healthplanet.net

Posted on

हमने 99.0% की सटीकता हासिल की, जो दर्शाता है कि 2डी सोनोग्राफिक प्रीनेटल लिंग निर्धारण का गर्भाशय में लिंग निर्धारण में उच्च नैदानिक ​​अनुप्रयोग है। यदि पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियां या गड्ढा छिद्र को गलती से महिला समझ लेती है तो गलत लिंग आपस में जुड़ सकते हैं। गर्भावस्था के 11 वें या 12 वें सप्ताह में की गई अल्ट्रासाउंड इमेजिंग में पुरुष के लिंग की रिपोर्ट करने की संभावना 87.6% सही होती है और महिला के लिंग की रिपोर्ट करने की संभावना 96.8% सही होती है।

ध्यान रखें कि भारत में गर्भावस्था के दौरान अल्ट्रासाउंड के जरिये शिशु के लिंग के बारे में बताना गैरकानूनी और दंडनीय अपराध है। इसलिए स्कैन से आपको यह पता नहीं चल सकेगा कि आपके गर्भ में बेटा है या बेटी। शिशु का लिंग चाहे कुछ भी हो.

solved 5
wordpress ago 5 Answer
--------------------------- ---------------------------
+22

Author ->

Short info