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बांझपन की आयुर्वेदिक दवा, इलाज और जड़ी बूटियां -
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महिलाओं में इंफर्टिलिटी बहुत ही गंभीर समस्या है. इंफर्टिलिटी की समस्या महिलाओं में कई कारणों से हो सकती है, जिसमें ओव्यूलेशन डिसऑर्डर, पीसीओएस, प्रीमैच्योर ओवेरियन फेल्योर, फैलोपियन ट्यूब में क्षति इत्यादि प्रमुख कारण होते हैं.

लेकिन समय पर इसके लक्षणों को पहचानकर इसका इलाज करना संभव है. इंफर्टिलिटी की परेशानी को दूर करने के लिए आप कई तरह के उपचारों का सहारा ले सकते हैं. एलोपैथिक उपचार के अलावा आयुर्वेद इलाज के जरिए भी महिलाओं में इंफर्टिलिटी की परेशानी दूर की जा सकती है.

आज हम इस लेख में आपको महिलाओं में इंफर्टिलिटी की परेशानी को दूर करने का आयुर्वेदिक इलाज बताएंगे.
बांझपन दूर करने की आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां -
चंद्रप्रभा वटी
शतावरी
अश्वगंधा
हल्दी
त्रिफला गुग्गुल
मंजिष्ठा
इनफर्टिलिटी के लिए कुछ अन्य जड़ी-बूटियां
बांझपन को दूर करने के कुछ आयुर्वेदिक इलाज - Ayurvedic treatments for infertility in Hindi

बांझपन की आयुर्वेदिक दवा, इलाज और जड़ी बूटियां के डॉक्टर
बांझपन दूर करने की आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां -
ऐसी कई आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां हैं जिनके सही उपयोग से आप इनफर्टिलिटी या बांझपन की समस्या को दूर कर सकती हैं। इनमें शामिल हैं चंद्रप्रभा वटी, शतावरी, अश्वगंधा, हल्दी, त्रिफला गुग्गुल और मंजिष्ठा।

आइये इनके सही उपयोग के बारे में विस्तार से जानते हैं।
चंद्रप्रभा वटी

चंद्रप्रभा वटी के इस्तेमाल से महिलाओं में इंफर्टिलिटी की परेशानी को दूर किया जा सकता है. दरअसल, आयुर्वेद में चंद्रप्रभा वटी का इस्तेमाल ओव्यूलेशन डिसऑर्डर को दूर करने के लिए किया जाता है. ओव्यूलेशन डिसऑर्डर और थायराइड हार्मोन असंतुलित होने की वजह से भी महिलाओं में इंफर्टिलिटी की शिकायत हो सकती है. इन दोनों ही परिस्थितियों में आयुर्वेद के इलाज के दौरान चंद्रप्रभा वटी का इस्तेमाल किया जाता है. इस स्थिति में माना जा सकता है कि चंद्रप्रभा वटी के सेवन से महिलाओं में इंफर्टिलिटी की परेशानी को दूर किया जा सकता है.
शतावरी
आयुर्वेदिक इलाज के दौरान महिलाओं में प्रजनन क्षमता को बढ़ाने के लिए शतावरी का इस्तेमाल किया जा सकता है. रिसर्च के मुताबिक, ओव्यूलेशन डिसऑर्डर के इलाज में शतावरी का इस्तेमाल किया जाता है. यह जड़ी-बूटी महिला डिंब या अंडे को पोषण देने में मददगार होती है. साथ ही इससे प्रजनन क्षमता को बढ़ाती है. दरअसल, शतावरी में एस्‍ट्रोजेन जैसे यौगिक मौजूद होते हैं, जो महिलाओं में प्रजनन क्षमता को बढ़ाने में मददगार हो सकते हैं.
अश्वगंधा

