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शिशुओं के रोने के 10 कारण :
अपने नन्हे शिशु को रोता देख आप शायद समझ न पाएं कि वह क्यों रो रहा है। यदि शिशु को रोने की वजह से सांस लेने में तकलीफ हो रही हो या उसे बुखार, उल्टी या दस्त (डायरिया) हो तो डॉक्टर से संपर्क करें।
भूख नवजात शिशु के रोने के सबसे आम कारणों में से एक है।
आपके शिशु का नन्हा सा पेट बहुत ज्यादा संग्रह करके नहीं रख सकता। इसलिए यदि शिशु रोए तो आप उसे दूध पिलाकर देख सकती हैं। चाहे शिशु को दूध पीए हुए कुछ ही समय हुआ हो, उसे जल्द ही दोबारा भूख लग सकती है।
वह थका हुआ है
आपके शिशु को नींद आने में मुश्किल हो सकती है, खासकर यदि वह बहुत ज्यादा थक गया हो तो। छोटी सी बात पर ठिनठिनाना या रोना, कहीं भी एकटक देखते रहना और एकदम शांत और स्थिर हो जाना, उसके नींद आने के संकेत हैं।
उसे बस रोना आ रहा है
कुछ माएं पाती हैं कि उनके पांच महीने से कम उम्र के शिशु दोपहर बाद और शाम के समय रोना शुरु कर देते हैं। हालांकि यह सामान्य बात है, मगर शिशु को रोता देख आप बहुत परेशान हो सकती हैं। स्वस्थ शिशु का ऐसे ही लगातार रोना पारंपरिक तौर पर उदरशूल (कॉलिक) कहा जाता है।
शिशु को गले से लगाकर प्यार-दुलार करें या उसे गाड़ी में घुमाने ले जाएं। कई बार शिशु कुछ आवाजें जैसे पंखे या एसी आदि की आवाज सुनकर शिशु को शांत हो जाता है। आप भी यह आजमाकर देख सकती हैं।
उसकी नैपी (लंगोट) गीली या गंदी है
यदि लंगोट गीली हो जाए या शिशु मलत्याग कर दे तो वह परेशान होकर रोना शुरु कर सकता है। यदि इस वजह से शिशु की नाजुक त्वचा में जलन या असहजता हो रही हो तो वह रोकर यह बताएगा। जब भी आप शिशु की नैपी बदलें तो उसे बैरियर क्रीम लगा दें और यदि संभव हो तो उसे कुछ समय बिना लंगोट पहनाए रहने दें।
वह डकार लेना चाहता है
यदि आपका शिशु दूध पीते हुए या दूध पीने के तुरंत बाद रोए, तो हो सकता है उसे गैस हो रही हो। जो हवा शिशु दूध पीते हुए या रोते समय अंदर निगल लेते हैं उसे ही गैस कहा जाता है।
शिशु को डकार दिलवाने के लिए उसकी पीठ थपथपाना या मलना सही रहता है। शिशु को डकार दिलवाने के तरीके के बारे में हमारा यह विडियो देखें।
उसे बहुत गर्मी लग रही है
ध्यान रखें कि आप शिशु को जरुरत से ज्यादा कपड़े न पहनाएं वरना उसे बहुत गर्मी लग सकती है। सामान्यत: आप जितने कपड़े पहनती हैं, शिशु को आरामदेह रहने के लिए उससे एक कपड़ा ज्यादा पहनने की जरुरत होती है।
उसे सर्दी लग रही है
हो सकता है आपके नवजात शिशु को नैपी बदलवाना या नहाना पसंद न हो। संभव है उसे त्वचा पर महसूस होने वाली ठंडी हवा की आदत नहीं है। यदि ऐसा हो तो, जल्द ही आप सीख जाएंगी कि शिशु की लंगोट फटाफट कैसे बदली जाती है।
उसकी तबियत ठीक नहीं है
ध्यान रखें कि शिशु में कोई बदलाव तो नही दिख रहा। यदि शिशु की तबियत ठीक न हो, तो वह शायद अपने सामान्य से अलग स्वर में रोएगा। आप पाएंगी कि वह धीमे स्वर में या लगातार ऊंचे स्वर में चीख-चीख कर रो रहा है।
आपके शिशु को आपसे बेहतर कोई नहीं जानता। इसलिए यदि आपको लगे कि शिशु की तबियत ठीक नहीं है तो डॉक्टर से बात करें।
वह शांति व आराम चाहता है
हो सकता है किसी दिन आपका शिशु परिवारजनों और रिश्तेदारों के साथ खेलकर काफी थक गया हो। ऐसे में उसे एकांत वाली जगह पर ले जाकर सुलाना व शांत कराना शायद आसान रहे।
उसे प्यार-दुलार चाहिए
आपका शिशु आपका बहुत सारा प्यार-दुलार चाहता है।
आप गोद में लेकर या बेबी स्लिंग के जरिये शिशु को अपने सीने से लगा सकती है और धीरे-धीरे हिलते हुए और गाना गाकर उसे आराम दिला सकती हैं।
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