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हर्निया की बीमारी से हो जाते हैं पेट में छिद्र, जानें कैसे करें इसका इलाज
हर्निया के लक्षणों में पेट की चर्बी का बाहर निकलना, पेशाब करने में कठिनाई, पेट के निचले हिस्से में सूजन या लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठे या खड़े रहना शामिल है.
हर्निया के लक्षणों में पेट की चर्बी का बाहर निकलना, पेशाब करने में कठिनाई, पेट के निचले हिस्से में सूजन या लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठे या खड़े रहना शामिल है.
हर्निया (Hernia) आमतौर पर पेट (Stomach) में होता है लेकिन यह जांघ के ऊपरी हिस्से, नाभी और कमर के आसपास भी हो सकता है.
हर्निया (Hernia) पेट की बीमारी है, जिसमें आंतें (Intestine) खराब हो जाती हैं और पेट (Stomach) में छिद्र बनने लग जाते हैं. myUpchar के अनुसार, हर्निया आमतौर पर पेट में होता है लेकिन यह जांघ के ऊपरी हिस्से, नाभी और कमर के आसपास भी हो सकता है. हर्निया में कमर की मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं. यह बीमारी महिला और पुरुष दोनों में हो सकती है, लेकिन ज्यादातर पुरुषों को प्रभावित करती है। आइये जानते हैं हर्निया के लक्षण और उपचार के बारे में -
ऐसे होती है हर्निया की बीमारी
इसमें पेट की मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं और इसी कमजोरी की वजह से आंतें बाहर निकल आती हैं. यह पुरुषों के कमर वाले हिस्से में ज्यादा होता है. इससे रक्त प्रवाह ब्लॉक हो जाता है, जिस वजह से अन्य समस्याएं होने लगती हैं.
पांच प्रकार के होते हैं हर्निया
स्पोर्ट्स हर्निया : स्पोर्ट्स हर्निया पेट के निचले भाग और जांघ के बीच में होता है.
अंबिलिकल हर्निया : यह छोटे बच्चों में होता है. जो बच्चे 6 महीने से छोटे होते हैं, उनमें इस प्रकार के हर्निया की समस्या अधिक होती है.
इंसिजनल हर्निया : पेट की सर्जरी होने के बाद उस व्यक्ति में इस प्रकार के हर्निया होने की आशंका ज्यादा होती है.
हाइटल/हायटल हर्निया : यह पेट के भाग में डायाफ्राम के माध्यम से छाती तक पहुंच जाता है. यह हर्निया पेट की मांसपेशियों पर बुरा प्रभाव डालती है.
इनगुइनल हर्निया : यह तब होता है जब पेट के निचले हिस्से की परत में छेद या उसके एक कमजोर हिस्से से आंत उभर आती है.
इस कारण से होता है हर्निया
हर्निया की समस्या उन लोगोंं में होती है, जिन्होंने कभी अधिक वजन उठाया हो, गहरी चोट के संपर्क में आए हों या कोई ऑपरेशन करवाया हो. यह समस्या उनमें भी हो सकती है, जिन्हें लंबे समय तक कब्ज या खांसी की समस्या होती है. इसके अतिरिक्त गर्भवती महिला को भी हर्निया की आशंका होती है.
हर्निया के लक्षण
हर्निया के लक्षणों में पेट की चर्बी का बाहर निकलना, पेशाब करने में कठिनाई, पेट के निचले हिस्से में सूजन या लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठे या खड़े रहना शामिल है.
हर्निया का उपचार
हर्निया का उपचार सर्जरी के माध्यम से किया जाता है. हर्निया में दो तरह की सर्जरी होती है- पहली ओपन सर्जरी और दूसरी लेप्रोस्कोपिक सर्जरी. ओपन सर्जरी में मरीज को 6 महीने का आराम करने के लिए कहा जाता है. इसमें व्यक्ति 6 महीने तक कोई भी शारीरिक गतिविधि नहीं कर सकता. वहीं लेप्रोस्कोपिक सर्जरी में जनरल एनेस्थीसिया देकर लोकल सर्जरी की जाती है. इसमें छोटा सा चीरा लगाया जाता है. दिल के मरीजों को चिकित्सक लोकल सर्जरी की सलाह देते हैं.
हर्निया के घरेलू उपचारों में मसाज, योगासन, दालचीनी, गर्म पानी का सेवन और सेब का सिरका का सेवन आदि शामिल है.
हर्निया में ध्यान रखने वाली बातें
हर्निया की समस्या से बचने के लिए वजन नियंत्रित करना जरूरी है. ज्यादा वसा युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करने से बचना चाहिए, वहीं खाने में ज्यादा से ज्यादा फाइबर और प्रोटीन लेना चाहिए. धूम्रपान, शराब आदि से परहेज करना चाहिए. इसके अलावा अधिक वजन वाली चीजों को नहीं उठाना चाहिए, ऐसा करने से हर्निया का दर्द बढ़ सकता है.
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