर में कमी आई है। लेकिन, पुरुषों में विशेष रूप से गे-रिलेशनशिप के पुरुषों में, इस बीमारी का स्तर बढ़ा है।
जानिए इसके लक्षण :
सिफलिस के लक्षण क्या हैं? (What are the symptoms of syphilis?)
सिफलिस के तीन चरण होते हैं (Syphilis has three stages:)
स्टेज 1: इस स्टेज में संक्रमण के दो से चार सप्ताह बाद लक्षण दिखने शुरू होते हैं। इसमें दर्द रहित घाव बनते हैं, जहां से बैक्टीरिया शरीर में प्रवेश करता है। यह घाव अक्सर गुप्तांगों पर होता है। अगर आप इंफेक्टेड साथी के साथ ओरल सेक्स करते हैं, तो यह घाव मुंह में भी देखा जा सकता है। यह आमतौर पर एक से पांच सप्ताह में अपने आप ठीक हो जाता है।
सिफलिस
स्टेज 2: जब किसी कारण संक्रमण का इलाज नहीं हो पता है, तब स्टेज-2 के लक्षण छह से 12 सप्ताह बाद दिखने शुरू होते हैं। इन लक्षणों में बुखार, सिर दर्द, जोड़ों का दर्द, भूख न लगना, गुप्तांगों पर दानें निकलना, मुंह पर लाल चकत्तेदार फुंसियां निकलना, गले में खराश, स्तन में सूजन, कमर और गर्दन में दर्द और थकान आदि होते हैं।
स्टेज 3: 10 से 40 साल के बाद, स्टेज 3 के लक्षण दिखाई देते हैं। उनमें मस्तिष्क और हृदय की क्षति, याद्दाश्त की समस्या और संतुलन की समस्या शामिल हैं। ऐसे अन्य कई लक्षण हैं जिनका उल्लेख नहीं किया जा सकता। यदि आपके पास सिफलिस के दुष्प्रभावों के बारे में कोई प्रश्न हैं, तो कृपया अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
मुझे अपने डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?
सिफलिस
आप अपने डॉक्टर को तब दिखा सकते हैं, जब आप या आपके बच्चे को किसी भी असामान्य घाव, गले में खराश या दाने का अनुभव होता है। खासकर अगर यह कमर पर हो। आप अपने डॉक्टर के साथ, सिफलिस से जुड़े खतरों का आंकलन कर, उसे ठीक करने के तरीकों पर चर्चा कर सकते हैं। आप हमेशा अपने डॉक्टर के साथ उपचार और निदान की उन विधियों के बारे में चर्चा करें, जो आपके लिए सबसे अच्छा उपचार हो सकता है।
जानिए इसके कारण
सिफलिस किन कारणों से होता है? (What causes syphilis?)
सिफलिस नामक रोग ट्रेपोनिमा पैलिडम (Treponema pallidum) नामक बैक्टीरिया के कारण होता है। यह संक्रमण आमतौर पर यौन संपर्क से फैलता है। सिफलिस एक ही शौचालय, बाथटब, कपड़ों या खाने के बर्तनों का उपयोग करने से नहीं फैलता।
जानिए खतरे के कारण
किन कारणों से मेरे लिए सिफलिस का खतरा बढ़ सकता है?
एचआईवी से संक्रमित व्यक्तियों में सिफलिस फैलने का खतरा बहुत अधिक होता है। एक बार सिफलिस होने के बाद भी, आप इस संक्रमण से ठीक नहीं हो पाते हैं। आपको यह बीमारी दोबारा हो सकती है। सिफलिस का संक्रमण गर्भवती महिलाओं से उनके भ्रूण में भी फैल सकता है।
निदान और उपचार को समझें
यहां दी कोई भी जानकारी किसी भी प्रोफेशनल डॉक्टर की सलाह की जगह इस्तेमाल नहीं की जा सकती है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा अपने चिकित्सक से परामर्श करें।
सिफलिस का निदान कैसे किया जाता है? (How is Syphilis diagnosed?)
डॉक्टर आपके गुप्तांग, मुंह और एनस की जांच के बाद आपकी मेडिकल हिस्ट्री के बारे में भी पूछ सकते हैं। अगर सिफलिस का कोई घाव आपके शरीर पर मौजूद है, तो डॉक्टर उसका माइक्रोस्कोप से परीक्षण कर सकते हैं।
आपके डॉक्टर, सिफलिस की जांच के लिए एक वीडीआरएल ब्लड टेस्ट करवा सकते हैं। इस टेस्ट से शरीर में एंटीबॉडी की संख्या का पता चलता है। डॉक्टर आपके हालिया यौन साथी का भी परीक्षण कर सकते हैं।
जीवनशैली में बदलाव और घरेलू उपचार
जीवनशैली में बदलाव या कौन-से घरेलू उपचार सिफलिस को रोकने के लिए मेरी मदद कर सकते हैं?
नीचे बताई गई जीवनशैली और घरेलू उपचार आपको सिफलिस से लड़ने में मदद कर सकते हैं:
जब तक कि आपका डॉक्टर न कहे, तब तक अपनी दवा लेना बंद न करें या खुराक न बदलें।
गर्भवती होने पर अपने डॉक्टर को बताएं। गर्भ में भी यह समस्या मां से बच्चे तक पहुंच सकती है।
अगर आपको दवा से एलर्जी है, तो अपने डॉक्टर को जरूर बताएं।
संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए हाथ धोना न भूलें।
सुरक्षित सेक्स के लिए कंडोम का प्रयोग करें।
अपने यौन साथी को भी सिफलिस की जांच के लिए भेजें।
उपचार के बाद कम से कम दो सप्ताह तक सेक्स न करें।
अन्य एसटीडी के लिए परीक्षण करवाएं।
अगर आपको शंका है कि आपके पार्टनर को इंफेक्शन है तो एक बार डॉक्टर के पास जाकर चेकअप कराएं।
अगर आपको इंफेक्शन के बारे में जानकारी नहीं मिली है तो सुरक्षित यौन संबंध बनाएं।
बेहतर रहेगा कि आप कंसीव करने से पहले चेकअप कराएं।
होने वाले बच्चे की सुरक्षा के लिए समय-समय पर चेकअप कराना बहुत जरूरी है। अगर प्रेग्नेंसी के दौरान आपको इंफेक्शन के लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
डॉक्टर प्रेग्नेंसी के दौरान ही होने वाले बच्चे को इंफेक्शन से बचाने के लिए ट्रीटमेंट देंगे।
प्रेग्नेंसी के दौरान शराब से दूरी बनाएं। अनसेफ सेक्स आपके लिए घातक साबित हो सकता है।
सिफलिस के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करें ताकि आप उससे निपट सकें।
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