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पेरासिटामोल को नियमित
बिना सोचे समझे पैरासिटामॉल लेना है नुकसानदायक, जानें कब नहीं करना चाहिए सेवन
अरे मुझको बहुत तेज सिरदर्द हो रहा है चलो गोली खा लेता हूं आराम मिल जाएगा, बदन दर्द हो रहा है गोली खा ली, हल्का सा बुखार या घबराहट हुई दवाई का डिब्बा उठाया और गोली खा लीं। कुछ ऐसा ही आप भी करते होंगे ना बिना किसी डॉक्टर को दिखाए मन से या फिर मेडिकल शॉप वाले से पूछकर दवाई खा लेते होंगे। आज बाजार में कई तरह के पेन किलर मौजूद हैं और बिना किसी डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के न सिर्फ बिक रहे हैं बल्कि लोग इन पेन किलर का इस्तेमाल आंख मूंद कर रहे हैं। शरीर में होने वाले हल्के-फुल्के दर्द में अक्सर हम उसे कम करने के लिए पेन किलर का सहारा ले लेते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं बिना किसी डॉक्टर की सलाह के पेन किलर लेने से शरीर को कितने नुकसान हो सकते हैं। डॉक्टरों का मानना है कि गलत दवाइयां या दवा की एक गलत डोज लेने से शरीर को कई गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। कई बार गलत दवाओं का सेवन जानलेवा साबित हो सकता है। इन्हीं आम दवाओं में से एक है पैरासिटामॉल। ज्यादातर लोग बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द या सर्दी-जुकाम जैसी समस्या होने पर पेरासिटामोल का सेवन कर लेते हैं। तो आइए जानते हैं कि क्या बिना सोचे-समझे पैरासिटामोल लेना सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है?
कौन-कौन सी बीमारी में काम आती है पेरासिटामोल
पेरासिटामोल का सेवन बुखार के तापमान को कम करने, दर्द से राहत पाने के लिए किया जाता है। कई बार छोटे बच्चों को भी वैक्सीनेशन के बाद हुए बुखार से निजात दिलाने के लिए पैरासिटामोल दी जाती है। दिल्ली में अपने निजी क्लीनिक पर प्रैक्टिस कर रहे डॉक्टर आरएस भदौरिया का कहना है कि पेरासिटामोल या किसी भी पेनकिलर का सेवन करने से पहले चिकित्सक की सलाह लेना जरूरी होता है। अगर बिना डॉक्टर की सलाह लिए पैरासिटामोल का सेवन किया जाए तो इससे एसिडिटी, पेट में दर्द और पेट में अल्सर होने का खतरा रहता है। कई गंभीर स्थितियों में खून की उल्टी भी हो सकती है।
उन्होंने कहा कि अगर आपको बुखार, बदन दर्द या किसी भी तरह की समस्या है तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। डॉक्टर बुखार की वजह का पता लगाएंगे और उसके बाद दवाएं देंगे। कई बार डॉक्टर्स इन बीमारियों में पेरासिटामोल लेने की सलाह तो देते इसके साथ ही कई और दवाएं भी देते हैं, ताकि कोई परेशानी न हो।
किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है पेरासिटामोल
डॉक्टरों का कहना है कि एक दिन में पैरासिटामोल का अधिक सेवन करना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में प्रकाशित यूनिवर्सिटी ऑफ सिडनी की एक स्टडी के मुताबिक एक इंसान एक साल यानी की 360 दिन में 300 ग्राम पेरासिटामोल का सेवन करता है तो इससे किडनी से जुड़ी बीमारियां हो सकती हैं।
इन्हें नहीं करना चाहिए पेरासिटामोल का सेवन
अगर कोई व्यक्ति लीवर, पीलिया या किसी तरह की किडनी संबंधित बीमारी से ग्रसित है तो उसे किसी भी दर्द से राहत पाने के लिए पेरासिटामोल का सेवन नहीं करना चाहिए।
इसके अलावा कई लोग दर्द से राहत पाने के लिए आईब्रूफेन, पुदीन हरा जैसी दवाओं का भी सहारा लेते हैं, लेकिन बिना किसी डॉक्टर से सलाह लिए किसी भी तरह की दवा का सेवन शरीर को राहत दिलाने की बयान नुकसान पहुंचा सकता है।रूप से कई वर्षों तक लेना सुरक्षित है, जब तक कि आप अनुशंसित खुराक से अधिक नहीं लेते।
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