healthplanet.net

Posted on

दस्त को रोकने के लिए धनिया का प्रयोग
ज्यादा दस्त होने की वजह से रोगी (मरीज) को ज्यादा प्यास लगने लगती है। ऐसी स्थिति में 1 लीटर पानी में 1 चम्मच सूखा धनिया उबालें। जब आधा पानी रह जाए तो पानी को छानकर ठण्डा कर लें। इसे थोड़ी-थोड़ी मात्रा में रोगी को पिलाना चाहिए।

कचनार फूलों की दो-तीन कली लेकर महीन पीस लें। इसे चीनी के शर्बत में मिलाकर, रोज सुबह-शाम 2 से 3 बार खाने के पहले, या बाद लें। इससे बार-बार दस्त आने की शिकायत भी खत्म हो जाती है।

नींबू से दस्त पर रोक (Lemon : Home Remedies for Loose Motion in Hindi)

1 कप ताजे पानी में 1 छोटा चम्मच नींबू का रस मिला लें। रोज सुबह- दोपहर-शाम को खाली पेट या खाने के बाद लेें। इससे आंतों की धीरे-धीरे सफाई हो जाती है। दस्त के साथ जिनको आँव आने लगता है, उसमें यह नुस्खा बहुत कारगर सिद्ध होता है।


जीरा से दस्त का घरेलू उपचार )

आधा चम्मच भूने हुए जीरे के चूर्ण को 1 कप दही या मट्ठे के साथ मिला लें। इसे लेने से दस्त में फायदा मिलता है।

सौंफ का प्रयोग पहुंचाता है दस्त में लाभ (Fennel Seeds : Home Remedy to Stop Loose Motion in Hindi)

1 छोटा चम्मच कच्ची सौंफ (बिना भूनी हुई सौंफ), 1 छोटा चम्मच पकी सौफ (भूनी हुई सौंफ) लें। दोनों को मिला लें। आधा-आधा छोटा चम्मच सुबह-शाम रोगी (मरीज) को दें। इस उपाय से दस्त में बहुत लाभ मिलता है।


दस्त को रोकने के लिए बेल का उपयोग (Bael Fruit : Home Remedies to Control Loose motion or Diarrhea in Hindi)

पके हुए बेल का गूदा 1 चम्मच, 1 कप ताजे दही के साथ मिलाकर देने से दस्त में फायदा होता है।


दस्त को रोकने के लिए कच्चे पपीते का इस्तेमाल (Papaya : Home Remedies for Loose Motion or Diarrhea in Hindi)

कच्चे पपीते के 4-5 टुकड़ों को उबालकर खाने से पुराने दस्त ठीक हो जाते हैं।


दस्त को रोकने के लिए अन्य घरेलू उपाय (Other Home Remedies for Loose Motion Treatment in Hindi)

जामुन और आम की गुठली का चूर्ण को आधा छोटा चम्मच भूनी हुई हरड़ के साथ देने से दस्त में शीघ्र लाभ मिलता है।
1 गिलास पानी में 1 छोटा चम्मच चीनी, आधा छोटा चम्मच नमक, और 1 छोटा चम्मच नींबू का रस मिलाकर घोल बना लें। यह घोल हर दो या तीन घण्टे बाद रोगी (मरीज) को पिलाना चाहिए। यह पतले दस्त रोकने का कारगर उपाय है।

रामबाण रस – 250 मि.ग्रा., पियूषवल्लीरस- 125 मि.ग्रा., संजीवनी वटी – 20 ग्राम और दाडिमाष्टक चूर्ण- 250 मि.ग्रा. को एक साथ अच्छी तरह मिलाएं। इसे आधा-आधा छोटा चम्मच रोज सुबह खाली पेट शहद के साथ दें। अगर रोगी डायबेटिक है तो यह चूर्ण गुनगुने पानी से भी दे सकते हैं।

कुटजारिष्ट- 20 मि.ली. या 2 चम्मच/समान भाग, जीरकाद्यरिष्ट- 20 मि.ली या 2 चम्मच/पानी 2 चम्मच को साथ मिलाकर सुबह-शाम नाश्ते और खाने के बाद देना चाहिए।

बिल्व चूर्ण 50 ग्राम, गंगाधर चूर्ण 50 ग्राम, शंख भस्म 5 ग्राम, कर्पदक भस्म 5 ग्राम लें। इन सभी को एक साथ मिलाकर रोज सुबह और शाम आधा-आधा छोटा चम्मच खाली पेट देने से दस्त में बहुत जल्दी आराम (Home Remedy for Loose Motion) मिलता है।

नागर, अतिविष, मुस्ता, सूखी धनिया लें। इन सभी के चूर्ण को 1 लीटर पानी के साथ उबालें। जब काढ़ा आधा रह जाए तो छानकर ठण्डा करके रोगी को पिलाना चाहिए। इस काढ़े से दस्त कम हो जाते हैं और रोगी को भूख भी लगने लगती है।
जब दस्त कम होने लगे तो शुण्ठी, मरिच, कालीमिर्च, अतीस, हिंगु के चूर्ण को समान मात्रा में लेकर मिला लें। यह पाचन क्रिया को मजबूत बनाते हैं। इससे भूख बढ़ता है।


दस्त के दौरान आपका खान-पान (Your Diet During Diarrhea)

