healthplanet.net

Posted on

शिशु की सरसों के तेल से करेंगी मालिश तो हड्डियां होंगी मजबूत, जान लें मालिश का तरीका


शिशु की हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए मालिश करने की सलाह दी जाती है। नवजात शिशु की मालिश करने के कई लाभ होते हैं और ये लाभ तब दोगुने हो जाते हैं जब आप मालिश के लिए सही तेल चुनते हैं।

मालिश के लिए सरसों के तेल का बहुत उपयोग किया जाता है लेकिन क्‍या शिशु की मालिश के लिए भी यह तेल बहुत फायदेमंद रहता है। यहां हम आपको सरसों के तेल से शिशु को मिलने वाले फायदों के बारे में बताने जा रहे हैं।

​ब्‍लड सर्कुलेशन

सरसों का तेल रक्‍त प्रवाह को बेहतर करता है और शिशु की संपूर्ण सेहत में सुधार लाता है। शिशु की रोज मालिश करने से शरीर स्‍वस्‍थ और मजबूत बनता है। इसके अलावा शरीर में गरमाई रखने में सरसों का तेल बहुत मदद करता है। यही वजह है कि ठंड के मौसम और ठंडे इलाकों में शिशु को गरम रखने के लिए सरसों के तेल का ही इस्‍तेमाल किया जाता है।
​त्‍वचा रोगों से छुटकारा

लहसुन की कुछ कलियां लें और उसे सरसों के तेल में डालकर हल्‍का गर्म कर लें। अब तेल के थोड़ा ठंडा होने पर शिशु की छाती पर लगाएं। इस तरह शिशु में खांसी और जुकाम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसमें आप लहसुन की जगह तुलसी की पत्तियां भी डाल सकते हैं।

सरसों के तेल में एंटीफंगल और एंटीबैक्‍टीरियल गुण होते हैं। इससे मालिश करने पर बच्‍चे को त्‍वचा संक्रमण से सुरक्षा मिलती है। सरसों का तेल शिशु को कई तरह के स्किन इंफेक्‍शन से बचाने में मदद करता है।


​बाल घने होते हैं

शिशु के बालों की ग्रोथ में सुधार के लिए सरसों का तेल बहुत असरकारी होता है। रोज बालों और सिर की इस तेल से मालिश करने से बालों की ग्रोथ अच्‍छी होती है।

सरसों का तेल बच्‍चों को मच्‍छरों के काटने से भी बचाता है। इस तेल की तेज गंध शिशु को मच्‍छरों से दूर रखती है।


​एंटीबैक्‍टीरियल और एंटीफंगल है तेल

सरसों के तेल में कई एंटीबैक्‍टीरियल गुण मौजूद हैं और यही वजह है कि इस तेल की मालिश से बच्‍चे की स्किन स्‍वस्‍थ रहती है और त्‍वचा पर किसी तरह का कोई संक्रमण नहीं होता है।

शिशु को अक्‍सर फंगल इंफेक्‍शन हो जाता है जाे कि बहुत परेशानी पैदा करता है। अगर आप अपने बच्‍चे की सरसों के तेल से मालिश करते हैं तो फंगल इंफेक्‍शन का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है।


​सरसों का तेल इस्‍तेमाल करने का तरीका

आप शिशु को इस तेल का ज्‍यादा से ज्‍यादा लाभ दिलाने के लिए निम्‍न तरीकों से प्रयोग कर सकते हैं।

पहले तेल को उबाल लें और फिर उसे ठंडा कर के एक बोतल में भर लें। नहाने से पहले रोज इस तेल से शिशु के सिर और शरीर की मसाज करें।
आप चाहें तो इस्‍तेमाल से कुछ मिनट पहले आवश्‍यकतानुसार तेल गर्म कर के भी प्रयोग कर सकती हैं।
सरसों के तेल में अजवाइन उबालकर उसे ठंडा होने दें। अब इसे तेल से शिशु की मालिश करें।
आप सरसों के तेल में लहसुन की कलियां या तुलसी की पत्तियां डालकर भी गर्म करके इस्‍तेमाल कर सकती हैं।

solved 5
wordpress ago 5 Answer
--------------------------- ---------------------------
+22

Author ->

Short info