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हमें कई बार बताया जाता है कि रात में 7-8 घंटे की नींद हर व्यक्ति के लिए जरूरी है। अच्छी नींद से शरीर रिलेक्स होता है और हम दूसरे दिन फ्रेश और एनर्जेटिक फील करते हैं। जबकि आधी अधूरी नींद दुर्बलता, कमजोरी और सुस्ती का कारण बनती है। लेकिन सच तो ये है कि सोने का कोई आदर्श समय नहीं होता। कुछ लोगों को 8 घंटे से कम तो कुछ को 8 घंटे से ज्यादा सोने की जरूरत पड़ सकती है।
अगर ढंग की नींद ना मिले, तो पूरा दिन खराब होता है और अगर नींद जरूरत से ज्यादा ले ली जाए, तो सिरदर्द जैसी परेशानी होने लगती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि ज्यादातर लोग इस बात को सच मान बैठे हैं कि 8 घंटे की नींद जरूरी है, इसलिए नींद खुल जाने के बाद भी वे सोने की कोशिश करते हैं, जिसके बाद वे अजीब सा महसूस करते हैं। तो चलिए आज के इस आर्टिकल में हम बताएंगे कि एक व्यक्ति को कितनी नींद की जरूरत होती है
वाकई इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं है। यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में अलग हो सकता है। अध्ययनों से पता चला है कि स्लीपिंग पैटर्न और स्लीपिंग डिसऑर्डर वंशानुगत हैं। यानी ये सब आपके डीएनए से जुडा है। आप छह घंटे की नींद के बाद भी रिलैक्स महसूस कर सकते हैं या फिर आपको 9 घंटे की नींद के बाद भी आराम की जरूरत पड़ सकती है। इसके अलावा कुछ बाहरी कारक भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जैसे-
मासिक धर्म चक्र-
मासिक धर्म चक्र से पहले एक महिला का शरीर कई सारे आंतरिक परिवर्तनों से गुजरता है। ऐंठन, दर्द और थकान के कारण अक्सर सोना मुश्किल हो जाता है। इस समय महिलाओं को ठीक होने के लिए सामान्य से ज्यादा नींद की जरूरत होती है। देखा गया है कि पीरियड्स के बाद महिलाओं के सोने के घंटों की संख्या काफी कम हो जाती है।
मौसमी परिवर्तन
बाहरी वातावरण या मौसम में होने वाले बदलाव आपकी नींद की जरूरत को बदल सकते हैं। सूर्यास्त और सूर्योदय के समय में परिवर्तन मेलाटोनिन के स्तर और उस समय को प्रभावित करता है, जब आपको नींद आने लगती है। यदि आप जहां रहते हैं, वहां सूर्यास्त देर में होता है, तो आपको देर रात तक नींद नहीं आएगी। जैसे सर्दियों में रातें लंबी होती हैं और दिनभर में कम धूप मिलती है, इस वजह से नींद ज्यादा आती है।
स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं
स्वस्थ शरीर को कम आराम की जरूरत होती है। ऐसे में हमारे सोने और उठने का समय उसी हिसाब से बदल जाता है। नींद हमें स्वस्थ रखने में मदद करती और संक्रमण से लड़ते समय हमें इसकी ज्यादा जरूरत होती है। वास्तव में ज्यादा नींद कई अंतर्निहित स्वास्थ्य स्थितियों का संकेत देती है।
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