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सफेद दाग के रोगियों को नहीं खानी चाहिए ये चीजें, बढ़ सकती है समस्या
सफेद दाग में ऐसी चीजों को खाने से परहेज करना चाहिए, जिससे मेटाबॉलिज्म कमजोर हो सकता है।
विटिलिगो या सफेद दाग की समस्या एक तरह का चर्मरोग है। इसे मेडिकल भाषा में ल्यूकोडर्मा के नाम से भी जाना जाता है। इस बीमारी में मरीज के शरीर के विभिन्न हिस्सों में सफेद दाग बन जाते हैं। ये दाग शरीर के किसी एक हिस्से में हो सकते हैं या एक से ज्यादा अलग-अलग हिस्सों में भी हो सकते हैं। विटिलिगो की समस्या का मुख्य कारण मेलेनोसाइट्स नामक कोशिकाओं का नष्ट होना है। मेलेनोसाइट्स, त्वचा में रंग बनाने वाली कोशिकाओं को कहा जाता है। जब किसी कारण से ये कोशिकाएं नष्ट होने लगती हैं या काम करना बंद कर देती हैं तो शरीर पर जगह-जगह सफेद दाग दिखाई देने लगते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि विटिलिगो की समस्या में खानपान की आदतों में कुछ बदलाव करके, इस समस्या से बचा जा सकता है। ऐसा माना जाता है कि सफेद दाग की समस्या में कुछ फूड्स से परहेज करना जरूरी है। हमने इस विषय में आयुर्वेदिक चिकित्स्क डॉ रितु चड्ढा से बात की। उन्होंने बताया कि इस बीमारी का मुख्य कारण कमजोर मेटाबॉलिज्म होता है। ऐसे में, इस बीमारी में ऐसी चीजों को खाने से परहेज करना चाहिए, जिससे मेटाबॉलिज्म कमजोर हो सकता है। तो आइए जानते हैं कि विटिलिगो में कौन से फूड्स से परहेज करना चाहिए (Foods To Avoid In Vitiligo) -
सफेद दाग के कारण - Cause of Vitiligo In Hindi
जेनेटिक (अनुवांशिक) कारणों से विटिलिगो की समस्या हो सकती है। डॉक्टर्स का मानना है कि अगर माता-पिता को या परिवार में पहले किसी को यह बीमारी रही हो तो बच्चों में इसके होने की आशंका रहती है।
जब शरीर में प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से शरीर को ही नुकसान पहुंचाने लगती है, जिससे मेलैनोसाइट्स नष्ट हो जाती हैं।
ऑटो-इम्यून डिसऑर्डर, जैसे ऑटो-इम्यून थायरॉइड डिसऑर्डर या टाइप - 1 डायबिटीज के प्रभाव से भी यह समस्या हो सकती है।
सनबर्न या औद्योगिक केमिकल्स के संपर्क में आने के कारण भी मेलेनोसाइट सेल्स नष्ट हो सकती हैं।
सफेद दाग में ना खाएं ये चीजें - Foods To Avoid In Vitiligo
तली-भुनी और प्रोसेस्ड चीजें - Avoid Fried And Processed Foods In Vitiligo
विटिलिगो के मरीजों को तली-भुनी और प्रोसेस्ड चीजें जैसे ब्रेड, बिस्कुट, बेकरी प्रोडक्ट्स आदि का सेवन नहीं करना चाहिए। इसके साथ ही, ज्यादा शुगर वाली चीजें कैसे कोल्ड ड्रिंक, चॉकलेट, सोडा और केक आदि से भी परहेज करना चाहिए। प्रोसेस्ड और शुगर वाली चीजें खाने से विटिलिगो की समस्या बढ़ सकती है।
दही -
विटिलिगो के मरीजों को दही खाने से परहेज करना चाहिए। दरअसल, दही की तासीर गर्म होती है और यह पचने में भी भारी होती है। विटिलिगो की समस्या में दही खाने से पाचन से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं और रोग भी बढ़ सकता है।
मीट-मछली -
सफेद दाग से पीड़ित लोगों को रेड मीट और मछली का सेवन नहीं करना चाहिए। कुछ मामलों में देखा गया है कि मछली और रेड मीट का सेवन करने से शरीर में कुछ केमिकल्स प्रवेश कर जाते हैं, जिससे यह समस्या और अधिक बढ़ सकती है।
हाइड्रोक्विनोन -
विटिलिगो में ऐसे फूड्स नहीं खाने चाहिए, जिनमें हाइड्रोक्विनोन मौजूद हो। हाइड्रोक्विनोन, एक प्रकार का घटक होता है, जो मेलानिन के उत्पादन को कम कर देता है। ब्लूबेरी और नाशपाती जैसे फलों में हाइड्रोक्विनोन होता है, इसलिए इनका सेवन ना करें।
विटिलिगो में इन चीजों से भी करें परहेज -
मसालेदार भोजन
शराब
विरुद्ध आहार जैसे दूध और मछली
खट्टी चीजें
कॉफी
अचार
अनार
टमाटर
गेहूं के प्रोडक्ट्स
मैदा, दाल, काबुली चना, देसी चना और मटर
आलू और कन्द मूल
दूध, दही, पनीर
गुड़
उड़द
ठंडा भोजन
विटिलिगो की समस्या में डाइट में कुछ बदलाव करके सफेद दाग को बढ़ने से रोका जा सकता है। सफेद दाग की समस्या में ऐसे फूड्स से परहेज करना चाहिए जो पचाने में कठिन हों और जिनसे मेटाबॉलिज्म कमजोर होता हो। सफेद दाग की बीमारी में मैदा, ब्रेड, बिस्कुट, शुगरी फूड्स, दही, मछली, रेड मीट और खट्टे फलों आदि से परहेज करना चाहिए।
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