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पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से किडनी और ब्लैडर साफ हो जाते है, जिससे एंटीबायोटिक यूरिनरी ट्रैक्ट में पहुंच पाता है और बार-बार यूटीआई होने का खतरा कम या खत्म हो जाता है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से किडनी स्टोन होने का खतरा भी कम हो जाता है।

यूरीनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन से बचाव (Prevention Tips for UTI)

यूरीनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन होने पर जीवनशैली और आहार में कुछ बदलाव लाने पर इस बीमारी से कुछ हद तक बचा जा सकता है।

-अधिक से अधिक पानी पीने और मूत्र त्याग करने की आदत डालनी चाहिए।

-शराब और कैफीन के सेवन से दूर रहे, ये मूत्राशय में संक्रमण पैदा कर सकते हैं।

-सम्भोग के पश्चात् तुरन्त बाद मूत्र त्याग करिये।

-जननांगो को साफ रखें।

-नहाने के लिए बाथ टब का उपयोग करने से बचे।

-माहवारी के दौरान, टेम्पॉन की जगह सेनेटरी पैड का उपयोग करें।

-जन्म नियंत्रण बनाए रखने के लिए शुक्राणु नाशकों का उपयोग न करें।

-जननांगों में किसी भी प्रकार के सुगन्धित उत्पादों का उपयोग करने से बचें।

-कॉटन के अंडरवियर पहनें।

-यूटीआई को नियंत्रित करने में योगासन लाभकारी होते हैं, क्योंकि ये पेल्विक क्षेत्र की मांसपेशियों को मजबूत करते हैं और मूत्र को न रोक सकने की समस्या को कम करते हैं। निम्नलिखित आसनों से मूत्र मार्ग के संक्रमणों को रोकने और ठीक करने में सहायता मिलती है-पद्यासन,वज्रासन,भुजंगासन,मत्स्यासन। प्रतिदिन कम-से-कम 30 मिनट का व्यायाम हर दिन करें। इसमें कोई भी एरोबिक व्यायाम जैसे पैदल चलना, दौड़ना आदि हो सकता है।

आहार-

–बादाम, ताजा नारियल, स्प्राउट्स, अलसी के बीज, बिना नमक का मक्खन, दूध, अंडा, मटर, आलू, लहसुन, सादा दही, भूरा चावल, फल और सब्जियों के रस का सेवन करें।

-कच्ची सब्जियां जैसे गाजर, नींबू, ककड़ी और पालक का रस।

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