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किन कारणों से होती है पेशाब करते समय जलन, जानिए कारण और निदान

Causes of painful urination or dysuria: कभी-कभी पेशाब करते समय जलन का एहसास होता है. हममें से अधिकांश लोग इस समस्या से कभी न कभी जरूर जूझते हैं. मेडिकल भाषा में इसे डिस्यूरिया (Dysuria) कहते हैं. इस स्थिति में कभी-कभी पेशाब के रास्ते में जलन के साथ-साथ तेज दर्द भी होने लगता है. स्थिति गंभीर हो जाने के बाद पेशाब करते समय ऐसा लगता है कि आग बाहर निकल रही है. बहुत भारीपन का भी एहसास होता है. चूंकि पेशाब का सीधा संबंध शरीर के ब्लैडर और किडनी से है, इसलिए ये दोनों अंग भी पेशाब करते समय प्रभावित होते हैं.

हालांकि अलग-अलग व्यक्ति में अलग-अलग तरह के लक्षण हो सकते हैं लेकिन डिस्यूरिया के कई कारण हो सकते हैं. अधिकांश मामलों में पेशाब में जलन बहुत बड़ी परेशानी नहीं देती लेकिन इसे ज्यादा दिनों तक नजरअंदाज खतरे से खाली नहीं है. इसलिए यह जानना जरूरी है कि पेशाब में जलन होती क्यों है.

क्या है पेशाब में जलन के कारण
यूटीआईपेशाब में जलन या पेनफुल यूरीनेशन के कई कारण हो सकते हैं. अगर व्यक्ति को पेशाब के रास्ते में कोई संक्रमण (Urinary tract infection) हो गया है यानी यूरेथ्रा (Urethra) में बैक्टीरिया की संख्या अत्यधिक बढ़ गई हो तो पेशाब में जलन हो सकती है. इस स्थिति में बार-बार पेशाब करने की इच्छा, कभी-कभी पेशाब के रास्ते ब्लड (Blood) का आना, बुखार, पेशाब करते समय भारीपन का एहसास पीठ में दर्द करना आदि लक्षण दिखाई देते हैं.

एसटीआई
यौन जनित संक्रमण (Sexually transmitted disease) जैसे कि क्लेमाइडिया, गोनोरिया, हर्प्स आदि संक्रमण के कारण भी पेशाब करते समय जलन होती है. इस स्थिति में अलग-अलग तरह के लक्षण दिखाई देते हैं. इसमें प्राइवेट पार्ट के आस-पास दाने या फफोले की तरह भी निकल सकते हैं.

प्रोस्टेट इंफेक्शन
प्रोस्टेट में इंफेक्शन पुरुषों को ही हो सकता है.इसे प्रोस्टैटिस (prostatitis) कहते हैं. इसमें प्रोस्टेट में सूजन भी आ सकती है. सेक्शुअली ट्रांसमीटेड डिजीज के कारण भी प्रोस्टेटट में सूजन आ सकती है. प्रोस्टेट में इंफेक्शन के कारण पेशाब करने में बहुत दर्द होता है, ब्लैडर और प्राइवेट पार्ट में भी दर्द हो सकता है. इसके अलावा इजेकुलेशन में भी बहुत दर्द होता है.

किडनी स्टोन
अगर किडनी में स्टोन हो जाए तो पेशाब करते समय जलन हो सकती है. इसमें पेशाब का रंग पिंक या ब्राउन हो जाता है. बुखार, उल्टी, बेचैनी जैसे लक्षण भी इसमें दिखने लगते हैं.

केमिकल
कुछ केमिकल का इस्तेमाल भी डिस्यूरिया का कारण बन सकता है. जैसे कुछ साबुन, सेंटेंड टॉयलेट पेपर, गर्भनिरोधक फोम, वेजाइनल लूब्रिकेंट, प्राइवेट पार्ट के लिए इस्तेमाल होने वाले कुछ केमिकल आदि से भी पेशाब करते समय जलन हो सकती है.

इलाज क्या है
आमतौर पर एक-दो दिनों के अंदर डिस्यूरिया की बीमारी ठीक हो सकती है लेकिन कुछ मामलों में डॉक्टरों के पास जाना जरूरी है. यदि दो दिन के बाद भी पेशाब में जलन होती रहे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. इसके लिए सामान्य एंटीबायोटिक दवाइयां हैं जो डॉक्टर की सलाह से ही लेनी चाहिए.

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