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यदि आप गर्भधारण के प्रयास कर रही हैं, तो ऐसे कुछ उपाय हैं जो आपकी प्रजनन क्षमता (फर्टिलिटी) को बेहतर बना सकते हैं और गर्भवती होने की संभावना बढ़ा सकते हैं।
निस्संदेह, गर्भधारण की संभावनाएं बढ़ाने के लिए सबसे जरुरी है अपने महावारी चक्र के दौरान नियमित संभोग (सेक्स) करना। हर दो या तीन दिन में सेक्स करने से यह सुनिश्चित हो सकेगा कि डिंबोत्सर्जन (ओव्यूलेशन) के समय शुक्राणु को जहां होना चाहिए, वह वहां मौजूद होगा।
प्रेम संबंध बनाने के अलावा आप और आपके पति को अपने आहार और जीवनशैली में भी कुछ बदलाव करने होंगे, इससे आप दोनों का प्रजनन स्वास्थ्य बेहतर हो सकेगा।
यहां 8 उपाय दिए गए हैं, जो आपकी जीवनशैली में सुधार करके आपको गर्भवती होने में मदद कर सकते हैं।
1. स्वस्थ व पौष्टिक आहार का सेवन करें
पौष्टिक आहार आपके परिवार की सेहत के साथ-साथ आपकी प्रजनन क्षमता में सुधार लाने का आसान तरीका है।
स्वस्थ आहार वह होता है जिसमें ट्रांस या सैचुरेटेड फैट, प्रोसेस्ड भोजन, लाल रंगत वाला मांस, मिठाइयां और मीठे पेय की मात्रा कम हो।
कोशिश करें कि आप इंद्रधनुष के सभी रंगों वाले मौसमी फल और सब्जियों का पर्याप्त मात्रा में सेवन करें। इस तरह आपको अपने भोजन से अलग-अलग तरह के पोषक तत्व मिल सकेंगे।
अभी से सेहतमंद आहार के सेवन की आदत डाल लेने से गर्भावस्था के दौरान आपके शिशु को भी जरुरी पोषण मिल सकेगा। गर्भस्थ शिशु विकसित होने के लिए माँ के खून में मौजूद पोषक तत्वों पर निर्भर करता है। ये पोषक तत्व आपको भोजन से ही मिलते हैं।
2. प्रसवपूर्व सप्लीमेंट लेना शुरु करें
हालांकि, आपको जरुरी अधिकांश पोषक तत्व स्वस्थ आहार से मिल जाएंगे, मगर कुछ ऐसे अनुपूरक (सप्लीमेंट) हैं जिन्हें गर्भाधान के प्रयासों के बीच लेने की सलाह दी जाती है:
फॉलिक एसिड
ओमेगा 3 फैट्टी एसिड (विशेषतौर पर शाकाहारियों के लिए क्योंकि ओमेगा 3 फैट्टी एसिड के मुख्य स्त्रोत मछली और समुद्री भोजन होता है)।
यदि आपके शरीर में निम्न पोषक तत्वों की कमी हो, तो डॉक्टर इनके अनुपूरक लेने की सलाह दे सकती हैं:
आयरन
विटामिन बी 12
कैल्शियम
अपनी डॉक्टर से इन सप्लीमेट की उचित मात्रा के बारे में पता करें, क्योंकि आपकी सेहत और खान-पान की आदतों के आधार पर डॉक्टर इनकी उचित खुराक बताएंगी।
फॉलिक एसिड सप्लीमेंट केवल गर्भधारण के प्रयासों के दौरान ही नहीं, बल्कि गर्भावस्था की पहली तिमाही के दौरान भी लेने की सलाह दी जाती है। यह शिशु में स्पाइना बिफिडा (न्यूरल ट्यूब से जुड़ा दोष) के खतरे को कम करता है।
3. कैफीन का सेवन कम करें
हालांकि, इस बारे में एक राय नहीं है कि कैफीन के सेवन से प्रजनन क्षमता पर असर पड़ता है या नहीं, मगर कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि बहुत अधिक मात्रा में कैफीन के सेवन से गर्भधारण में देरी हो सकती है।
