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किशोरावस्था आने पर लड़कों के शरीर में होते हैं ये बदलाव -
किशोरावस्था की शुरुवात में ही बच्चों के टेस्टिकल मैच्योर और बड़े होने लगते हैं साथ ही उनका कलर भी डार्क हो जाता है।
इसके अलावा उनका पेल्विक एरिया और पेनिस दोनों का रंग भी डार्क होने लगता है।
जननांगो के आस पास वाले हिस्से में बाल आना शुरू हो जाते हैं साथ ही अंडरआर्म में भी बाल उगने शुरू हो जाते हैं।
कुछ लड़कों में इसी उम्र में ही चेहरे पर दाढ़ी आने लगती है जबकि कुछ लड़कों में कुछ दिनों बाद ऐसा होता है।
इस दौरान लड़के धीरे धीरे सेक्सुअली मैच्योर होने लगते हैं और उन्हें रात में रोमांटिक सपने भी आने लगते हैं।
इसके अलावा इस उम्र में सेक्सुअली उत्तेजित होने पर उनके लिंग में तनाव भी आने लगता है।
इस उम्र में लड़कों को ज्यादा पसीना आने लगता है।
लड़कों की आवाज में भी इस समय काफी बदलाव आता है और आवाज पहले की तुलना में ज्यादा भारी हो जाती है।
कई लड़कों की स्किन में भी बदलाव होने लगते हैं और इन्ही बदलावों की वजह से उनके चेहरे पर मुहांसे भी निकलने लगते हैं जो कि पूरी तरह सामान्य है।
इस उम्र में बच्चों का मूड काफी तेजी से बदलता है। बात बात पर बच्चे गुस्सा होने लगते हैं ऐसे मौकों पर उन्हें पेरेंट्स की सख्त ज़रूरत महसूस होती है। इसलिए किशोरावस्था के समय हर पेरेंट्स को अपने बच्चों से खुलकर बात करनी चाहिए और उन्हें सही जानकारी बतानी चाहिए।
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