Login
$zprofile = 'profile'; $zcat = 'category'; $zwebs = 'w'; $ztag = 'tag'; $zlanguage = 'language'; $zcountry = 'country'; ?>
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
मां बनना एक सुखद एहसास है, लेकिन मां बनने के इस 9 महीने के सफर में गर्भवती महिलाओं के मन में गर्भ से संबंधित कई तरह की आशंकाएं रहती हैं, जिसमें सबसे आम है गर्भपात का डर! जबकि एक मिसकैरेज तत्काल चिकित्सक के पास ले जाने और पर्याप्त देखभाल करने से रोका जा सकता है। हम यहां ऐसे ही कारणों पर चर्चा करने जा रहे हैं जो विशेष रूप से गर्भावस्था के प्रारंभिक दौर में भ्रूण के स्वास्थ्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं, और साथ ही हम जानेंगे कि कैसे गर्भपात को सही जानकारी होने से रोका जा सकता है।
गर्भपात गर्भावस्था के पहले कुछ महीनों में महिलाओं में बहुत आम है। यही वजह है कि गर्भावस्था के प्रारंभिक चरणों में विशेष रूप से देखभाल की आवश्यकता होती है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सभी गर्भधारण में लगभग 10 से 25% महिलाओं को गर्भपात होता है। यद्यपि गर्भावस्था में गर्भपात आम है, फिर भी यह लोगों के लिए विनाशकारी और दर्दनाक अनुभव हो सकता है।
गर्भपात होने से एक महिला पर क्या प्रभाव पड़ता है?
वह महिला जिसे मिसकैरेज का सामना करना पड़ता है, निश्चित रूप से उसे मानसिक आघात पहुंचता है, क्योंकि यह कोई सामान्य स्थिति नहीं है। कुछ समय के लिए डिप्रेशन आप पर हावी हो सकता है, और यही वह समय है जब उन्हें भावनात्मक समर्थन की बहुत ज्यादा जरूरत होती है। इसके अलावा, गर्भपात से कुछ महिलाओं में गर्भधारण को लेकर डर पैदा हो जाता है, जिसके कारण वे अगली गर्भावस्था के लिए अनिच्छुक रहती हैं। यह कठिन और दुखद दौर होता है, लेकिन चिंता ना करे अंततः, चीजें समय के साथ ठीक हो जाएंगी।
गर्भपात के प्रारंभिक लक्षण
शुरुआती हफ्तों में गर्भपात होने का मुख्य कारण पीरियड्स का अपने समय से देरी से होना हो सकता है। ऐसे मामलों में, महिला को पीरियड्स के दौरान पहले लक्षण दिखाई देते हैं जैसे स्पॉटिंग या ब्लीडिंग, पीठ दर्द और पेट में हलकी ऐंठन। ये लक्षण जल्द ही पूर्ण रूप से रक्तस्राव की अवधि में प्रगति कर सकते हैं, गंभीर ऐंठन और ब्लड क्लॉट के साथ। गर्भावस्था के किसी भी चरण के दौरान रक्तस्राव या अनिश्चित दर्द होना खतरनाक साबित हो सकता है, इसलिए आपको किसी गायनोलॉजिस्ट से संपर्क करना चाहिए।
गर्भपात के कुछ मामलों में ऐसा हो सकता है कि महिला को किसी भी दर्द या रक्तस्राव का अनुभव ना हो और शायद ऐसा भी हो कि उन्हें पता भी ना चले कि उन्हें गर्भपात हुआ है। यह केवल एक स्कैन के जरिए जाना जा सकता है कि उन्हें भ्रूण की हानि हुई है। इसे साइलेंट गर्भपात या साइलेंट मिसकैरेज कहा जाता है।
प्रारंभिक गर्भावस्था में गर्भपात के कारण?