अधिकांश डॉक्टर सलाह देते हैं कि आपको प्रतिदिन 200 मि.ग्रा. से ज्यादा कैफीन का सेवन नहीं करना चाहिए। इसका मतलब है कि एक दिन में करीब दो कप इंस्टेंट कॉफी या चार कप चाय से ज्यादा का सेवन नहीं करना चाहिए। याद रखिए कि कई सॉफ्ट ड्रिंक्स में भी कैफीन होती है।
एक दिन में 200 मि.ग्रा. कैफीन का सेवन गर्भावस्था में सुरक्षित माना जाता है। इससे अधिका मात्रा आपके गर्भस्थ शिशु को स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकती है।
4. सही वजन बनाए रखने पर ध्यान दें
वजन चाहे सामान्य से कम हो या ज्यादा, दोनों ही स्थितियों में हॉर्मोनों के असंतुलन की समस्या हो सकती है। इससे आपको डिंबोत्सर्जन में दिक्कत आ सकती है, जिसका असर प्रजनन क्षमता पर पड़ता है। इससे गर्भावस्था में जटिलताएं होने का खभी खतरा बढ़ सकता है।
पुरुषों में, यदि वजन सामान्य से कम या ज्यादा हो तो इसका असर शुक्राणु की मात्रा और गुणवत्ता पर पड़ सकता है, जिससे उनकी फर्टिलिटी कम हो जाती है।
आप और आपके पति दोनों का ही वजन यदि सही स्तर पर पहुंच जाए तो इससे प्रजनन क्षमता और हर महीने कंसीव करने की संभावना बढ़ सकती है। हमारे बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) कैलकुलेटर के इस्तेमाल से आप पता कर सकती हैं कि आपके लिए उचित वजन क्या होगा।
अगर आपका वजन सामान्य से ज्यादा है और माहवारी भी अनियमित रहती है, तो 10 से 20 प्रतिशत वजन कम करने से आपको माहवारी चक्र नियमित करने में मदद मिल सकती है। इससे आपके गर्भधारण करने की संभावना बढ़ सकती है।
कोशिश करें कि आप एकदम से वजन कम न करें, क्योंकि इससे शरीर का पोषण संग्रह घट सकता है। कोशिश करें कि आप एक हफ्ते में 0.5 से 1 किलो वजन कम करें। यह वजन कम करने की सुरक्षित दर है।
यदि आपका वजन सामान्य से कम है, तो कोशिश करें कि अपना कुछ किलो वजन बढ़ाएं। वजन कम होने का असर ओव्यूलेशन पर पड़ सकता है और गर्भधारण कर लेने पर गर्भपात होने का भी उच्च जोखिम रहता है।
जिस तरह वजन ज्यादा होने पर इसे कम करने के लिए अचानक खाना-पीना बंद करना सही नहीं है, उसकी तरह वजन बढ़ाने के लिए अचानक से अधिक मात्रा में मीठे, वसायुक्त भोजन का सेवन करना भी सही नहीं है। इस तहर के भोजनों से आपको जरुरी विटामिन और खनिज (मिनरल्स) नहीं मिलते। कोशिश करें कि आप सेहतमंद भोजन विकल्पों के जरिये अतिरिक्त कैलोरी पाएं, जैसे कि खजूर, मेवा, केला और मक्खन फल (एवोकाडो)।
5. तनाव कम करने की कोशिश करें
तनाव की वजह से आपकी या आपके पति की संभोग की इच्छा (सेक्स ड्राइव) कम हो सकती है और शायद आप कम बार प्रेम संबंध बनाएं। हालांकि अभी यह बात पूरी तरह साबित नहीं हुई है कि तनाव का असर प्रजनन क्षमता पर पड़ता है, और इस बारे मे अध्ययन करना भी मुश्किल हो क्योंकि तनाव व्यक्तिनिष्ठ है। बहरहाल, यदि आप सकारात्मक रहेगी तो आप खुश भी रहेंगी।
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