healthplanet.net

Posted on

जब शरीर ठंडा पड़ने लगता है तब मांसपेशियों में खिंचाव होने लगता है. यह शरीर का गर्मी पैदा करने का तरीका होता है. इससे शरीर हाइपोथर्मिया में जाने से बचता है. यही वजह है कि जैसे ही शरीर का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस यानी 95 डिग्री फैरेनहाइट से कम होता है, तो कंपन उठने लगती है.
शरीर में झुरझुरी आना या उसमें कपकंपाहट होना, दो बिल्‍कुल अलग बातें हैं। कई बार आप कुछ लोगों को देखिए जिन्‍हे किसी भी प्रकार की कोई भी समस्‍या न होने पर भी उनके हाथ, पैरा या गला कापंता है। हो सकता है इनका कोई कारण है जिसे हम या आप न जानते हों। कपकपांना या ट्रिमोर दो तरीके का होता है। रेस्‍ट ट्रिमोर में आपका शरीर रेस्‍ट करता है जो अक्‍सर बहुत ज्‍यादा मेंटल स्‍ट्रेस होने पर होता है, ऐसे में डर, या भय की वजह से शरीर का कापंना सामान्‍य है। हाथ पैर कांपने के क्या कारण हैं? हाथ पैर कई अन्‍य कारणों से भी कांपते हैं। उनमें बुखार, डर, लो ब्लड प्रेशर, लो ब्लड शुगर, सेपसिस आदि हो सकते हैं। लिहाजा अगर आपको आये दिन शरीर के कांपने की समस्‍या है, तो आप डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं। सिर में कंपन क्यों होता है? कई बार शरीर न भी कांपें तो भी सिर में कंपन सा महसूस होता है। उसके भी कई कारण हो सकते हैं। उसमें इमोश्‍नल स्ट्रेस, भूख, बहुत अधिक ठंडा मौसम हो सकता है। बहुत अधिक कैफीन का सेवन करने व धूम्रपान करने से भी सिर में कंपन की शिकायत हो सकती है।

solved 5
wordpress ago 5 Answer
--------------------------- ---------------------------
+22

Author ->

Short info