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भोजन के बाद गुब्बारा बन जाता है पेट? तो जानिए क्या हो सकते हैं इसके कारण और बचाव के उपाय
पेट फूलना एक अजीब तरह की समस्या है, जो आपको असहज कर सकती है। ये न सिर्फ आपकी सोना दूभर कर सकती हैं, बल्कि इससे आपकी प्रोडक्टिविटी भी प्रभावित होती है।
खाना खाने के बाद ब्लोटिंग (Bloating) या पेट का फूलना एक सामान्य बात है। आपने भी कई बार इसका अहसास किया होगा। एक अध्ययन के मुताबिक, लगभग 16-31 फीसदी आबादी खाना खाने के बाद ब्लोटिंग यानी पेट फूलने की शिकायत करती है। ब्लोटिंग की वजह से पेट में सूजन और असहजता का अहसास होता है। इसकी वजह से कई बार आपको डकार भी आने लगती है। इसका मूल कारण पेट में अत्यधिक गैस का जमा हो जाना है। जिससे पाचन क्रिया प्रभावित होती है। अगर, आप भी इस समस्या से जूझ रहे हैं तो आपको अपने खानपान में कुछ विशेष बातों का ध्यान रखने की आवश्यकता है।
पहले जानिए क्यों होती है खाना खाने के बाद ब्लोटिंग? (Why does bloating come after a meal?)
एक्सपर्ट के मुताबिक, पेट के एब्डोमिनल एरिया में सूजन आने के कारण गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट में बड़ी मात्रा में हवा या गैस जमा हो जाती है। इसके अलावा भोजन के बाद जब शरीर भोजन को पचाता है, तब अत्यधिक मात्रा में गैस पैदा होती है।
वहीं, कुछ लोग भोजन के समय मुंह के जरिए बहुत सारी हवा निगल लेते हैं। इस कारण भी ब्लोटिंग की समस्या उत्पन्न होती है। पेट में ज्यादा गैस जमा होने के कारण पेट फूलने और डकार आने की प्रॉब्लम आती है। इससे इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम या फूड इनटॉलरेंस की समस्या पैदा हो सकती है।
कानपुर के द गैस्ट्रो लीवर हॉस्पिटल के डॉ. वी.के. मिश्रा का कहना हैं कि खाना खाने के बाद पेट का फूलना या एक ब्लोटिंग की फीलिंग होना या पेट तन जाना, ये तीनों फीलिंग एक सामान्य बात है। ब्लोटिंग इस बात पर निर्भर करती है कि आपने कितना खाना खाया या आपने क्या खाया। इसके अलावा आपने खाना कितनी तेजी से खाया। खाने में ज्यादा नमक के उपयोग से भी ब्लोटिंग की समस्या आ सकती है।
यहां हैं इस समस्या से बचने के उपाय (Know how to avoid the problem of bloating after meals)
हमें बचपन से ही भोजन को अच्छी तरह चबाकर खाने की सलाह दी जाती है। दरअसल, खाते-पीते समय बात करने और जल्दबाजी करने की वजह से हवा पेट में प्रवेश कर जाती है। जिससे गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट में अधिक गैस जमा हो जाती है। जो लोग खाने या पीने में जल्दीबाजी करते हैं, उन्हें पेट में सूजन आने की समस्या भी हो सकती है। ऐसे में भोजन आराम से करना चाहिए।
हाई फैट फूड्स से बचें (Avoid High Fat Foods)
फैट हमारी डाइट का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह आपको एनर्जेटिक रखने में मदद करता है। लेकिन शरीर में फैट को पचाने में अधिक समय लगता है। इस वजह से कई बार पेट में सूजन आ सकती है और पेट फूल सकता है। ऐसे में हाई फैट फूड्स के सेवन से बचना चाहिए। एक स्टडी में यह बात सामने आई है कि जो हाई फैट फूड्स का सेवन करते हैं, उनके पेट में सूजन आने की संभावना बढ़ जाती है।
ज्यादा फाइबर युक्त खाना न खाएं (Don’t eat too much fiber)
फाइबर युक्त भोजन में अत्यधिक मात्रा में कार्बोहाइड्रेट पाया जाता है। कार्बोहाइड्रेट युक्त भोजन पचाना आसान नहीं होता है। वैसे तो फाइबर युक्त भोजन शरीर में ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद करता है। लेकिन, हाई फाइबर फूड्स कुछ लोगों में अत्यधिक मात्रा में गैस उत्पादन का कारण बन सकता है। जबकि कम फाइबर वाले आहार से पेट के सूजन को कम करने में मदद मिलती है। ये है कुछ हाई फाइबर युक्त फूड्स, जिनके सेवन से बचना चाहिए-
-ब्रोकली
– फलियां
-जई
-मसूर की दाल
-फल, जैसे सेब और संतरे
-मटर दाल आदि।
Bloating ki samasya hone par high fiber yukt broccoli khane se bachna chahiye.
