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सेहत: गलत तकिया रखने से होती हैं, गर्दन और पीठ के दर्द से जुड़ी कई बीमारियां
गर्दन और पीठ के दर्द से जुड़ी कई बीमारियों की वजह गलत तकियों का चुनाव होता है। अगर आप अपने सोने के तरीके के अनुसार तकिया नहीं चुन रहे हैं, तो रोज-रोज दर्द की दास्तान सुनाते नजर आएंगे...
फिजियोथैरेपी से जुड़े 15 फीसदी मामले गर्दन में दर्द की शिकायत के होते हैं। सर्वाइकल पेन का एक बड़ा कारण गलत तकिये का चुनाव है। हवाईजहाज में सफर के दौरान जो लोग ट्रेवल पिलो का इस्तेमाल नहीं करते हैं, उन्हें गर्दन में अकड़न और दर्द की शिकायत होती है। इस तरह की समस्याओं का कारण यह है कि ज्यादातर लोगों को इसकी जानकारी नहीं होती कि किस प्रकार और आकार का तकिया प्रयोग करना चाहिए।
सर्वाइकल संबंधी समस्या है
सर्वाइकल से पीड़ित हैं तो गर्दन तकिया (नेक पिलो) लें या तकिये की जगह टॉवल को मोड़कर गर्दन के नीचे रखकर सोएं। मैमोरी फोम पिलो जो कि सर्वाइकल स्पाइन और सर्वाइकल लॉर्डोसिस से राहत देता है, उसका इस्तेमाल भी कर सकते हैं। हाथ में दर्द की शिकायत है, तो बांह के बाजू में सपोर्ट के लिए तकिया लगाना चाहिए।
सोने के पॉश्चर के हिसाब से तकिया
ऊपर की ओर मुंह करके सोते हैं : इस तरह सोने वाले लोगों को कम ऊंचाई वाले तकिये का इस्तेमाल करना चाहिए।
करवट लेकर सोते हैं : जो लोग करवट लेकर सोते हैं, उन्हें ज्यादा पतला तकिया उपयोग करना चाहिए। जो गर्दन और सिर के बीच के हिस्से को सपोर्ट करे।
पेट के बल सोना : कुछ लोग पेट के बल सोते हैं, मगर इस तरह से सोना सेहत के लिए सबसे ज्यादा हानिकारक होता है। इसलिए अपनी इस आदत को दूर करने लिए अपने सिर के नीचे के अलावा हाथ के बाजू में एक तकिया रखकर सोएं। ताकि आपको याद रहे कि आपको पेट के बल नहीं सोना है।
1 फाइबर तकिया : सीधे सोने वालों के लिए यह अच्छा है। सही ऊंचाई, मुलायम, ज्यादा महंगा भी नहीं है।
2 रूई तकिया : जो सोते समय पूरे मुड़ जाते हैं या पेट के बल सोते हैं। उनके सोने के लिए रूई का तकिया ज्यादा अच्छा है।
3 मैमोरी फोम तकिया : सर्वाइकल के मरीज इसका प्रयोग करें। अन्य तकियों के मुकाबले थोड़ा महंगा होता है, लेकिन जो लोग नींद में पूरे मुड़ जाते हैं, उनके लिए यह सही नहीं है। ज्यादा गर्मी और नमी के समय में इस तकिए का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
चुनाव सही न होने पर हो सकती है समस्याएं
सर्वाईकल स्पॉन्डीलॉसिस : सोते समय गर्दन सही ढंग से न होने के कारण उसमेंं सूजन और रीढ़ की हड्डी में गांठें आने की संभावना हो सकती है।
सिरदर्द या चक्कर आना : गलत ऊंचाई का तकिया आपकी गर्दन में कमजोरी ला सकता है। ऊपरी सर्वाइकल स्पाइन के कारण सोकर उठते समय सिर दर्द, चक्कर आना या मिचली जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
कंधे का दर्द : यदि आप एक ही करवट में सोते हैं या आपका तकिया सही सपोर्ट नहीं देता है तो इससे कंधे के निचले हिस्से पर सारा भार आ जाता है।
कमर के निचले और बीच के हिस्से में दर्द : रीढ़ की हड्डी एक चेन की तरह है और लंबे समय तक सोने की वजह से इसके ऊपरी हिस्से में खिंचाव आ जाता है। कमर के निचले हिस्से में दर्द की शिकायत हो जाती है।
आकार के आधार पर चुनिए
सामान्य तकिया
जिन लोगों को कोई समस्या नहीं होती है, उन्हें सामान्य तकिया इस्तेमाल करना चाहिए।
सर्वाइकल तकिया
यह रीढ़ की हड्डी को सही रखता है। इसके नियमित प्रयोग से दर्द में आराम मिलेगा और समस्या कम होगी।
बेलनाकार तकिया
ट्रेवलिंग तकिया गर्दन और सिर के आराम में यह मदद करता है। यात्रा के दौरान इसका प्रयोग करना अच्छा है।
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