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बाइपोलर डिसऑर्डर को नियंत्रित करने के लिए तनाव का स्‍तर कम होना चाहिए। इसके साथ ही मरीज को भरपूर नींद के साथ ही नशीले पदार्थो के सेवन से दूर और अपने आत्‍मविश्‍वास को मजबूत रखना चाहिए। साथ ही ऐसे रोगियों की दवा, मनोवैज्ञानिक इलाज और पारिवारिक काउंसलिंग आदि महत्वपूर्ण बातों का ध्‍यान रखना चाहिए।

बाइपोलर डिसऑर्डर के लक्षणों को कम करने के प्राकृतिक तरीके-

एक्सरसाइज

बाइपोलर डिसऑर्डर के लक्षणों को कम करने में एक्सरसाइज फायदेमंद है। खुद को सक्रिय रखना आपको बाइपोलर डिसऑर्डर में मदद कर सकता है इसलिए नियमित एक्सरसाइज करें। लो-इंटेसिटी और मोडरेट एक्सरसाइज आपके लिये लाभकारी होंगी। इससे एंडोर्फिन केमिकल रिलीज होता है जो आपको अच्छा महसूस करता है।

स्वस्थ दिनचर्या

जब आप डिप्रेशन में होते हैं या मूड स्विंग्स के कारण भी आप बुरी आदते अपनाने लगते हैं जैसे खाना ना खाना, पूरी नींद ना लेना आदि। ऐसा ना करें। स्वस्थ दिनचर्या अपनाएं, स्वस्थ खाएं, सही समय पर स्नैक्स लें, पर्याप्त प्रोटीन खाएं।

अपनी रुचियों को जिएं

बाइपोलर डिसऑर्डर के दौरान जब आप डिप्रेशिव मूड में नहीं है तो इस दौरान आपको अपनी रुचि को पूरा करने में समय बिताना चाहिए ताकि आप अच्छा महसूस करें।

लोगों से जुड़ें

अकेले ना रहें, लोगों के साथ समय बिताएं। बाइपोलर डिसऑर्डर के दौरान अकेले रहने से आपका डिप्रेशन बढ़ सकता है। इसलिए लोगों से जुड़ें, बात करें और करीबियों के साथ समय बिताएं।

पर्याप्त नींद लें

बाइपोलर डिसऑर्डर के दौरान लोगों को नींद लेने में परेशानी हो सकती है इसलिए आपको पर्याप्त नींद लेने की कोशिश करनी चाहिए। एक ही स्लीपिंग पैटर्न अपनाना चाहिए। हर रोज एक ही समय पर सोएं और उठें।

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