फूड इनटोलरेंस और एलर्जी (Food intolerance and allergies)
पेट में सूजन की एक बड़ी वजह फूड इनटोलरेंस और एलर्जी भी हो सकती है। इस वजह से पेट की गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट में अत्यधिक गैस का उत्पादन हो जाता है। इसकी बड़ी वजह गेहूं में पाया जाने वाला ग्लूटेन है।
कार्बोनेटेड ड्रिंक्स से बचें (Avoid carbonated drinks)
कार्बोनेटेड ड्रिंक्स में ज्यादा कार्बन डाइऑक्साइड होता है। इस वजह गैस बनती है और पेट में सूजन आ जाता है। ऐसे में कार्बोनेटेड ड्रिंक्स को नजर अंदाज कर पानी का सेवन अच्छा विकल्प हो सकता है। इससे आपको ब्लोटिंग की प्रॉब्लम नहीं आएगी।
अदरक का करें सेवन (Eat ginger)
आप सभी जानते हैं कि अदरक के सेवन से भोजन को पचाने में आसानी होती है। वहीं, इसमें पाया जाने वाला कार्मिनेटिव गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट में अत्यधिक गैस को कम करने में सहायक होता है।
च्युइंग गम से बचें (Avoid chewing gum)
अगर आप च्युइंग गम चबाने के शौकीन है तो इस आदत को छोड़ दें। दरअसल, इसे चबाते समय पेट में अत्यधिक मात्रा में हवा चली जाती है। जो हवा गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट में जमा हो जाती है और सूजन पैदा कर सकती है।
खाने के बाद हल्का व्यायाम करें (Do light exercise after eating)
एक अध्ययन में पाया गया कि हल्का शारीरिक व्यायाम गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट से गैस को हटाने में मदद करता। इसलिए खाने के बाद हल्का व्यायाम, जैसे टहलने जाना, पेट की सूजन को कम करने में मदद करता है।
खाना खाते समय बात करने से बचें (Avoid talking while eating)
अगर आप भोजन करते समय बात करते हैं तो हवा निगलने की संभावना बढ़ जाती है। इससे गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट में हवा का निर्माण हो सकता है। इससे आपके पेट में सूजन हो सकती है।
कब है आपको डॉक्टर को दिखाने की जरूरत (When to see a doctor)
वैसे तो खाने के बाद सूजन एक सामान्य समस्या है। लेकिन कई बार यह परेशानी बढ़ जाती है। ऐसी स्थिति में उचित उपचार कराना बेहद आवश्यक है। अगर, आपको भी ब्लोटिंग के दौरान यह समस्याएं आएं तो अपने डॉक्टर को दिखाना चाहिए-
-पेट में अत्यधिक दर्द
-थकान
-दस्त
-जी मिचलाना
-कब्ज
-थकान
-वजन कम होने लगे
-त्वचा की जलन
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