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महिलाओं में सिर दर्द का कारण : महिलाओं में सिर दर्द का कारण हो सकता है हार्मोनल बदलाव, डॉक्टर से जानें उपाय
अगर दिन की शुरुआत में ही सिर दर्द होना शुरू हो जाए तो पूरे दिन के काम इससे प्रभावित हो सकते हैं। आपकी प्रोडक्टिविटी कम हो सकती है और आपके घर वालों के साथ झगड़ा होने के भी अधिक चांस रहते हैं। इससे पूरा दिन ही खराब हो जाता है और शरीर में सारी एनर्जी खत्म हुई लगती है मानो आप बीमार हों। सिर दर्द से वैसे तो हर व्यक्ति जूझता है लेकिन पुरुषों से ज्यादा महिलाओं में सिर दर्द अधिक देखने को मिलता है। महिलाओं में सिर दर्द होने का कारण उनके द्वारा ली जाने वाले गर्भ निरोधक गोलियां, मेंस्ट्रुएशन साइकिल, प्रेग्नेंसी, दूध पिलाना, मेनोपॉज आदि होते हैं। इसका अर्थ है हार्मोन्स में आने वाले बदलाव से महिलाओं को ज्यादा सिर दर्द झेलने पड़ते हैं।
हार्मोन्स क्यों हैं महिलाओं में सिर दर्द का कारण?
सीड्स आफ इनोसेंस, आइ वी एफ एक्सपर्ट, गायनोकोलोजिस्ट, डॉक्टर गौरी अग्रवाल के अनुसार महिलाओं के रिप्रोडक्टिव सिस्टम के विकास और उसे रेगुलेट करने के लिए एस्ट्रोजन हार्मोन जिम्मेदार होता है। एस्ट्रोजन में समय-समय पर बदलाव आते रहते हैं। मेंस्ट्रुअल साइकिल के दौरान भी एस्ट्रोजन लेवल में अचानक से बदलाव आते हैं। इस प्रकार इन हार्मोन्स के बदलाव के कारण सिर में दर्द देखने को मिलता है। मेनोपॉज की शुरुआत में भी आपको अधिक सिर दर्द हो सकता है।
पीरियड्स से जुड़ा सिर दर्द
प्यूबर्टी आने से पहले लड़के और लड़कियों को एक मात्रा में ही सिर दर्द होता है लेकिन जैसे ही लड़कियों में प्यूबर्टी आती है वैसे ही उनकी मेंस्ट्रुअल साइकिल शुरू हो जाती है और सिर दर्द भी। अगर यह जानना चाहती हैं कि आपके पीरियड्स के कारण कितना सिर दर्द हो रहा है तो इसका एक रिकॉर्ड रखना शुरू कर दें। किस-किस दिन यह दर्द होता है उसे भी याद रखें और आगे के समय में भी ऐसा ही नोटिस करें। अगर सिर दर्द का एक पैटर्न बन जाता है तो आपके डॉक्टर इसे कम करने के लिए पीरियड्स के थोड़े दिन पहले सेवन करने के लिए दवाई दे सकते हैं। ओरल कंट्रेसेप्शन या हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी से भी कुछ महिलाओं को राहत मिल सकती है।
क्या आपको माइग्रेन है या यह केवल टेंशन से होने वाला सिर दर्द है?
अगर आपको माइग्रेन वाला सिर दर्द होगा तो यह दर्द 4 से 72 घंटे के लिए हो सकता है। इसके लक्षणों में स्पॉट्स या जिग जैग वाली लाइंस देखने को मिल सकती हैं। कोई भी शारीरिक गतिविधि करने से दर्द और अधिक बढ़ सकता है, लाइट, साउंड और स्मेल से सेंसिटिविटी महसूस हो सकती है। अगर इसके अलावा एक दिन कुछ ही समय के लिए सिर दर्द हो तो समझ जाएं कि यह माइग्रेन नहीं बल्कि टेंशन से होने वाला सामान्य सिर दर्द है।
सिर दर्द के उपचार
अगर सिर दर्द खासकर माइग्रेन से राहत चाहती हैं तो आपको कुछ लाइफस्टाइल बदलाव करने होंगे। सबसे पहले स्ट्रेस को मैनेज करें। साथ ही शराब या एल्कोहल पीने की सीमा तय कर दें। अधिक से अधिक पानी पिएं ताकि शरीर हाइड्रेट रह सके। ज्यादा कॉफी या एनर्जी ड्रिंक्स का सेवन भी न करें। नींद पर्याप्त मात्रा में ले रहे हों, इस बात का भी जरूर ध्यान रखें। अगर फिर भी आराम नहीं मिलता है तो फिजिकल थेरेपी भी ले सकते हैं। कुछ रिलैक्सिंग तकनीकों का प्रयोग करके भी सिर दर्द को ठीक किया जा सकता है। अगर इन बदलावों से भी आराम नहीं मिलता है तो डॉक्टर को जरूर दिखाएं।
सिर दर्द अगर अधिक गंभीर बनता जाता है और कुछ समय में आराम नहीं मिलता है तो भी आपको अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए। आपके हार्मोन्स सिर दर्द को किस तरह से प्रभावित कर रहे हैं इस बात को भी जरूर नोटिस करें।
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