दस्त के दौरान व्यक्ति का खान-पान ऐसा होना चाहिएः-

अगर रोगी को मल बहुत पतला पानी जैसा आ रहा हो तो मसूर का सूप देना चाहिए।
रोगी को मूंग की दाल, मसूर की दाल का सूप, मट्ठा, दही, मूंग की खिचड़ी, दलिया, लौकी, परवल, बिना तेल वाला खाना खाना चाहिए।
मसूर की दाल के सूप में सोंठ, काली मिर्च, पिप्पली के चूर्ण को आवश्यकतानुसार मिलाकर देना चाहिए। ये पाचन क्रिया को मजबूत बनाकर (Appetite) भूख को बढ़ाते हैं।
बाहर का खाना जैसे- पिज्जा, बर्गर, पेस्ट्री, तैलीय भोजन, मिर्च-मसाले वाला खाना ज्यादा नहीं खाना चाहिए।
पानी उबालकर, छानकर पीना चाहिए।
रात का रखा हुआ बासी खाना नहीं खाना चाहिए।
सुबह के समय पौष्टिक आहार जैसे दलिया आदि खाना चाहिए।
मटर, उड़द की दाल, कटहल, ककड़ी, खीरा, खीर, समौसा, पूरी, बेसन और मैदा से बनी चीजें नहीं खानी चाहिए।
सोफ्ट ड्रिंक या शराब का सेवन नहीं करना चाहिए।



दस्त के दौरान आपकी जीवनशैली (Your Lifestyle During Diarrhea)

दस्त के दौरान व्यक्ति को अपनी जीवनशैली में निम्न बदलाव करना चाहिएः-

रोगी को ज्यादा से ज्यादा आराम करना चाहिए, क्योंकि ज्यादा दस्त होने के कारण से शरीर मे कमजोरी आ जाती है।
हाथों को अच्छी तरह धुलकर खाना चहिए।
ज्यादा देर तक भूखा नहीं रहना चाहिए। समय पर खाना खा लेना चाहिए।
रात में खाना खाने के बाद थोड़ी देर टहलना चाहिए ताकि भोजन अच्छे से पच जाए।
रात में समय पर सो जाना चाहिए।
कोई शारीरिक व्यायाम नहीं करना चाहिए।
धूम्रपान नहीं करना चाहिए।
मैथुन या क्रोध नहीं करना चाहिए।


दस्त के दौरान बच्चों का खान-पान (Children Diet During Diarrhea)

जब किसी बच्चे को दस्त हो तो उसे इस तरह के खान-पान देने की जरूरत (Home Remedy for Loose Motion) हैः-

बच्चा 6-7 महीने का हो तो, उसे खाने के रुप में फलों का रस, दलिया, मूंग की दाल की खिचड़ी, सूप आदि देना चाहिए।
फलों का ताजा रस देना चाहिए।
बच्चे को छाछ (मट्ठा), चावल का पानी, हरी सब्जियों का सूप थोड़ी-थोड़ी देर में देते रहना चाहिए, ताकि शरीर में पानी की कमी पूरी हो सके।
बच्चें को ओ.आर.एस (Oral rehydration solution) पाउडर से घोल बनाकर बच्चे को पिलाएं।
1 लीटर पानी को उबालकर छानकर ठण्डा कर लें। इसमें 1 ओ.आर.एस. के पैकेट को खोलकर मिला लें। इसे आधे-आधे घण्टे के बीच में थोड़ी-थोड़ी मात्रा में बच्चे को पिलाएं। इसका उपयोग करने से शरीर में जल एवं नमक का संतुलन बना रहता है तथा बच्चे की भूख भी बढ़ती है।


दस्त के दौरान बच्चों की जीवनशैली (Children Diet During Lifestyle)

दस्त होने पर बच्चों की जीवनशैली ऐसी होनी चाहिएः-

बच्चों को बाहर का खाना नहीं देना चाहिए और पीने का पानी साफ हाथों से देना चाहिए।
बच्चों के खिलौने की सफाई का ध्यान रखना चाहिए।
बच्चे को गन्दे हाथ, गन्दे कपड़े या खिलौने को मुंह में न लेने दें।
अगर बच्चे को दस्त हो गये हो तो तुरन्त उपचार के लिए डॉक्टर की सलाह लें।




अगर व्यक्ति को इन बताए हुए नुस्खों या आयुर्वेदिक दवाओं से फायदा नहीं हो रहा है तो, इसके बहुत से कारण हो सकते हैं जैसे-

रोगी दवाई तो ले रहा है लेकिन परहेज नहीं कर रहा है जैसे- भारी खाना (तैल, मिर्च, मसाले वाला) खा रहा हो। सामान्य से अधिक भोजन कर रहा हो।
ज्यादा पानी पी रहा हो, या बिना उबला हुआ पानी पीता हो।
देर रात तक जागने के कारण शरीर में उपस्थित दोष संतुलित नहीं हो पाते हैं, जिसके कारण रोगी पर उपाय का असर नहीं होता।
निर्धारित समय पर दवाई न लेने से दोष और बढ़ जाते हैं, जिसके कारण से दवा या उपाय फायदा नहीं करते हैं।

solved 5
wordpress ago 5 Answer
--------------------------- ---------------------------
+22

Author ->

Short info