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नवजात (0-3 महीने) - नवजातों को हर दिन 14 से 17 घंटे की नींद लेनी चाहिए. हालांकि 11 से 13 घंटे की नींद भी उनके पर्याप्त है लेकिन 19 घंटे से ज्यादा नहीं सोने की सलाह दी जाती है.
नए माता-पिता का यह जानने के लिए उत्सुक होना स्वाभाविक है कि उनके शिशु को पर्याप्त नींद मिल रही है या नहीं।

यहां बताया गया है कि एक महीने से लेकर 12 महीने की उम्र के बीच आपके शिशु को कितने घंटों की नींद की आवश्यता हो सकती है। मगर, यह ध्यान रखें कि हर शिशु अलग होता है और हो सकता है आपके लाडले को यहां दिए गए घंटों से कम या ज्यादा नींद चाहिए हो।

नवजात
दिन की नींद: आठ घंटे (3 बार झपकियां)
रात की नींद: आठ घंटे 30 मिनट
कुल नींद: 16 घंटे 30 मिनट

एक महीना
दिन की नींद: छह से सात घंटे (3 बार झपकियां)
रात की नींद: आठ से नौ घंटे
कुल नींद: 14 घंटे से 16 घंटे

तीन महीने
दिन की नींद: चार से पांच घंटे (3 बार झपकियां)
रात की नींद: 10 से 11 घंटे
कुल नींद: 14 घंटे से 16 घंटे

छह महीने
दिन की नींद: तीन घंटे (3 बार झपकियां)
रात की नींद: 11 घंटे
कुल नींद: 14 घंटे

नौ महीने
दिन की नींद: दो घंटे 30 मिनट (2 बार झपकियां)
रात की नींद: 11 घंटे
कुल नींद: 13 घंटे 30 मिनट

12 महीने
दिन की नींद: दो घंटे 30 मिनट (2 बार झपकियां)
रात की नींद: 11 घंटे
कुल नींद: 13 घंटे 30 मिनट
मेरे शिशु की नींद का पैटर्न कैसा होगा?
जैसे-जैसे आपका शिशु बढ़ता है आप उसके नींद के पैटर्न में भी उतार-चढ़ाव पाएंगी।

जन्म के बाद शुरुआती कुछ महीनों में संभव है कि आपका शिशु एक बार में एक से तीन घंटों से ज्यादा के लिए न सोए। उसे बार-बार दूध पीने के लिए उठना पड़ता है, क्योंकि उसका पेट बहुत छोटा होता है और ज्यादा दूध संग्रहित करके नहीं रख सकता। इसलिए आप रातों को बीच-बीच में उठने और अपनी नींद में खलल के लिए तैयार रहें। शिशु को रात में स्तनपान करवाने के बारे में यहां और अधिक जानें।

जब आपका शिशु लगभग तीन महीने का हो जाता है, तो वह एक बार में करीब पांच घंटों तक सोना शुरु कर सकता है। हालांकि, ऐसा हर बच्चे के साथ नहीं होता! यह भी याद रखें कि जरुरी नहीं है आपके शिशु की नींद का पैटर्न आपके जैसा हो, इसलिए अगर संभव हो तो जब भी शिशु सोए आप भी तब सो जाएं।

नौ महीने की उम्र से वह ज्यादा लंबे समय तक सोना शुरु कर देगा। 12 महीने का होने पर आपका शिशु शायद एक बार में आठ से नौ घंटे तक सोने लगेगा, और इस तरह शायद आप भी अपनी नींद पूरी कर सकेंगी!

अगर आपका शिशु पूरी रात सोना शुरु करने के बाद फिर से कभी-कभार रात में जागने लगे या फिर एक रात में बहुत बार उठने लगे, तो इसमें कुछ असामान्य बात नहीं है। करीब नौ महीने के शिशुओं के लिए रातों में ज्यादा बार उठना काफी आम है। इस समय पर, आपका शिशु जुदाई की चिंता (सैपरेशन एंक्जाइटी) पहली बार महसूस करने लगता है, जिससे उसकी नींद टूट सकती है।

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