Login
$zprofile = 'profile'; $zcat = 'category'; $zwebs = 'w'; $ztag = 'tag'; $zlanguage = 'language'; $zcountry = 'country'; ?>
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
शिशु का पेट फूलने (ब्लोटिंग) के क्या कारण हो सकते हैं? डॉक्टर से जानें बचाव के उपाय
अगर नवजात शिशु का पेट फूला हुआ नजर आ रहा है तो गलत इलाज देने के बजाय इसका सही कारण और बचाव के तरीके आपको जान लेने चाहिए
कई माता-पिता इस बात से चिंतित हो जाते हैं कि उनके शिशु का पेट फूल रहा है पर अगर आप कारण जान लेंगे तो समस्या से बचना आसान हो जाएगा। दरअसल छोटे बच्चे जब क्षमता से ज्यादा दूध पी लेते हैं या आप उन्हें जल्दी-जल्दी स्तनपान करवा देती हैं तो बच्चे का पेट फूल जाता है, ऐसा दूध में मौजूद लैक्टोज के कारण होता है। इससे शिशु के पेट में कब्ज हो जाता है जिससे उसे मल त्यागने में परेशानी होती है और बच्चा रोने लगता है। अगर आपको भी ये समस्या नवजात शिशु में दिख रही है तो जान लेते हैं इस समस्या से बचने के कुछ आसान उपाय।
नवजात शिशु में पेट फूलने के लक्षण
अगर दूध पिलाने के बाद बच्चा रो रहा है तो समझ जाएं कि उसे गैस या पेट संबंधित शिकायत है।
अगर उसका पेट सामान्य से ज्यादा बड़ा नजर आए तो भी ये पेट फूलने के लक्षण हो सकते हैं।
अगर बच्चा दूध नहीं पी रहा है तो ये भी पेट फूलने या गैस की समस्या के लक्षण हो सकते हैं।
दूध पिलाते समय बच्चे का दूध बाहर निकाल देना भी इस बात का संकेत है कि दूध उसे पच नहीं रहा है।
बच्चे को लंबे समय से हिचकी या डकार आ रही है तो ये पेट फूलने के लक्षण हो सकते हैं।
नवजात शिशु के पेट फूलने का क्या कारण है?
छोटे बच्चों में पेट फूलने का मुख्य कारण पेट की गैस होता है। गैस वाष्प से बनती है जिसमें कॉर्बन, डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन, ऑक्सीजन, हाइड्रोजन आदि गैस होती है जिससे तेज पेट दर्द होता है और बच्चा रोने लगता है। अगर आप बच्चे को जल्दी-जल्दी दूध पिलाएंगे तो ज्यादा दूध के कारण बच्चे को पेट फूलने की समस्या हो सकती है, शिशु का पाचन तंत्र इतना मजबूत नहीं होता है कि दूध को जल्दी पचा लें इसलिए आपको रुककर दूध पिलाना चाहिए। दरअसल दूध में लैक्टोज होता है जिसका ज्यादा सेवन करने से पेट फूलने की समस्या हो सकती है। अगर बच्चा दूध पीने के बाद रो रहा है तो समझ जाएं कि पेट फूलने के अलावा उसके पेट में दर्द भी हो रहा है।
नवजात शिशु को पेट फूलने की समस्या से कैसे बचाएं?
दूध पिलाकर आपको बच्चे की पीठ को थपथपाना चाहिए, इससे पेट में गैस की समस्या नहीं होगी।
नवजात शिशु को भी डकार दिलाना जरूरी है इसलिए आप उसे दूध पिलाने के लिए कंधे पर लेकर थोड़ी देर वॉक करें, इससे बच्चे को डकार आ जाएगी और पेट फूलने जैसी समस्या नहीं होगी।
नाभि में हींग लगा दें। आपको नवजात शिशु का पेट फूला हुआ नजर आ रहा है तो आप उसकी नाभि पर हींग को अच्छी तरह से मल दें।
हींग को पहले थोड़े से पानी में गरम कर लें फिर हल्का गुनगुना ही उसे बच्चे की नाभि पर क्रीम की तरह लगा दें।
आप बच्चे के पेट पर मसाज करें, अगर आपको लग रहा है कि बच्चे का पेट फूला हुआ है तो आप बच्चे के पेट पर मसाज करें।
बच्चे को रुककर दूध पिलाएं, एक समय में ज्यादा देर ब्रेस्टफीडिंग न करवाएं। इससे बच्चे के शरीर में पेट फूलने की समस्या हो
सकती है।
अगर आपको लग रहा है कि नवजात शिशु को पेट फूलने के साथ उल्टी, दस्त या बुखार जैसे लक्षण नजर आ रहे हैं तो बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क करें।
| --------------------------- | --------------------------- |