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पीरियड लेट आने के क्या कारण हो सकते हैं (Period Miss Hone Ke Karan)
पीरियड मिस होने या लेट आने के अनेक कारण होते हैं। अगर आप गर्भधारण का प्लान नहीं बना रही हैं और उसके बाद भी आपके पीरियड्स में अनियमितता है तो इसके निम्न कारण हो सकते हैं:-
तनाव
तनाव एक महिला के शरीर को कई तरह से प्रभावित करता है जिससे पीरियड्स में अनियमितता भी शामिल है। तनाव के कारण महिला के शरीर में GnRH हार्मोन की मात्रा कम होती है जिसके कारण ओवुलेशन नहीं होता है या पीरियड्स नहीं आते हैं।
डेली रूटीन में बदलाव
डेली रूटीन में बदलाव जैसे कि नाइट शिफ्ट में काम करना, शहर से बाहर जाना, या घर में किसी की शादी या कोई फंक्शन के दौरान सोने, जागने, खाने-पीने की रूटीन में बदलाव आने के कारण भी पीरियड्स देर से आ सकते हैं।
ब्रेस्टफीडिंग
कुछ मामलों में ब्रेअस्फीडिंग के दौरान महिलाओं को समय पर पीरियड्स नहीं आते हैं। लेकिन जैसे ही वह ब्रेअस्फीडिंग बंद करती हैं उनके पीरियड्स दोबारा नियमित हो जाते हैं।
बीमारी
किसी लंबी बीमारी या अचानक से हुई सर्दी, खांसी या बुखार के कारण पीरियड्स में देरी हो सकती है। हालांकि, यह कुछ समय के लिए होता है। जैसे ही यह समस्या दूर होती है पीरियड फिर से नियमित हो जाते हैं।
बर्थ कंट्रोल पिल्स
बर्थ कंट्रोल पिल्स का सेवन करने से पीरियड साइकिल में बदलाव आता है जिसके परिणामस्वरूप पीरियड्स देर से आने लगते हैं। इन सबके अलावा भी पीरियड लेट आने के दूसरे कारण हो सकते हैं जैसे कि:-
पीसीओएस होना
ज्यादा व्यायाम करना
हार्मोन में असंतुलन होना
प्रोलैक्टिन का स्तर बढ़ना
डायबिटीज या थायरॉइड होना
पीरियड्स न होने के नुकसान
पीरियड्स न होने के अनेक नुकसान हो सकते हैं। हालांकि, उपचार की मदद से इनसे बचा जा सकता है। पीरियड्स न आने पर निम्न नुकसान हो सकते हैं:-
प्रजनन क्षमता में कमी आना
हड्डियां कमजोर होना
मोटे लोगों में दिल संबंधित संमस्याओं का खतरा बढ़ना
एथलीट महिलाओं को उम्र के साथ ऑस्टियोआर्थराइटिस का खतरा बढ़ना
कुछ मामलों में गर्भाशय के कैंसर का खतरा बढ़ना
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