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कमज़ोर मसूड़ों को मजबूत कैसे बनायें ?

मसूड़ों के रोगों का उपचार ज़रूरी है। अगर आपको मसूड़ों में थोड़ी भी तक़तीफ़ है तो अपने दंत चिकित्सक के संपर्क कीजिये और अपने दाँतों और मसूड़ों की सुचारु रूप से जांच कराइये। केवल एक दंत चिकित्सक ही टैटार को हटा सकता है और मसूड़े की सूजन कम कर सकता है। निम्नलिखित उपायों से आप घर में भी थोड़ी बहुत मसूड़ों कि देखभाल कर सकते हैं।

1. हर मील के बाद ब्रश करें

मसूड़ों को स्वस्थ रखने के उपाय में आपको हर खाने के बाद ब्रश करना चाहिए। यदि आप अपने दाँत ठीक से साफ नहीं करते हैं तो जल्द ही दाँत को गंभीर बीमारी हो सकती है। यह मुंह से दुर्गंध का कारण भी बन सकती है। दाँतों की बाहरी और आंतरिक सतहों की सफाई के अलावा दाँतों के बीच की जगह पर रोजाना विशेष ध्यान देना चाहिए। दाँतों के बीच भोजन के अवशेषों पर दाँतों की प्लाक बहुत तेजी से बढ़ती है। अपने दाँतों के बीच की जगह को साफ करने के लिए आपको डेंटल फ्लॉस का इस्तेमाल करना चाहिए।

2. सही टूथपेस्ट का प्रयोग करें

अधिकांश दुकानों में टूथपेस्ट की कई किस्में होंगी जिसमें वाइटनिंग उत्पादों से लेकर बेकिंग सोडा वाले फार्मूले तक शामिल हैं। टूथपेस्ट चुनते समय आपको यह देखना चाहिए कि उसमें फ्लोराइड ज़रूर हो। फ्लोराइड टूथपेस्ट से मसूढ़ों की नियमित देखभाल और दाँतों की सफाई तथा प्लाक हटाने में मदद मिलती है। इससे मसूड़ों के सॉफ्ट टिशूज़ के ब्लड सर्क्युलेशन में सुधार भी होता है। यह कई तरह के दाँत रोगों की रोकथाम में योगदान देता है। फ्लोराइड सूजन को रोकने, म्यूकोसा को बहाल करने, मसूड़ों और ब्लड वेसल्स को मजबूत करने के लिए उत्तम हैं। उनमें मिनरल्स, नमक, प्लांट्स कॉम्पोनेन्ट, एंजाइम आदि शामिल होते हैं।

3. डेंटल फ्लॉस का इस्तेमाल करें

टूथब्रश और टूथपेस्ट भी मसूड़ों को मज़बूत करने के उपाय हैं। लेकिन इनकी मदद से दाँतों की सभी सतहों को कुशलता से साफ नहीं किया जा सकता है। इन सतहों को साफ करने के लिए डेंटल फ्लॉस का इस्तेमाल किया जाता है। हर दिन अपने दाँतों को फ्लॉस करना ज़रूरी है। डेंटल फ्लॉस कैविटी और पीरियडोंटल बीमारियों की रोकथाम करता है। डेंटल फ्लॉस का उपयोग कांटेक्ट सर्फेस और इंटर डेंटल स्पेस से प्लाक और भोजन के बचे हुए अंश को हटाने के लिए किया जाता है।

4. चिकित्सीय माउथवॉश से कुल्ला करें

मसूड़ों के रोगों का उपचार करने के लिए आपको चिकित्सीय माउथवॉश से नियमित रूप से कुल्ला करना चाहिए। यह मसूढ़ों को मजबूत बनाने का एक बेहतरीन साधन है। रोज़ाना कुल्ला करने से दाँतों पर प्लाक नहीं जमा हो पाता। कुल्ला करने से ओरल कैविटी भी बैक्टीरिया से बची रहती है। माउथवॉश के मिनरल्स और वेजिटेबल कंपोनेंट्स से निम्नलिखित प्रभाव पड़ता है।

i ढीले मसूड़े मज़बूत होते हैं

ii सूजन दूर होती है

iii क्षतिग्रस्त टिशूज़ बहाल होते हैं

iv जलन कम हो जाती है


कुछ उपचार ना केवल दाँत ब्रश करने के बाद बल्कि प्रत्येक भोजन के बाद किये जा सकते हैं।

