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प्रसव के कौन से लक्षणों के लिए तुरंत अस्‍पताल जाना चाहिए?
आपको निम्नांकित स्थितियों में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए:

37 सप्ताह की गर्भावस्था से पहले आपको प्रसव के लक्षण महसूस हो रहे हों। इसका मतलब हो सकता है कि आपका प्रसव समय से पहले शुरु हो रहा है।
आपके संकुचन कम से कम हर पांच मिनट में आ रहे हैं और कम से कम एक मिनट के लिए हो रहे हैं।
आपकी पानी की थैली फट गई है या आपको लगे कि एमनियोटिक द्रव रिस रहा है। देखें कि एमनियोटिक द्रव पीला, भूरा या हरा तो नहीं है। यह द्रव में मिकोनियम की मौजूदगी को दर्शाता है। मिकोनियम आपके शिशु का पहला मल होता है और कई बार यह भ्रूण संकट का संकेत होता है। यदि द्रव में खून दिखाई दे तो जरुरी है कि इस बारे में डॉक्टर को बताएं। आप पैड पहन लें ताकि रिस रहे द्रव का रंग और मात्रा पता चल सके।
आपको संकुचन हो रहे हैं, चाहे बहुत हल्‍के हों और आपका शिशु अभी सिर नीचे वाली अवस्‍था में नहीं है (सिर उपर पैर नीचे या आड़ी अवस्‍था में है)। आपकी पहले गर्भाशय से जुड़ा ऑपरेशन हो चुका है या पहले भी कई बार गर्भवती हो चुकी हैं।
आपका शिशु सामान्य से कम हिल-डुल रहा है।
आपको कुछ चिंताजनक लक्षण हो रहे हैं जैसे कि असामान्‍य रक्तस्त्राव, पेट में लगातार तेज दर्द श्रोणि क्षेत्र में दबाव, पीठ के निचले हिस्‍से में दर्द या बुखार होना।
आपको प्री-एक्‍लेमप्सिया के लक्षण हैं जिसमें असामान्‍य सूजन, निरंतर तेज सिरदर्द, स्पष्ट दिखाई न देना, पेट के उपरी हिस्‍से में तेज दर्द या संवेदनशीलता या सांस लेने में मुश्किल शामिल है।

अगर आपको कोई और बात परेशान कर रही है, तो हमारी गर्भावस्था के ऐसे लक्षणों की सूची देखें, जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

इस सबके बावजूद, याद रखें कि हर गर्भावस्था अलग होती है। यदि आपको समझ न आ रहा हो कि लक्षण गंभीर है या नहीं या फिर आपको असहजता हो रही हो तो अपनी अंतर्मन की आवाज पर विश्वास करें और डॉक्टर से बात करें। यदि कोई दिक्कत हुई तो वे आपकी मदद करेंगी। यदि सब ठीक रहा तो, आपको तसल्ली हो जाएगी।
शुरुआती प्रसव के दौरान मुझे क्या करना चाहिए?
प्रसव के पहले चरण का शुरुआती चरण तब होता है जब आपकी ग्रीवा 4सें.मी. तक विस्फारित हो जाती है। इसमें कई बार कुछ दिन लग जाते हैं और अक्सर इसमें माहवारी जैसा दर्द महसूस होता है। इस समय आप क्या कर सकती हैं, वह इस बात पर निर्भर करेगा कि डॉक्‍टर ने क्‍या सलाह दी है, आप कैसा महसूस कर रही हैं और आपको क्या करना पसंद है।

जितना हो सके शांत और रिलैक्स्ड रहने से आपको संकुचनों या कसाव का सामना करने में मदद मिलेगी। यह आपके शरीर को ऑक्सीटॉसिन हॉर्मोन जारी करने में भी मदद करेगा, जिसकी जरुरत आपको प्रसव आगे बढ़ाने के लिए होगी।

तनावमुक्त और रिलैक्स्ड रहने के लिए आप अपनी पसंदीदा फिल्म या शो देख सकती हैं, टहलने जा सकती हैं या अपने किसी मित्र या परिवार के सदस्य को समय बिताने के लिए अपने पास बुला सकती हैं। दर्द व पीड़ा कम करने के लिए आप हल्के गर्म पानी से नहा सकती हैं या फिर गर्म पानी की बो​तल इस्तेमाल कर सकती हैं। यदि हो सके तो आराम करने की कोशिश करें, ताकि स्वयं को आगे की प्रक्रिया के लिए तैयार कर सकें।

