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सोरायसिस को दूर करंगे ये 7 नैचरल तरीके

त्वचा को ड्राय होने से रोकें


सोरायसिस से बचने के लिए जरूरी है कि अपनी त्वचा को शुष्क न होने दें। कोशिश करें, कि घर या ऑफिस में ह्यमिडिफायर का उपयोग करें। संवेदनशील त्वचा वालों के लिए मॉइस्चराइजर त्वचा को कोमल रखने का बढिय़ा उपाय है।

तेज सुगंध से बचें

बेशक सुगंधित साबुन और परफ्यूम आपको अच्छा फील कराते हों, लेकिन इनमें मौजूद केमिकल और डाई आपकी त्वचा में जलन पैदा कर सकते हैं। इनकी तेज सुगंध सोरायसिस के लक्षणों को भड़काने का काम करती है। संवेदनशील त्वचा वाले लोग ऐसे साबुन और परफ्यूम इस्तेमाल करने से बचें।


शरीर को पानी में भिगोएं


वैसे तो गर्म पानी आपकी त्वचा में खुजली पैदा कर सकता है, लेकिन गुनुगने पानी में सेंधा नमक, दूध या जैतून का तेल डालकर नहाने से सोरायसिस में होने वाली खुजली को कम करना काफी आसान हो जाता है।

शराब के सेवन से बचें


सोरायसिस से बचाव के लिए शराब का सेवन न करना बेहतर इलाज है। जो लोग हर सप्ताह पांच नॉनलाइट बीयर पीते हैं, उनमें सोरायसिस बढने की संभावना दोगुना हो जाती है। इसलिए डॉक्टर इस समस्या से ग्रसित लोगों को शराब का सेवन रोकने केी सलाह सबसे पहले देते हैं।



हल्दी का उपयोग करें


त्वचा से जुड़े किसी भी रोग के लिए हल्दी असरदार है। यह बीमारी से होने वाली सूजन को कम करती है। इसे भोजन में डालकर या फिर टैबलेट या सप्लीमेंट रूप में लिया जा सकता है। सोरायसिस होने की स्थिति में एफडीए ने इसकी खुराक प्रतिदिन 1.5 से 3.0 ग्राम तक लेने का सुझाव दिया है।

स्वास्थवर्धक भोजन करें


सोरायसिस से बचने के लिए अच्छी डाइट बेहद जरूरी है। कोल्ड वॉटर फिश, नट्स और ओमेगा-3 फैटी एसिड में सूजन को कम करने की क्षमता होती है। इस स्थिति में त्वचा पर ऑलिव ऑयल लगाना यानि जैतून का तेल लाभकारी है।

तनाव कम करें

सोरायसिस जैसी कोई भी समस्या तनाव पैदा कर इनके लक्षणों की स्थिति बदतर और भी बदतर कर सकती है। इसलिए जितना संभव हो तनाव कम लें। इसके लिए योगा, ध्यान जैसे अभ्यास बहुत कारगार साबित होंगे।



लाइट थैरेपी


सिरोयासिस से राहत के लिए लाइट थैरेपी बेस्ट है। इस थैरेपी का इस्तेमाल मरीज को रोग से जल्दी छुटकारा दिलाने के लिए किया जाता है। इसमें डॉक्टर मरीज की त्वचा पर पैराबैंगनी किरणें डालते हैं। यह लाइट स्किन सेल्स की वृद्धि को धीमा करती है। ध्यान रखें, लाइट थैरेपी हमेशा एक डॉक्टर की देखरेख में ही करानी चाहिए।

धुम्रपान से बचें


अगर आप धुम्रपान के आदी हैं, तो यह समय है जब आपको अपनी इस आदत को छोड़ देना चाहिए। । स्मोकिंग और तंबाकू के सेवन से सोरायसिस का खतरा बढ़ सकता है। यदि आप पहले से ही इस बीमारी से ग्रसित हैं, तो यह आपके लक्षणों को और भी गंभीर बना सकता है।

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