अश्वगंधा एक आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है, जिसका इस्तेमाल महिलाओं में इंफर्टिलिटी की परेशानी को दूर करने के लिए किया जा सकता है. 2016 में हुई स्टडी के मुताबिक, अश्वगंधा के इस्तेमाल से तनाव और पीसीओएस के लक्षणों को सुधारा जा सकता है, जिससे कोर्टिसोल के स्तर को संतुलित करने में मदद मिलती है. वहीं, जिन महिलाओं का वजन कम (underweight) है या फिर जो अविकसित सर्विक्स और यूट्रस की परेशानी (undeveloped uterus or cervix) से जूझ रही हैं, उनके लिए अश्वगंधा असरकारी हो सकता है. ऐसे में अश्वगंधा की मदद से आप इंफर्टिलिटी की परेशानी से दूर हो सकते हैं.
हल्दी

हल्दी में मौजूद करक्यूमिन से हल्दी को पीला रंग प्राप्त होता है. करक्यूमिन में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होता है. साथ ही यह इंसुलिन प्रतिरोध को कम करने के गुणों से भरपूर है. इसके इस्तेमाल से पीसीओएस में होने वाली परेशानियों को दूर किया जा सकता है. ऐसे में महिलाओं में इंफर्टिलिटी के कारणों को दूर करके इसका इलाज करना संभव हो जाता है.
त्रिफला गुग्गुल

आयुर्वेद में त्रिफला गुग्गुल का इस्तेमाल भी महिलाओं में इंफर्टिलिटी की परेशानी को दूर करने के लिए किया जा सकता है. दरअसल, अध्ययन के मुताबिक, त्रिफला गुग्गुल से ब्लॉक फैलोपियन ट्यूब (Blocked fallopian tubes), आसंजन (scar tissue) और श्रोणि में सूजन की बीमारी (pelvic inflammatory disease) को दूर किया जा सकता है. इन समस्याओं के कारण महिलाओं को इंफर्टिलिटी की परेशानी हो सकती है. ऐसे में आप त्रिफला गुग्गुल का इस्तेमाल करके इंफर्टिलिटी से बचाव कर सकते हैं.
मंजिष्ठा

ग्रीवा में मौजूद बलगम को कम करने में मंजिष्ठा का इस्तेमाल किया जा सकता है. ग्रीवा बलगम (Cervical mucus) के कारण महिलाओं में इंफर्टिलिटी की परेशानी हो सकती है. इस स्थिति में आप मंजिष्ठा का इस्तेमाल कर सकते हैं. आयुर्वेद एक्सपर्ट के सलाहनुसार आप इस जड़ी-बूटी के इस्तेमाल से इंफर्टिलिटी की समस्या से दूर हो सकते हैं.
इनफर्टिलिटी के लिए कुछ अन्य जड़ी-बूटियां

उपरोक्त जड़ी-बूटियां के अलावा भी कुछ ऐसी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां हैं जो इनफर्टिलिटी की समस्या को दूर करने में कारगर हैं, जैसे -

कौंच (Mucuna pruriens)
विदारीकंद (Pueraria tuberosa)
क्षीरविद्री (Ipomoea digitata),
सिडा कोर्डिफोलिया (Sida cordifolia)
नागबाला Nagbala (Grewia hirsuta)
योगराज गुग्गुल (Yograj Guggulu)
फलाघृत (Phala Ghrita)
अशोकारिष्ट (Ashokarishta)
कंचनरा गुग्गुलु (Kanchanara guggulu)
एलोवेरा (Aloe vera)
बांझपन को दूर करने के कुछ आयुर्वेदिक इलाज - Ayurvedic treatments for infertility in Hindi

एनसीबीआई पर छपी रिपोर्ट्स के मुताबिक, महिलाओं में इंफर्टिलिटी की परेशानी को दूर करने के लिए आयुर्वेदिक उपचारों की सलाह दी जाती है. स्टडी के मुताबिक, आयुर्वेद में महिला के प्रजनन अंगों में होने वाली परेशानी को दूर करने के लिए पंचकर्मा (शुद्धिकरण चिकित्सा), स्नेहन (औषधीय तेल का मौखिक सेवन) और विरेचन (शुद्धिकरण) जैसे उपचारों का सहारा लिया जाता है. इन आयुर्वेदिक उपचारों से डिंब का उत्पादन बढ़ाया जाता है.


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