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फेफड़ों को मजबूत करने के घरेलू उपाय –
1. अपनी सांसो को गिनना – Counting your breaths
यह करना बहुत ही आसान और सरल है सबसे पहले आराम से कहीं बैठ जाये उसके बाद सांस को गिनती के साथ अपने अंदर और गिनती के साथ ही बाहर निकाले। इसमें जो मुख्य कार्य आपको करना है वो है जब आप सांस ले और बाहर निकाले तो जो अपने गिनती की है जो समान होनी चाहिए।
जैसे अपने 5 की गिनती में सांस अन्दर ली तो आपको 5 की ही गिनती में सांस को बाहर निकलना होगा इसे ही सांसो को गिनना कहते है। जब आप इसे अच्छे से करना सीख जाये तो एक -एक गिनती जोड़ते जाये सांस लेने की वक्त भी और सांस को छोड़ने के वक्त में भी।
ऐसा रोज करने से सांस लेने पर नियंत्रण होता है , सांस गहरी होती है एवं शरीर में ऑक्सीज़न की मात्रा भी बढ़ती है। यह प्रक्रिया आपको शांत करती है साथ ही तनाव भी दूर करता है।
2. गहरी सांस लेना – Deep breathing
अगर हम अपने आप पर गौर करे तो जानेंगे की हम सांस तो ले रहे है पर वो जितनी गहरी होनी चाहिए उतनी नहीं है बल्कि छोटी -छोटी और कम गहरी लेते है। साथ ही हम सांस को फेफड़ो में लेने की बजाय पेट से लेने लगते है।
इसकी वजह से हमारे फेफड़ो को ठीक तरह से ऑक्सीज़न नहीं मिल पाता और हमारे फेफड़े भी पूरी तरह काम नहीं कर पाते जो सबसे बड़ी गलती होती है हमारे सांस लेने की प्रक्रिया में।
ऐसे लम्बे समय तक करने से हमारे डायफ्राम का फैलाव कम होने लगता है और पेट की मांसपेशिया बढ़ने लगती है। अगर ऐसा हो रहा है तो इसे तुरंत बंद देना चाहिए।
जब हम सांस ले तो पूरी क्षमता से अपने डायफ्राम से ले अपनी पसलियों को पूरा फैलने का मौका दे ऐसा करने से डायफ्राम और पसलियों का विस्तार होता है और ज्यादा सांस हमारे फेफड़ो में जाता है।
इसी तरह जब सांस छोड़े तो पूरी तरह अपने फेफड़े और पसलियों को सिकुड़ने दे फिर पुनः पेट की माँसपेशिओ को न हिलाते हुए chest को ऊपर लेते हुए लम्बी सांस भरे। ऐसा रोज अभ्यास करने से आप अपने आप गहरी सांस लेना शुरू कर देंगे।
3. नाक से सांस लेना – Nasal breathing
ऐसे से बहुत से लोग होते है जो नाक की जगह मुँह से सांस लेते है जो सबसे बड़ी गलती होती है सांस लेने की प्रक्रिया में साथ ही इससे हमारी सेहत को भरी नुकसान झेलना पड़ता है। जब कोई सांस नाक की जगह मुँह से लेना शुरू करता है इससे सांस का अधिक हिस्सा हमारे पेट में चला जाता है और फेफड़ो को पर्याप्त ऑक्सीज़न नहीं मिलती है।
समय के साथ आगे चलकर इससे कई समस्या होने लगती है जैसे सांस में बदबू आना , नींद ठीक तरह से नहीं होना , सांस लेने में दिक्क्त होना। साथ ही इससे हमारी इम्युनिटी सिस्टम पर भी इसका प्रभाव पड़ता है। जो कई रोगो को आने का निमंत्रण देता है।
इसीलिए सांस मुँह से न लेकर नाक से ले इससे हमारी इम्युनिटी बेहतर होती है , फेफड़े पूरी कार्य क्षमता से काम करते है। जब हम नाक से सांस लेते है जब हमारे शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड बढ़ता है जिससे शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है जो आज के समय में covid -19 से लड़ने में संजीवनी की तरह माना जा रहा है।
4. हँसना – Laughing
फेफड़ों को मजबूत करने के घरेलू उपायो में ये सबसे आसान और मजेदार तरीका है। हँसना एक ऐसी नेचुरल लंग्स exercises है जो हम हर वक्त करते है हंसने से हमारी पेट की और फेफड़े की मांसपेशिया में बहुत असर होता है जिससे इनकी कार्य क्षमता लम्बे समय तक बनी रहती है।
यू तो हंसना हमारे पुरे सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है पर जब हम हँसते है तो हमारे डायफ्राम ,पेट, छाती कस जाते है इसका सबसे ज्यादा प्रभाव हमारे फेफड़ो और ह्रदय पर होता है इससे फेफड़ो में उपस्थित सारी हवा बाहर निकल जाती है और फेफड़ो को लम्बी एवं गहरी सांस लेने में मदद करती है।
इसीलिए रोज ज्यादा से ज्यादा हसने से फेफड़ो के साथ हमारा ह्रदय भी रोग मुक्त रहता है और शरीर को अधिक ऑक्सीजन प्राप्त होती है।
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