स्पर्श भी ऑक्सीटॉसिन हॉर्मोन पैदा करने का एक अच्छा तरीका है और यह प्रसव जल्दी आगे बढ़ाने में मदद कर सकता है। आप अपने पति या परिवार के किसी सदस्य से आरामदेह मालिश करवा सकती हैं। यदि आप मालिशवाली से मालिश करवाना चाहें तो सुनिश्चित करें कि वे अनुभवी हों और गर्भावस्था मालिश करना जानती हों।

प्रसव की शुरुआती अवस्था में आपको भूख लग सकती है, इसलिए मन करे तो कुछ खा-पी लें। उर्जा पाने के लिए उच्च कार्बोहाइड्रेट वाले भोजन थोड़ी-थोड़ी मात्रा में खाएं। टोस्ट, पोहा, रोटी, सैंडविच, केले, आलू, डाइजेस्टिव बिस्किट, सीरियल्स और पास्ता आदि अच्छे विकल्प हैं। अगर आपका मन करे तो बीच-बीच में थोड़ी-थोड़ी मात्रा में खाती रहें, ताकि आपकी उर्जा बनी रहे और आपका पेट भी ज्यादा भरा महसूस न हो।

बहरहाल, बहुत सी महिलाओं को प्रसव की शुरुआत में मिचली महसूस होती है, इसलिए यदि आपका ​कुछ खाने का मन न करे तो चिंता न करें। इसकी बजाय आप जलनियोजित रहने के लिए पानी या आइसोटॉनिक पेय पी सकती हैं।

प्रसव के शुरूआती दौर में आप डिलीवरी के लिए विभिन्न अवस्थाओं और श्वसन तकनीकों को आजमा कर देख सकती हैं कि किस अवस्था में आपको संकुचन से आराम मिल रहा है।

अगर आपके पास टेन्स मशीन है, तो प्रसव की शुरुआती अवस्था में उसका इस्तेमाल करना उचित होगा। इसके इस्तेमाल के लिए सक्रिय प्रसव तक इंतजार करना मददगार नहीं रहेगा।
मुझे अभी तक लेबर पेन शुरू नहीं हुए हैं, मुझे क्या करना चाहिए?
जब आपकी डिलीवरी की तिथि नजदीक आती है, तो प्रसव जल्दी हो और आसान रहे इसके लिए घर के बड़े-बूढ़े काफी सलाह देते हैं। इसमें उकड़ूं बैठना ताकि शिशु नीचे आ सके, घी पीना ताकि शिशु आसानी से बाहर फिसल सके या गर्माहट बढ़ाने वाले भोजनों का सेवन, जिससे लेबर शुरु हो सके आदि शामिल हैं।

कई महिलाएं इन सदियों पुरानी तकनीकों पर विश्वास करती हैं। बहरहाल, ये मान्यताओं को लंबे समय से माना जाता रहा है, मगर ये कितनी कारगर हैं यह कहा नहीं जा सकता! अगर आप भी इन्हें आजमाना चाहें, तो ध्यान रखें कि ऐसे प्रयास में थोड़ा संयम बरतना बेहतर है।

इस बीच, आप अपनी डिलीवरी के लिए यथासंभव तैयारी कर लें:

36 सप्ताह की गर्भावस्था पूरी होने तक अपना अस्पताल ले जाने वाला बैग तैयार कर लें, ताकि जब भी प्रसव शुरु हो आप अस्पताल जाने के लिए तैयार हों।
अपनी योजनाओं के बारे में पति और परिवारजनों से चर्चा करें और जो कुछ रह गया हो वह सब पूरा कर लें। आप यहां देख सकती हैं कि शिशु के आने से पहले आप क्या काम कर सकती हैं!
यह तय कर लें कि आपको अस्पताल लेकर कौन जाएगा। किसी और से भी बात करके रखें, ताकि जरुरत पड़ने पर वे काम आ सकें।
अपने नन्हे शिशु के नाम के बारे में सोचें। यदि आपने अभी ​कोई नाम नहीं सोचा है तो हमारे बेबी नेम फाइंडर में आपको मदद मिल सकती है।

आराम करें और शिशु के जन्म से पहले के कुछ आखिरी दिनों का मजा लें!

अपनी डॉक्‍टर से नियमित संपर्क में रहें और डिलीवरी के लिए अस्‍पताल जाने के बारे में उनकी सलाह का पालन करें। अगर आपको लगे कि आप घर की बजाय अस्‍पताल में ज्‍यादा रिलैक्‍स्‍ड महसूस करेंगी, तो इस बारे में अपनी डॉक्‍टर को बता दें।

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