healthplanet.net

Posted on

जब सूर्य की अल्ट्रावायलैट किरणें आपकी त्वचा तक पहुंचती हैं तो ये एपीडर्मिस यानी त्वचा की बाहरी परत की कोशिकाओं को नुक्सान पहुंचाती हैं। इसके परिणामस्वरूप आपकी रोग प्रतिरोधक प्रणाली प्रभावित क्षेत्रों तक रक्त प्रवाह को बढ़ा देती है

इस बढ़े हुए रक्त प्रवाह के कारण ही सनबर्न के लाली पैदा होने तथा छूने पर त्वचा के गर्म होने जैसे लक्षण सामने आते हैं।इसी दौरान नष्ट हुए स्किन सैल्स ऐसे कैमीकल छोड़ते हैं जो शरीर के माध्यम से तब तक संदेश भेजते हैं जब तक कि यह दिमाग द्वारा एक पीड़ादायक जलन की अनुभूति में न बदल जाएं।

सफेद रक्त कोशिकाएं यानी व्हाइट ब्लड सैल्स जो हमें संक्रमण तथा रोगों से सुरक्षा दिलाते हैं वे नष्ट हुए स्किन सैल्स पर हमला बोलते हैं और उन्हें हटा देते हैं। नष्ट हुए सैल्स को हटाने की इस प्रक्रिया के कारण सनबर्न से पीडि़त त्वचा पर खुजली होने लगती है और यह छिल जाती है।

solved 5
wordpress ago 5 Answer
--------------------------- ---------------------------
+22

Author ->

Short info