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ब्रेन ट्यूमर : Brain Tumor क्या है? जानिए इसके लक्षण, कारण और कब डॉक्टर को दिखाएं
ब्रेन ट्यूमर एक घातक बीमारी है. यदि समय पर इसका इलाज न किया जाए तो जानलेवा साबित हो सकता है. इस लेख
ब्रेन ट्यूमर
Brain Tumor: मस्तिष्क यानी दिमाग में कोशिकाओं की असामान्य वृद्धि को ब्रेन ट्यूमर कहा जाता है. ब्रेन ट्यूमर कई प्रकार के होते हैं. इनमें से कुछ कैंसर रहित यानी बिनाइन (Benign) होते हैं, जबकि कुछ ट्यूमर कैंसर से संक्रमित यानी मलिग्नेंट (Malignant) होते हैं. ब्रेन ट्यूमर की शुरुआत आपके मस्तिष्क में ही होती है, जबकि कैंसर (Cancer) शरीर के किसी भी हिस्से में शुरू हो सकता है और फिर शरीर के अन्य हिस्सों के साथ ही मस्तिष्क तक भी पहुंच सकता है. जब कैंसर शरीर के किसी अन्य हिस्से में शुरू होकर मस्तिष्त तक पहुंचता है तो इसे सेकेंडरी (Metastatic) ब्रेन ट्यूमर कहा जाता है.
ब्रेन ट्यूमर की बढ़ने की रफ्तार अलग-अलग हो सकती है और अलग-अलग ब्रेन ट्यूमर में बढ़ने की रफ्तार में बहुत बड़ा अंतर हो सकता है. ब्रेन ट्यूमर की ग्रोथ और यह मस्तिष्क के किस हिस्से में हुआ है, इसका असर तंत्रिका तंत्र पर काफी असर पड़ता है. ब्रेन ट्यूमर का इलाज इसके प्रकार, आकार और मस्तिष्क के किस हिस्से में है, इन सभी बातों पर निर्भर करता है.
ब्रेन ट्यूमर के प्रकार – Types of Brain Tumor
ब्रेन ट्यूमर कई प्रकार के होते हैं. मस्तिष्क के किस हिस्से में ट्यूमर हुआ है, उसके अनुसार ब्रेन ट्यूमर के अलग-अलग प्रकार होते हैं. यहां हम आपको ब्रेन ट्यूमर के कुछ प्रकार बता रहे हैं.
एकौस्टिक न्यूरोमा
एस्ट्रोसाइटोमा
ब्रेन मेटास्टेसिस
कोरॉइड प्लेक्सस कार्सिनोमा
क्रानियोफेरीन्जिओमा
एम्ब्रियोनल ट्यूमर
एपेन्डिमोमा
ग्लयोब्लास्टोमा
ग्लयोमा
मेडुलोब्लास्टोमा
मेनिंजियोमा
ओलिगोडेंड्रोग्लियोमा
पिडियाट्रिक ब्रेन ट्यूमर
पाइनोब्लास्टोमा
पिट्यूटरी ट्यूमर
ब्रेन ट्यूमर के लक्षण – Brain Tumor Symptoms
ब्रेन ट्यूमर के लक्षण मुख्यत: इसके आकार पर निर्भर करते हैं. इसके अलावा ब्रेन ट्यूमर मस्तिष्क के किस हिस्से में है और इसकी ग्रोथ की रफ्तार क्या है, इन बातों का भी ब्रेन ट्यूमर के लक्षणों दिखने पर असर पड़ता है. आमतौर पर ब्रेन ट्यूमर के लक्षण निम्न होते हैं.
सिरदर्द के पैटर्न में बदलाव या नए सिरे से सिरदर्द होना
सिरदर्द जो धीरे-धीरे अधिक गंभीर होता जाए और बार-बार हो
बिना किसी वजह के उल्टी और मतली आना
दृष्टि दोष, जैसे – धुंधला दिखना, डबल विजन और पेरिफरल विजन को नुकसान पहुंचना
हाथ और पैरों को छूने का एहसास धीरे-धीरे खत्म हो जाना
संतुलन बनाए रखने में दिक्कत होना
बोलनें में समस्या होना
बहुत अधिक थकान महसूस करना
रोजमर्रा के मामलों में भी उलझन होना
निर्णय लेने में कठिनाई होना
सरल आदेशों के पालन में भी दिक्कत होना
व्यक्तित्व और व्यवहार में बदलाव आना
दौरे पड़ना, खासतौर पर ऐसे लोगों में जिनमें पहले से दौरे का कोई इतिहास न रहा हो
सुनने में भी समस्या होना
डॉक्टर को कब दिखाएं – When to see a doctor in Brain Tumor?
