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नमक की कमी का क्या है इलाज, जानें इससे होने वाले रोगों के बारे में
अगर आपकी करी (Curry) में नमक तेज हो गया है तो आप एक अलग पैन (Pan) में दो चम्मच बेसन (Besan) भूनें और करी में डालकर अच्छी तरह मिलाएं.
शरीर को स्वस्थ रखने के लिए नमक (Salt) पोषक तत्व का कार्य करता है, लेकिन हाई बीपी (High Blood Pressure) से ग्रसित लोगों को डॉक्टर द्वारा नमक से परहेज करने को कहा जाता है. नमक के ज्यादा सेवन को लेकर सबकी धारणाएं अलग अलग हो सकती हैं. दरअसल, नमक एक प्राकृतिक खनिज है, जो सोडियम (Sodium) और क्लोरीन से भरपूर होता है. इसमें सोडियम की मात्रा 40% और क्लोरीन की मात्रा 60% होती है. यह दोनों ही तत्व शरीर के लिए आवश्यक होते हैं. जब शरीर में नमक की कमी हो जाती है, तो ऐसे मरीज को लो ब्लड प्रेशर की समस्या हो सकती है. इसके अतिरिक्त दिल की मांसपेशियां और शरीर का पाचन तंत्र भी गड़बड़ा सकता है.
नमक की सही मात्रा का सेवन है जरूरी
नमक की पर्याप्त मात्रा शरीर के लिए आवश्यक होती है इसलिए वयस्कों को दिन में कम से कम 6 ग्राम नमक खाना चाहिए. यह लगभग एक चम्मच के बराबर होता है. वही 1 से 3 साल के बच्चों को 1 दिन में 2 ग्राम नमक दिया जाना चाहिए और 4 से 6 साल के बच्चों को दिन में 3 ग्राम नमक की आवश्यकता होती है. 7 से 10 साल के बच्चों को 1 दिन में 5 ग्राम नमक खाना चाहिए और 11 साल से अधिक उम्र वालों को दिन में 6 ग्राम नमक जरूर खाना चाहिए.
नमक की कमी के क्या होते हैं लक्षण
जिनमें नमक की कमी होती है, उन्हें अक्सर सिरदर्द, पेट में ऐंठन, मांसपेशियों में कमजोरी, चिड़चिड़ापन, दस्त या कब्ज लगना, दिल की धड़कन का तेज होना और शरीर में सुस्ती और थकान महसूस होती है. नमक की कमी होने पर यदि इसका तत्काल इलाज नहीं किया गया, तो रोगी को मस्तिष्क में सूजन या मस्तिष्क को अन्य नुकसान भी हो सकता है. कई मामलों में नमक की कमी मौत का कारण भी बन सकती है.
नमक की कमी से होने वाले रोग
जिन लोगों को नमक की कमी होती है, उन्हें अक्सर मांसपेशियों में ऐंठन, चक्कर आना, चिड़चिड़ापन हो सकता है. अत्यधिक गंभीर स्थिति में मरीज को कोमा और शॉक लगने का भी जोखिम हो सकता है.
नमक की कमी से ऐसे करें बचाव
नमक की कमी होने पर गर्मियों के मौसम में अधिक से अधिक पानी पीना चाहिए. यदि इलेक्ट्रोलाइट विकार की समस्या है, तो डॉक्टर को जरूर बताना चाहिए. इसके लिए इलेक्ट्रोलाइट विकार की दवाएं दी जा सकती हैं. पर्याप्त मात्रा में नमक का सेवन करना चाहिए. इन सभी बातों को यदि ध्यान रखेंगे तो नमक की कमी से होने वाले रोगों का सामना नहीं करना पड़ेगा.
नमक की कमी का ये है इलाज
नमक की कमी दूर करने के लिए सोडियम क्लोराइड का घोल दिया जाता है या सोडियम क्लोराइड की बोतल चढ़ाई जाती है. नमक की कमी को पर्याप्त मात्रा में नमक खाकर और पर्याप्त मात्रा में पानी पीकर दूर किया जा सकता है. इसके अतिरिक्त डॉक्टर नमक की कमी को दूर करने के लिए दवाएं दे सकते हैं. सिरदर्द, मतली और दौरा पड़ने जैसे लक्षण महसूस हो रहे हो तो इसके लिए भी डॉक्टर दवाएं लिख सकते हैं.
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