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बार-बार पेशाब आने की वजह UTI है या Diabetes, ऐसे पहचानें
बार-बार यूरिन जाने की स्थिति में अक्सर मन में यह सवाल आता है कि हम तो इतना पानी भी नहीं पी रहे हैं फिर आखिर हमें इतना अधिक यूरिन क्यों आ रहा है? वैसे तो इस समस्या के कई कारण हो सकते हैं, लेकिन यहां हम आपको उन दो वजहों के बारे में बता रहे हैं, जिनके कारण आपको यूरिन अधिक आता है...
जिन लोगों को यूटीआई यानी यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन की समस्या होती है, उन्हें भी पेशाब जल्दी-जल्दी आता है और आमतौर पर स्मेली और नॉर्मल से अलग रंग का होता है। लेकिन जिन लोगों को डायबिटीज की समस्या होती है, उन्हें भी यूरिन बार-बार आने की दिक्कत होती है। अगर इस स्थिति में आप यह नहीं समझ पा रहे हैं कि आपको यूटीआई की वजह से बार-बार पेशाब जाना पड़ रहा है या आप धीरे-धीरे शुगर की चपेट में आ रहे हैं... तो यहां हम आपको उन लक्षणों के बारे में बता रहे हैं, जिनके आधार पर आपको अपनी परेशानी का कारण जानने में सहायता होगी। साथ ही आप यह भी तय कर पाएंगे कि आपको चेकअप और ट्रीटमेंट के लिए किस डॉक्टर के पास जाना चाहिए...
यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन
-जिन लोगों को बार-बार यूरिन पास करने जाना पड़ता है, उनमें से ज्यादातर लोगों को यूटीआई की समस्या होती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि बैक्टीरिया किडनी और ब्लेडर को नुकसान पहुंचाकर उनके काम में बाधा डालता है। इस दौरान ये बैक्टीरिया किडनी को ब्लैड से जोड़नेवाली ट्यूब्स में भी फैल जाता है।
-जब ब्लेडर और ट्यूब्स में बैक्टीरिया बहुत बढ़ जाता है तो ब्लेडर में सूजन आ जाती है। इस कारण वह पेशाब को इक्ट्ठा नहीं कर पाता है। इसलिए जैसे ही किडनी लिक्विड को फिल्टर करती है, वैसे ही यूरिन आने का अहसास होने लगता है। यही वजह है कि थोड़ी-थोड़ी देर में यूरिन जाना पड़ता है।
यूरिन का रंग कैसा है?
-आपके ब्लेडर और किडनी में इंफेक्शन है, इसे आप पेशाब के रंग से भी समझ सकते हैं। क्योंकि इस स्थिति में आनेवाला यूरिन मात्रा में कम, धुंधला-सा या खून मिला होने के कारण हल्का लाल हो सकता है। साथ ही यूरिन से तेज स्मेल आती है। इस दौरान व्यक्ति को फीवर, ठंड लगना, नोज़िया, साइड पेन या पेट के निचले हिस्से में हल्के दर्द की शिकायत हो सकती है।
डायबिटीज के कारण होनेवाला यूरिन
-डायबिटीज टाइप-1 हो या टाइप-2 इन दोनों का ही पहला और सामान्य लक्षण यूरिन की मात्रा और फ्रिक्वेंसी अधिक होना है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि डायबिटीज के कारण ब्लड में शुगर की मात्रा बढ़ जाती है
यूटीआई और शुगर के कारण आने वाले यूरिन में अंतर
-ब्लड में बढ़ी हुई शुगर की मात्रा को हमारी किडनी फिल्टर करने का प्रयास करती है लेकिन ऐसा हमेशा नहीं हो पाता है। एक समय बाद शुगर लगातार यूरिन के सा शरीर से बाहर निकलने लगती है। इससे यूरिन की मात्रा बढ़ जाती है।
-इसके साथ ही शरीर में बढ़ी हुई शुगर की मात्रा को कम करने के लिए भी किडनी इसे फिल्टर करती है, इस स्थिति में भी यूरिन जाने की संख्या या कहिए कि फ्रिक्वेंसी बढ़ जाती है। अगर आपको ऐसे लक्षण हाल-फिलहाल ही अपने में देखने को मिले हैं तो आप तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। ताकि शुगर को घातक स्तर तक पहुंचने से पहले ही कंट्रोल किया जा सके।
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