अगर ऊपर बताए गए लक्षणों में से कोई भी लक्षण आपको बार-बार नजर आ रहे हों या लंबे समय से नजर आ रहे हों तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं और यदि ब्रेन ट्यूमर है तो उसका निदान करें और जल्द से जल्द इलाज करवाएं.
ब्रेन ट्यूमर के कारण – Causes of Brain Tumor
मस्तिष्क में पनपने वाला कैंसर रहित ब्रेन ट्यूमर – आमतौर पर ब्रेन ट्यूमर मस्तिष्क में या उसके आसपास के उत्तकों में पनपता है. जैसे मस्तिष्क को ढकने वाली झिल्लियां (Brain-Covering Membranes) जैसे मेनिंजेस, क्रैनियल नर्व, पिट्यूटरी ग्लैंड और पिनियल ग्रंथि में ब्रेन ट्यूमर की शुरुआत होती है.
प्राइमरी ब्रेन ट्यूमर तब शुरू होता है, जब कुछ सामान्य कोशिकाएं अपने डीएनए में परिवर्तन (Mutation) करके असामान्य रूप से विकसित होने लगती हैं. बता दें कि कोशिका के डीएनए में वह निर्देश छिपे होते हैं, जो उसे निर्देशित करते हैं कि उन्हें क्या करना है. म्यूटेशन, कोशिकाएं को बढ़ने और तेजी से विभाजित होने का निर्देश देते हैं और जब यह सेल बढ़ने लगते हैं तो स्वस्थ कोशिकाएं मरने लगती हैं. इस तरह से असामान्य कोशिकाएं इकट्ठा होने लगती हैं, जिसे ट्यूमर कहा जाता है.
बता दें कि वयस्कों में प्राइमरी ब्रेन ट्यूमर आम नहीं है, बल्कि सेकंडरी ब्रेन ट्यूमर के मामले ज्यादा आते हैं. सेकंडरी ब्रेन ट्यूमर का मतलब है कि कैंसर कोशिकाएं पहले शरीर के किसी अन्य भाग में बनीं और फिर वह बढ़ते-बढ़ते ब्रेन तक पहुंच गईं. ब्रेन ट्यूमर कई प्रकार के होते हैं और प्रत्येक का नाम इनमें शामिल कोशिकाओं के प्रकार के आधार पर अलग-अलग होता है.
किसी भी तरह का कैंसर मस्तिष्क तक पहुंचकर ब्रेन ट्यूमर का कारण बन सकता है, लेकिन निम्न कुछ कैंसर हैं जो ब्रेन तक आसानी से पहुंच जाते हैं –
ब्रेस्ट कैंसर (Breast cancer)
आंत का कैंसर (Colon cancer)
किडनी कैंसर (Kidney cancer)
फेफड़ों का कैंसर (Lung cancer)
त्वचा कैंसर (Melanoma)
ब्रेन ट्यूमर के रिस्क फैक्टर – Risk factors
प्राइमरी ब्रेन ट्यूमर के ज्यादातर मरीजों में ट्यूमर का कारण स्पष्ट नहीं होता. लेकिन डॉक्टरों में कुछ रेसिक फेक्टर का पता लगाया है, जो ब्रेन ट्यूमर के रिस्क फैक्टर बढ़ा सकते हैं.
रेडिएशन के संपर्क में आना – जो लोग आयोनाइजिंग रेडिएशन के संपर्क में आते हैं उनमें ब्रेन ट्यूमर का खतरा ज्यादा होता है. आयोनाइजिंग रेडिएशन के उदाहरणों में कैंसर के इलाज के लिए इस्तेमाल होने वाली रेडिएशन थेरेपी और एटॉम बम आते हैं.
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