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यह बॉर्डरलाइन पर्सनैलिटी डिसॉर्डर (बीपीडी) भी हो सकता है। वैसे ये लक्षण कभी-कभार सबमें दिखाई दे जाते हैं, पर बीडीपी से पीड़ित लोगों में यह व्यवहार बहुत बढ़ जाता है। ज्यादातर समय मरीज बेहद संवेदनशील रहने लगता है। कुल मिलाकर, यह व्यक्ति के मूड, छवि और व्यवहार में तेजी से बदलाव आने की दिक्कतों से जुड़ी मानसिक समस्या है।

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