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जानें क्या है सिकल सेल रोग और क्यों जरूरी है इससे बचाव
बोनमैरो ट्रांसप्लांट सिकल सेल की बीमारी का वर्तमान में उपलब्ध एकमात्र उपचार है, लेकिन यह इलाज काफी जोखिम भरा होता है.
जेनिटिक बीमारी है सिकल सेल
सिकल सेल एक जेनेटिक बीमारी है. सामान्य रूप में हमारे शरीर में लाल रक्त कण प्लेट की तरह चपटे और गोल होते हैं. यह रक्त वाहिकाओं में आसानी से आवाजाही कर पाते हैं लेकिन यदि जीन असामान्य हैं तो इसके कारण लाल रक्त कण प्लेट की तरह गोल न होकर अर्धचंद्राकार रूप में दिखाई देते हैं. इस वजह से यह रक्त वाहिकाओं में ठीक तरह से आवागमन नहीं कर पाते हैं, जिससे शरीर में ऑक्सीजन की कमी होने लगती है. इसके कारण मरीज को एनीमिया की समस्या होती है. सिकल सेल रोग अधिकतर उन देशों में ज्यादा होता है जो अविकसित होते हैं. इसलिए यह रोग अफ्रीका, तुर्की, ग्रीस, सऊदी अरेबिया और भारत जैसे कई देशों में ज्यादा देखने को मिलता है.
ऐसे करें सिकल सेल बीमारी से बचाव
भले ही यह अनुवांशिक रोग है, लेकिन कुछ बातों को ध्यान में रखकर इसकी रोकथाम की जा सकती है. चूंकि यह एक गंभीर बीमारी है, इसलिए इससे बचाव करना बेहद जरूरी है. दरअसल बच्चों में यह बीमारी पारित ना हो पाए, इसके लिए शादी करने से पहले लड़का और लड़की दोनों के ब्लड का चेकअप करवा लेना चाहिए. यदि इन दोनों में सिकल सेल पाए जाते हैं या यह दोनों सिकल सेल से ग्रसित हैं, तो ऐसे लोगों को आपस में शादी नहीं करनी चाहिए, क्योंकि इससे बच्चों में बीमारी पारित होने का खतरा अधिक रहता है. कई देशों में तो लड़का-लड़की की शादी से पहले सिकल सेल की जांच अनिवार्य कर दी गई है. इसके अतिरिक्त जो बच्चे सिकल सेल से ग्रसित हैं, वे कमजोर होते हैं. ऐसे बच्चों का टीकाकरण करके उनके जीवन-आयु को बढ़ाया जा सकता है.
सिकल सेल रोग का इलाज
बोनमैरो ट्रांसप्लांट सिकल सेल की बीमारी का वर्तमान में उपलब्ध एकमात्र उपचार है, लेकिन यह इलाज काफी जोखिम भरा होता है और इसके कई साइड इफेक्ट्स भी होते हैं. इसके अलावा रोगी को फोलिक एसिड की दवाओं का सप्लीमेंट देकर उपचार किया जाता है. बच्चों के लिए टीकाकरण में न्यूमोकोकल, फ्लू और मेनिंगोकोकल के टीके लगाकर उपचार किया जाता है. इसके अतिरिक्त कई वैज्ञानिक भी सिकल सेल के जीन पर शोध कर रहे हैं, ताकि रोगी के असामान्य जीन को बदलकर इसका इलाज किया जा सके. ऐसे रोगियों को अपने शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर कम नहीं होने देना चाहिए. इसके अलावा अपने आहार में आयरन, फोलिक एसिड जैसे पोषक तत्वों से भरपूर चीजों को शामिल करना चाहिए.
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