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असल में बाल सूरज की किरणों, क्लोरीन, और नमक वाले पानी के अधिक संपर्क में आने पर शुष्क हो सकते हैं। इनके अलावा स्टाइलिंग और रासायनिक उत्पादों के उपयोग के कारण भी बालों में रूखापन आ सकता है।

बालों के रूखे होने के पीछे जीवनशैली, खान-पान, बीमारी, दवाईयां बहुत सारे चीजों की भूमिका होती है। चलिये इनके बारे में जानते हैं-

–हीट स्टाइलिंग उपकरण का अत्यधिक उपयोग- बालों पर हेयर ड्रायर (Dryers), कर्लर (Curlers) और स्ट्रेटनर (Straighteneres) का बहुत ज्यादा उपयोग भी बालें के टूटने, रूखे और बेजान होने का एक प्रमुख कारण होता है।

–खराब या गलत हेयर केयर प्रोडक्ट्स का उपयोग– वास्तव में गलत एवं खराब उत्पादों में मौजूद रसायन किसी भी वस्तु को जला सकता है। सिर की त्वचा में हाथ-पैरों की त्वचा की तुलना में अधिक छिद्र होते हैं, इसलिए उस पर इतने तेज रसायनों का उपयोग करने से तनाव का सामना करना पड़ सकता है। जिसके कारण बाल रूखे हो जाते हैं।

–अत्यधिक बाल धोने के कारण– बालों को बहुत ज्यादा शैम्पू करने से भी बाल रूखे हो सकते हैं। हालांकि शैम्पू करने की मात्रा हर व्यक्ति के लिए अलग होती है लेकिन एक सप्ताह में दो से तीन बार शैम्पू करना आदर्श माना जाता है। बहुत अधिक शैम्पू करने से बालों के प्राकृतिक और सुरक्षात्मक तेल बालों से निकल जाते हैं जो इसे चमक देते हैं। इससे सिर की त्वचा भी रूखी और खुजलीदार होती है और बाल भी रूखे हो जाते हैं।

–पर्यावरणीय कारक– आप जिस वातावरण में रहते हैं, वह भी आपके बालों को रूखा बना सकता है। सूरज की अत्यधिक गर्मी, ठंडी हवाओंं और कम नमी आदि से भी आपके बालों पर अत्यधिक प्रभाव पड़ता है। बालों की चमक भी धूप के संपर्क में आने पर फीकी हो जाती है। यदि आप उष्णकटिबंधीय जलवायु (Tropical climate) में रहते हैं, तो संभावना है कि आप क्लोरीनयुक्त पानी में अधिक समय बिताते हैं, जो बालों को रूखा बनाने के लिए मशहूर है।

-दवाएं– कई दवाओं के कारण भी बाल रूखे और पतले हो जाते हैं। जिनमें अवसादरोधी, एंटीबायोटिक, मुहाँसों की दवाएं, एंटीफंगल, कीमोथेरेपी वाली दवाएं, हाई बीपी की दवाएं, वजन घटाने की दवाएं, गठिया और कई अन्य दवाएं आती हैं। डॉक्टर से परामर्श किए बिना कोई भी दवा लेना बंद या बदलनी नहीं चाहिए। लेकिन डॉक्टर से अपनी चिंताओं, समस्या के लक्षणों और संभावित विकल्पों के बारे में बात करें। कभी-कभी सिर्फ दवाएं बदलकर शुष्क बालों की समस्या का समाधान (balo ki samasya ka samadhan)हो जाता है।

-बीमारी-बालों का रुखा होना इन दो बीमारियों का संकेत हो सकता है-

एनोरेक्सिया डिसॉर्डर (Anorexia nervosa)- ये एक ऐसी समस्या है जिसका संबंध हमारे खान-पान से होता है, इस समस्या में व्यक्ति मोटा होने के डर से अपने खाने-पीने में कमी कर देता है और भूख लगने पर भी खाना नहीं खाता, जिसके कारण उस व्यक्ति के शरीर को आवश्यक पोषक तत्व नहीं मिल पाते और शरीर में प्रोटीन और विटामिन्स की कमी होने लगती है, इस कमी का प्रभाव सबसे पहले व्यक्ति के बालों पर पड़ता है और उसके बाल रुखे और बेजान होकर टूटने या झड़ने लगते हैं।

हाइपोथाइरॉडिज्म (Hypothyroidism)- ये एक ऐसी बीमारी है जिसमें थाइरॉयड ग्रन्थिया थाइरॉयड हॉर्मोन का उत्पादन करना बन्द कर देती है, इस बीमारी का सबसे पहला लक्षण रूखे और बेजान बाल है। यदि आप के बाल भी रूखे और बेजान होने लगे है तो शीघ्र अति शीघ्र इस बीमारी का टेस्ट कराएं।

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