5. मसूड़ों की मालिश करें

मसूड़ों को स्वस्थ रखने के उपाय के लिए आपको रोजाना मालिश करनी चाहिए। मालिश करने से मसूड़े मजबूत होते हैं। सुचारू रूप से प्रत्येक दाँत के चारों ओर मसूड़े की मालिश करें। अंदर और बाहर लेकिन बहुत सावधानी के साथ।

6. डाइट और विटामिनस

मसूढ़ों के स्वास्थ्य के लिए फल और सब्जियां का उचित और संतुलित नुट्रिशन बहुत आवश्यक है। मसूढ़ों को मजबूत बनाने के लिए आपको विटामिन सी से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे खट्टे फल और हरी पत्तेदार सब्जियां खानी चाहिए। विटामिन K से भी आपको फायदा हो सकता है। विटामिन K सी-फ़ूड और हरे साग में बड़ी मात्रा में मौजूद होता है। ग्रीन टी और रेड वाइन में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट और टैनिन में एक एंटी-इंफ्लेमेटरी और उपचार का प्रभाव होता है। इसके अलावा पर्याप्त फास्फोरस, कैल्शियम और ज़िंक का सेवन करना महत्वपूर्ण है। ये सी-फ़ूड, लहसुन और प्याज और डेयरी प्रोडक्ट्स में पाए जाते हैं।

7.खूब पानी पीना चाहिए

पानी पीने से आपको पर्याप्त मात्रा में लार निकालने में आसानी होती है। साथ ही पानी हानिकारक बैक्टीरिया के लिए एक प्राकृतिक इलाज है। पानी पीने से आपको अपने दाँतों से खाना निकालने में भी मदद मिलती है। यह बैक्टीरिया के लिए मसूड़े को नुकसान पहुंचाने वाली प्लाक बनाने की संभावना को कम करता है।

8. नियमित रूप से डेंटल चेकअप करवाएं

डेंटल चेकअप में आमतौर पर मुंह की चिकित्स्कीय सफाई शामिल होती है। दाँतों से टैटार को हटाने का एकमात्र तरीका पेशेवर सफाई है। डॉक्टर द्वारा की गई सफाई उस प्लाक को खत्म करने में मदद कर सकती है जो एक व्यक्ति अपने दाँतों को ब्रश करते समय नहीं कर पाता है। नियमित विजिट्स के बाद एक डेंटल डॉक्टर मसूड़े की बीमारी और मसूड़े की सूजन के शुरुआती लक्षणों को पहचान सकता है और उसकी रोकथाम करने में मदद कर सकता है। अगर एक ऐसी स्थिति आ जाये जिसमें मसूड़े फूल गए हों तो उसको शुरुवात में पहचान कर उसे अधिक गंभीर समस्याओं के होने से बचाया जा सकता है।

10. धूम्रपान ना करें

एक रिसर्च के अनुसार धूम्रपान व्यक्ति को मसूड़ों की बीमारी के प्रति अधिक संवेदनशील बनाता है क्योंकि यह इम्यून सिस्टम को कमजोर करता है। मसूड़ों की बीमारी के जोखिम को कम करने के लिए तुरंत धूम्रपान छोड़ना अच्छा है। हालाँकि किसी तंबाकू उत्पादों के उपयोग से हमेशा बचना चाहिए।

11. पुदीना का तेल

पुदीना के तेल की मदद से मसूड़ों को मजबूत किया जा सकता है। कॉटन बॉल की मदद से मसूड़ों पर तेल लगाने से मसूड़े में मौजूद संक्रमण दूर होगा और मसूड़े मजबूत होंगे।

13. ग्रीन टी का सेवन

इन्फेक्शन का इलाज और मसूड़ों की कमजोरी दूर करने के लिए आप ग्रीन टी का सेवन कर सकते हैं।

14. बेकिंग सोडा से राहत

मसूड़ों में दर्द या सूजन है तो एक कप पानी में एक चम्‍मच बेकिंग सोडा डालकर कुल्‍ला करें। इससे इन्फेक्शन खत्म होगा और मसूड़े हेल्दी रहेंगे। लेकिन बेकिंग सोडा का इस्‍तेमाल हर रोज़ ना करें।

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