प्रॉब्लम फ्री प्रेग्नेंसी के लिए करें ये योगासन
गर्भपात का सबसे आम कारण क्रोमोसोम्स में समस्या होने के कारण हो सकता है जो भ्रूण को पूरी तरह से विकसित करने से रोक सकता है। एक आनुवंशिक असामान्यता के अलावा, कुछ अन्य कारक गर्भावस्था में गर्भपात का कारण भी बन सकते हैं। इसमें शामिल है:
हार्मोन्स का असामान्य स्तर: भ्रूण के विकास के लिए गर्भावस्था में हार्मोन का स्राव महत्वपूर्ण होता है, हार्मोन का असामान्य स्तर गर्भपात का कारण बन सकता है।
मधुमेह: अनियंत्रित मधुमेह गर्भपात की संभावनाओं को भी बढ़ाता है।
खतरनाक सामग्रियों से निकटता: कार्यस्थल के खतरों, केमिकल्स, एनवायरनमेंट रेडिएशन्स और टॉक्सिक पदार्थो के संपर्क में आने से।
दर्द निवारक दवा जैसे की इबुप्रोफेन, नेप्रोक्सन आदि का इस्तेमाल करने से।
गर्भावस्था के दौरान अत्यधिक धूम्रपान और शराब का सेवन।
अवैध दवा का उपयोग।
कुछ असामान्यताएं जन्म से होती हैं और कुछ युवा अवस्था में विकसित होती हैं।
कुछ एंटीबॉडीज हमारी रक्षा करते हैं जबकि कुछ हानिकारक होते हैं। यही वजह है कि इम्यून सिस्टम का प्रभावित होना भी गर्भपात का कारण बन सकता है।
विभिन्न प्रकार के गर्भपात: महिलाओं के शारीरिक अवस्था के आधार पर विभिन्न प्रकार के गर्भपात होते हैं। जैसे कि:
केमिकल्स प्रेग्नेंसी: केमिकल प्रेग्नेंसी के मामले में, अंडे निषेचित (fertilised) हो जाते हैं जिसे कभी भी गर्भाशय में प्रत्यारोपित (implanted) नहीं किया जा सकता है। ऐसी अवस्था में शरीर को कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है जिसके परिणामस्वरूप गर्भावस्था के हार्मोन का निर्माण होता है जिससे महिला को अपने पीरियड्स के तीन से चार दिन पहले एक सकारात्मक गर्भावस्था के लक्षण दिख सकते हैं । क्योंकि अंडे को प्रत्यारोपित नहीं किया जा सकता है, इसलिए गर्भधारण नहीं होगा। ऐसे मामले में, गर्भावस्था को चिकित्सकीय रूप से नहीं जाना जा सकता है। कुछ अन्य संकेतों में सकारात्मक गर्भावस्था के परिणाम प्राप्त करने के कुछ दिनों के भीतर पीरियड्स के दौरान ऐंठन और रक्तस्राव जैसी समस्या हो सकती हैं।
मिस्ड गर्भपात: मिस्ड गर्भपात तब होता है जब गर्भपात को एक क्लीनिकल जांच जैसे कि अल्ट्रासाउंड के माध्यम से जाना जाता है, लेकिन महिला ने किसी भी गर्भपात के संकेत या लक्षणों की शिकायत नहीं की होती है। इस तरह के गर्भपात को मूक (silent) गर्भपात भी कहा जाता है।
ब्लाईटेड ओवम (Blighted Ovum): ब्लाईटेड ओवम में, भ्रूण पूरी तरह से विकसित नहीं होता है और इसके बजाय गर्भाशय द्वारा लीन हो जाता है। ऐसी स्थितियों में महिला गर्भावस्था के लक्षणों का अनुभव करेगी और गर्भकालीन थैली भी बनाएगी, लेकिन बच्चे का विकास नहीं होगा।
अधूरा गर्भपात: कुछ मामलों में, गर्भाशय कुछ टिश्यू को अंदर रखता है, जिससे अधिक ऐंठन और रक्तस्राव होगा क्योंकि गर्भाशय खुद को खाली करने के लिए शेष टिश्यू को बाहर निकालने की कोशिश करता रहेगा। ऐसी परिस्थिति में डॉक्टर के पास जाएं और गर्भावस्था के टिश्यू को गर्भाशय से खाली करने के लिए ऑपरेशन तुरंत करवाएं।
पूर्ण गर्भपात:एक पूर्ण गर्भपात तब होता है जब गर्भाशय ने शेष सभी सामग्रियों को सफलतापूर्वक खाली कर दिया हो। रक्तस्राव और ऐंठन जारी रह सकती है क्योंकि गर्भाशय सिकुड़ता है और रक्त को बहने देता है।
आवर्तक गर्भपात: कुछ ही महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान बार-बार गर्भपात का अनुभव होता है। बार-बार गर्भपात होना कोई सामान्य बात नहीं है और क्रोमोसोनाल डिसऑर्डर ऐसी स्थिति के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं। ऐसा होने पर तुरंत गायनोलॉजिस्ट से परामर्श लें।
गर्भपात से बचाव के लिए यह सावधानी बरतें: गर्भपात से बचने के लिए आपको आवश्यकता है प्रेग्नेंसी के दिनों में खुद को शारीरिक और मानसिक तौर पर फिट रखने की। गर्भधारण के दौरान आपको नीचे दी गई कुछ सावधानियों का पालन करना चाहिए।
गर्भावस्था के दौरान किसी भी प्रकार की दवाई के सेवन से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श ले लीजिए।
अपने चिकित्सक से परामर्श करें और हर दिन प्रसव पूर्व विटामिन और फोलिक एसिड की खुराक लें।
एक बार गर्भपात होने के बाद आप दूसरी गर्भावस्था के लिए प्रयास करने से पहले अपने गायनोलॉजिस्ट से परामर्श लें।
गर्भपात के लिए कोई निश्चित उपचार नहीं है। हालांकि, डॉक्टर आपको पूरी तरह से आराम करने या ऑपरेशन द्वारा आपके गर्भाशय के अंदर किसी भी शेष भ्रूण के टिश्यू को निकालने की सलाह दे सकते हैं। गर्भपात एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है, इससे होने वाले खतरे को जाने के लिए यह जाना आवश्यक है कि महिला ने गर्भधारण के कितने महीने में ऐसा हुआ है। ज्यादातर गर्भधारण के पहले 20 सप्ताह के भीतर ऐसा हो सकता है।
| --------------------------- | --------------------------- |