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व्हीटग्रास से डिटॉक्स होता है शरीर
व्हीटग्रास में पोषक तत्व पाए जाते हैं जो शरीर से टॉक्सिन को बाहर निकालने का काम करते हैं। उदाहरण के लिए गेहूं के ज्वारे में पाए जाने वाले क्लोरोफिल शरीर को डिटॉक्स करने में हेल्प करता है और साथ ही हेल्दी लिवर फंक्शन को बढ़ावा देता है। जब एक बार आपका शरीर साफ हो जाता है तो शरीर के ऊर्जा स्तर में वृद्धि होती है और इंसान स्वस्थ्य रहता है। शरीर को डिटॉक्स करने के लिए विभिन्न विधि अपनाई जा सकती हैं लेकिन व्हीटग्रास का विकल्प सबसे बेहतर माना जाता है।
पाचन में सहायक
इसमें विटामिन-बी, एमीनो एसिड और ऐसे एंजाइम्स होते हैं, जो खाना पचाने में मदद करते हैं। इसके अलावा रोजाना इसका सेवन ब्लड सर्क्युलेशन को ठीक रखने में भी मदद करता है।
जोड़ों में दर्द
सर्दियों में जोड़ों और घुटनों के दर्द की समस्या बढ़ जाती है। ऐसे में इसका एक ग्लिास जूस हर प्रकार के दर्द और जोड़ों में सूजन को दूर करने में मदद करता है।
एड़ी का दर्द
शुरुआती शोध बताते हैं कि एक व्हीटग्रास क्रीम को 6 हफ्ते तक रोजाना दो बार पैरों के नीचे लगाने से एड़ी का दर्द कम होता है।
उच्च कोलेस्ट्रॉल
प्रारंभिक शोध से पता चलता है कि 10 सप्ताह तक रोजाना कैप्सूल में व्हीटग्रास पाउडर लेने से कुल कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड कोलेस्ट्रॉल के स्तर में कमी आती है।
मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है व्हीटग्रास
व्हीटग्रास मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने का काम करता है। अगर आप ब्हीटग्रास यानि गेंहू के ज्वारे का जूस पीते हैं तो मेटाबॉलिज्म की प्रक्रिया बूस्ट होती है। साथ ही बढ़ा हुआ वजन भी कंट्रोल होना शुरू हो जाता है। ब्हीटग्रास जूस में लो कैलोरी होती है और साथ ही फैट नहीं होता है। ब्हीटग्रास का सेवन करने से पेट के भरे होने का एहसास देर तक रहता है इसलिए क्रैविंग की समस्या भी नहीं होती है।
यानि जिन लोगों को क्रैविंग की समस्या है उन्हें व्हीटग्रास का सेवन करना चाहिए। वजन कम होने से शरीर में कोलेस्ट्रॉल का लेवल भी मेंटेन रहता है। कोलेस्ट्रॉल के नियंत्रण में रहने से हार्ट डिजीज का खतरा भी कम हो जाता है।
इम्यून सिस्टम को बेहतर बनाता है व्हीटग्रास
व्हीटग्रास प्रतिरक्षा प्रणाली (immune system) के फंक्शन को बढ़ाता है। यह संक्रमण और बीमारी को दूर करने में मदद कर सकता है। जब इम्यून सिस्टम बेहतर तरीके से काम करता है तो व्यक्ति को बेहतर महसूस होता है। अगर आपको किसी प्रकार की बीमारी हो जाती है तो स्ट्रॉन्ग इम्यून सिस्टम की वजह से आपकी बीमारी जल्द ठीक हो जाती है। अगर एक्सपर्ट से सलाह करने के बाद आप व्हीटग्रास का उचित मात्रा में सेवन करते हैं तो आपको इसके बेहतर परिणाम देखने को मिलेंगे। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप एक्सपर्ट से परामर्श जरूर लें।
व्हीटग्रास का सेवन करने के बाद आपका एनर्जी लेवल अधिक हो जाएगा। एक बार जब आपके शरीर को हानिकारक पदार्थों या फिर टॉक्सिन के बाहर निकलने पर ताजगी का एहसास होगा तो आप भी तरो-ताजा महसूस करेंगे। स्वस्थ तन और व्यायाम की सहायता से शरीर अधिक स्वस्थ रहता है और बीमारियों से लड़ने की क्षमता भी बढ़ जाती है।
ब्लड प्रेशर करता है नॉर्मल
गेंहू के ज्वारे का सेवन करने से हाई बीपी वाले पेशेंट को राहत मिल सकती है। व्हीटग्रास का सेवन करने से ब्लड प्रेशर में कमी आती है। व्हीटग्रास में मौजूद क्लोरोफिल मॉलीक्यूल हीमोग्लोबिन के समान होता है और ब्लड सेल काउंट को बढ़ाने का काम करता है। इस कारण से ब्लड प्रेशर नॉर्मल होता है। व्हीटग्रास ब्लड प्रेशर कम करने के साथ ही ब्लड को प्यूरीफाई करने का काम भी करता है।
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