Login
$zprofile = 'profile'; $zcat = 'category'; $zwebs = 'w'; $ztag = 'tag'; $zlanguage = 'language'; $zcountry = 'country'; ?>
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
जब शरीर में वात यानी वायु अधिक बढ़ जाती है तो कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं शुरू हो जाती हैं. जैसे...
लंबे समय तक अधिक तनाव
अनियमित जीवनशैली
नींद पूरी ना लेना
वायु बढ़ाने वाले भोजन का अधिक सेवन
वात बढ़ने पर क्या होता है-
जब शरीर में वायु की मात्रा अधिक बढ़ जाती है तो गैस अधिक बनती है.
पेट फूलना या पेट में सूजन जैसी समस्या होती हैं
शरीर में दर्द होना
बेचैनी रहना
नींद ना आना
शरीर के किसी भी अंग में सुन्नता आना, इत्यादि.
पित्त दोष असंतुलन के लक्षण
शरीर के तापमान को बनाए रखने और भूख को नियंत्रित करने का काम पित्त ही करता है. पित्त असंतुलित होने पर पाचन की समस्या होने लगती है. अब सवाल यह भी उठता है कि पित्त संबंधी समस्याएं होती क्यों हैं? तो इसका सबसे सामान्य कारण है बहुत अधिक मसालेदार और तला हुआ भोजन खाना या फिर देर तक भूख बर्दाश्त करना. जो लोग अधिक समय तक धूप में रहते हैं, उन्हें भी यह समस्या हो सकती है.
जब पित्त असंतुलित होने पर क्या होता है-
बहुत अधिक गुस्सा आना
मुंहासे निकलना
शरीर में सूजन
हॉट फ्लैशेज
स्किन पर रैशेज
सीने पर जलन
खट्टी डकार आना
मितली आना
कम उम्र में बाल तेजी से सफेद होना
कफ बढ़ने पर क्या होता है-
इमोशनल हेल्थ खराब होती है
डिप्रेशन का स्तर बढ़ जाता है
त्वचा पर खुजली होने लगती है
बार-बार खांसी की समस्या
जोड़ों में दर्द
सूजन होना
बलगम अधिक आना
सीने में जकड़न, सिर में दर्द और चेहरे पर सूजन एक साथ होना. इत्यादि
| --------------------------- | --------------------------- |