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मांसपेशियों में दर्द होना क्या होता है?

आजकल की व्यस्त और भाग-दौड़ भरी दिनचर्या में मांसपेशियों में दर्द एक आम समस्या बन गई है। इसके होने से शरीर के साथ दिमाग भी डिस्टर्ब रहता है और उम्र के साथ यह परेशानी बढ़ती ही जाती है। वैसे तो मांसपेशियों का दर्द किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है, लेकिन तीस से चालीस वर्ष की आयुवर्ग के युवाओं में यह समस्या तेजी से बढ़ रही है। मांसपेशियों में जरूरत से ज्यादा दबाव पड़ने के कारण उनमें दर्द होता है। इसके कारण मात्र कुछ विशेष मांसपेशियों में दर्द होता है जो काम करते समय या इसके बाद शुरु हो सकता है। कामकाजी युवक-युवतियों के इसकी चपेट में आने से कार्य क्षमता भी प्रभावित होती है।

मांसपेशियों में खिंचाव किसी भी व्यक्ति को परेशान कर सकता है। यह मानव की सामान्य गतिविधियों के दौरान, मांसपेशियों के अचानक उपयोग के परिणामस्वरूप होता है। ऐसी गतिविधियां जो मांसपेशियों में खिंचाव का कारण बनती है और इसके जोखिम को बढ़ा सकती है। कूदने के दौरान दौड़ते समय किसी वस्तु को फेंकने के दौरान भारी वस्तु उठाते समय एक ही स्थिति में बहुत समय तक स्थिर रहने के कारण अचानक कोई भी गतिविधि करने के दौरान ठण्ड के मौसम में मांसपेशियों में खिंचाव एक सामान्य बात है। मांसपेशियों में दर्द के कारण चिंता, तनाव, कार्य का अधिक बोझ ये सब सामान्य कारण हैं। कभी कभार तो ये थोड़े समय में सही हो जाता है लेकिन ये लंबे समय तक भी बन सकती है। जबकि किसी बीमारी की वजह से भी आपके मांसपेशियों में दर्द हो सकता है। चाहे बीमारी छोटी हो या कोई बड़ी। ऐसी बीमारियों से शरीर के किसी भी हिस्से में मांसपेशियों में दर्द की शिकायत हो सकती है। कई बार ऐसा होता है कि कोई चीज पकड़ते या उठाते हुए, सीढ़ियां चढ़ते हुए या फिर तेज भागने से मांसपेशियां खिच सकती है। इसे मांसपेशियों में खिंचाव या तनाव कहा जाता है। मांसपेशियों का ये खिंचाव हाथ, पैर, जोड़ों या पीठ में हो सकता है। इसके अलावा इससे घुटने, कंधे, कोहनी में सूजन या दर्द भी उठ सकता है। मांसपेशियों का दर्द कम और ज्यादा दोनों हो सकता है। लेकिन ये बात निश्चित है कि ऐसी स्थिति में दिक्कत तो होती है।

खून की आपूर्ति में कमी- जिन धमनियों के जरिए पैरों में खून पहुंचता है, अगर वह संकुचित हो जाएं तो इससे आपके पैरों की मांसपेशियों में ऐंठन आ सकती है जिसके कारण आपको व्यायाम करते समय गंभीर दर्द महसूस हो सकता है। हालांकि, जब आप व्यायाम करना बंद कर देते हैं तो यह ऐंठन और दर्द खुद ठीक हो जाते हैं।

नसों पर दबाव- अगर रीढ़ की हड्डी की नसों पर दबाव पड़ रहा हो तो इसके कारण भी पैरों की मांसपेशियों में ऐंठन और दर्द हो सकता है। यह दर्द आपके चलने के साथ-साथ और गंभीर होता जाता है। इस तकलीफ से जुड़े अपने लक्षणों को कम करने का सबसे कारगर उपाय है कि किसी एक ही तय ढंग से धीरे चला जाए। जैसे कि आपके आगे शॉपिंग कार्ट है और आप उसे ठेलते हुए धीरे-धीरे आगे बढ़ रहे हैं। इससे आपकी हालत बेहतर होगी।

आहार में खनिज कम लेना- अपने भोजन में महत्वपूर्ण खनिजों जैसे पोटेशियम, कैल्शियम और मैग्नीशियम को बेहद कम जगह देना भी पैरों की मांसपेशियों में ऐंठन की एक बड़ी वजह हो सकते हैं। हाई ब्लड प्रेशर के लिए ली जाने वाली दवा, ड्यूरेटिक्स भी इन खनिजों को सोंख कर इन की बेहद कमी कर देती है।

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